सनातन परंपरा में गरुड़ पुराण को अठारह प्रमुख पुराणों में विशेष स्थान दिया गया है। इस ग्रंथ में मनुष्य की मृत्यु, आत्मा के शरीर त्यागने के बाद की यात्रा और उससे जुड़े कई रहस्यों का विस्तार से वर्णन मिलता है। इसमें यह बताया गया है कि मृत्यु एक ऐसा सत्य है जिसे कोई भी प्राणी टाल नहीं सकता। जब किसी के जीवन की अंतिम घड़ी आती है, तो उससे पहले कुछ संकेत दिखाई देने लगते हैं, जो व्यक्ति के अंत समय का संकेत माने गए हैं।
आइए जानते हैं गरुड़ पुराण में बताए गए ऐसे 6 संकेत-
1. अपनी परछाईं न दिखना
गरुड़ पुराण के अनुसार, यदि किसी इंसान को अचानक अपनी ही परछाईं दिखाई देना बंद हो जाए, तो यह मृत्यु के नज़दीक होने का संकेत माना जाता है। ऐसा बदलता हुआ दृश्य व्यक्ति के अंत समय की ओर इशारा करता है।
2. पूर्वजों का दिखाई देना
कहा गया है कि जीवन के अंतिम पड़ाव में व्यक्ति को अपने पितृ या पूर्वज अचानक दिखाई देने लगते हैं। यदि कोई पूर्वज बुलाता हुआ महसूस हो, तो इसे भी मृत्यु का चेतावनी संकेत माना गया है।
3. यमदूत का अनुभव होना
ग्रंथ में उल्लेख है कि जब व्यक्ति का जीवन समाप्त होने वाला होता है, तो उसे यमदूत जैसी आकृतियां दिखाई देने लगती हैं। ऐसा लगता है जैसे कोई अदृश्य शक्ति उसे अपने साथ ले जाने आई हो। इस दौरान अजीब-सी नकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति भी होती है।
4. पिछले कर्मों का स्मरण
अंतिम समय में मनुष्य अपने किए गए सभी अच्छे-बुरे कर्मों को तेजी से याद करने लगता है। यह अनुभव अचानक और बिना किसी कारण होने लगे, तो यह भी मृत्यु के करीब होने का संकेत बताया गया है।
5. हथेली की रेखाओं में परिवर्तन
गरुड़ पुराण के अनुसार, हाथों में बनी रेखाओं का धुंधला पड़ना या उनका स्पष्ट रूप से न दिखना भी जीवन के अंत का एक महत्वपूर्ण सूचक माना गया है।
6. मृत्यु मार्ग या द्वार का दिखाई देना
अंत समय आने पर व्यक्ति को एक अनोखा मार्ग या किसी अजीब से द्वार जैसी आकृति दिखने लगती है। यह अनुभव बहुत रहस्यमयी माना जाता है और इसे मृत्यु का अंतिम संकेत बताया गया है।
Disclaimer:
यह जानकारी प्राचीन मान्यताओं और धार्मिक ग्रंथों पर आधारित है। The Headlines Hindi किसी भी मान्यता या दावे की सत्यता की पुष्टि नहीं करता। कोई भी निर्णय लेने से पहले संबंधित विशेषज्ञ या विद्वान से सलाह अवश्य लें।









