भागदौड़ भरी जिंदगी में एक-दूसरे से आगे निकलने की हौड़ से कहीं न कहीं हर कोई तनावग्रस्त है। ऐसे में खुद पर भरोसा करना कि जो तुम कर रहे हो वो बाकियों से अलग और हटकर है...बेहद जरूरी है। साथ ही साथ सबसे जरूरी बात कि खुद के करियर को लेकर जब बात हो रही हो तो खुद की सुनें, इस दौरान यदि किसी को न कहना भी पड़ जाए तो कहें कि कबूल है। ऐसा इसलिए क्योंकि आपका हर फैसला सीधे तौर पर आपके करियर को प्रभावित करेगा और जब बात सिर्फ और सिर्फ आपकी, आपके भविष्य की हो तो हर फैसले का असर आपको ही होगा। ऐसे में जरूरी है कि सिर्प अपने दिल की सुनें।
अपने काम के समय और व्यक्तिगत समय के बीच अंतर समझे
आपका प्रोफेशनल लाइफ और पर्सनल लाइफ अलग-अलग है, इसे एक करने की गलती न करें। ऑफिस से अपना काम पूरा करके निकले तो खुद की जिंदगी जिएं। वो करें जो सिर्प आपको पसंद है, खुद के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं। अपने काम, जिम्मेदारियों के बीच खुद को खोने न दें।
लोगों से खुलकर बात करें
ऑफिस में आपके सहकर्मी और मैनेजर से स्पष्ट तरीके से कोई भी बात रखें। अपने आवाज बोल्ड रखें और अपनी बात सीधे तौर पर कहें। ऐसा करना आपके आत्मसम्मान और लोगों के प्रति प्रोफेशनल व्यवहार को बनाए रखने में मददगार होगा।
डिजिटल उपकरणों का सही उपयोग
अपने महत्वपूर्ण काम के लिए डिजिटल उपकरण का सही प्रयोग करें। डू नॉट डिस्टर्ब का ऑपशन यूज करें जब आप कुछ जरूरी काम कर रहे हों। मीटिंग के लिए अलर्म सेट करें, अपने कामों का एक्सेल सीट तैयार करें। साथ ही कर काम का रिकॉर्ड अपने पास रखें।
इन टिप्स का उपयोग करके आप अपने करियर में आगे जा सकते हैं। अंत में यहीं कि जो भी करो उसका फैसला खुद लो, किसी और की मत सुनो क्योंकि ये करियर तुम्हारा है और यदि किसी और के फैसले से तुम्हारा करियर बर्बाद हुआ तो नुकसान भी तुम्हारा है।









