सर्दियों में पूरे शरीर की देखभाल बेहद जरूरी होती है। कई बार ध्यान रखने के बावजूद अचानक शरीर सर्दी से कांपने लगता है, हाथ-पैर ठंडे हो जाते हैं और बोलते समय मुंह खोलने में भी मुश्किल होती है। ऐसे लक्षण देखकर समझ पाना मुश्किल हो जाता है कि असल में क्या हो रहा है और अब क्या करना चाहिए?

 

इस स्थिति को ‘विंटर एंग्जायटी’ या ‘कोल्ड-इंड्यूस्ड पैनिक अटैक’ कहा जाता है, जिसके बारे में अधिकांश लोग कम ही जानते हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं, लेकिन मुख्य वजह शरीर के तापमान में अचानक बदलाव है। जब शरीर का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिरता है, तो शरीर में कंपन होने लगता है और मांसपेशियां तेजी से सिकुड़ने और फैलने लगती हैं। इससे रक्त संचार प्रभावित होता है और घबराहट, पसीना या बेचैनी महसूस होने लगती है।

 

विंटर एंग्जायटी सिर्फ शरीर से ही नहीं, बल्कि मन से भी जुड़ी होती है। सर्दियों में तनाव हार्मोन कॉर्टिसोल बढ़ जाता है, जिससे एंग्जायटी और बेचैनी बढ़ सकती है और कभी-कभी बिना वजह रोने का मन भी कर सकता है। इसके अलावा, सर्दियों में रक्त वाहिकाओं का सिकुड़ना या उनमें दबाव बढ़ जाना भी विंटर एंग्जायटी का कारण बन सकता है।

 

आप क्या करें?

 

अगर आपको ऐसा लगे कि विंटर एंग्जायटी हो रही है, तो सबसे पहले खुद को शांत करने की कोशिश करें। आरामदायक वातावरण में लंबी और गहरी सांस लें। इससे रक्त वाहिकाओं पर दबाव कम होगा और दिल और मस्तिष्क तक ऑक्सीजन अच्छी तरह पहुंचेगी।

 

साथ ही, गुनगुने पानी में थोड़ा नमक डालकर धीरे-धीरे घूंट-घूंट पीना भी मदद करता है। यह तंत्रिका तंत्र को शांत करता है। अगर हाथ-पैर बहुत ठंडे हैं तो दोनों हाथों को आपस में रगड़ें और आंखों और कान के पीछे हल्का दबाव डालें। ये नसें शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करती हैं।

 

अगर कंपकंपी बहुत अधिक हो रही हो, तो मोटे कंबल में लिपट जाएं और किसी से कंबल के ऊपर से हल्का गले लगाने के लिए कहें। इसे डीप टच प्रेशर कहते हैं, जो न सिर्फ गर्माहट देता है बल्कि सुरक्षा का एहसास भी दिलाता है।

 

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसमें दी गई जानकारी को किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प न माना जाए। किसी भी स्वास्थ्य समस्या, लक्षण या परेशानी की स्थिति में डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। The Headlines हिंदी इस जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।