फरवरी के आखिर में ही धूप इतनी तेज होने लगी है कि लगता है इस बार गर्मी जल्दी दस्तक दे रही है। ऐसे में जिनके घर में एसी है, वो सोचने लगते हैं, अब स्टोर रूम से एसी निकालने का वक्त आ गया। लेकिन एसी चालू करने से पहले एक जरूरी काम है जो अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, और वो है सर्विसिंग।
पहले एसी की सर्विस मतलब बस एयर फिल्टर साफ करवाना होता था। लेकिन अब टेक्नोलॉजी के साथ-साथ एसी सर्विसिंग भी हाईटेक हो गई है। आजकल मैकेनिक आपके दरवाजे पर आते हैं और दो तरह की सर्विस ऑफर करते हैं, एक है Jet Service यानी हाई-प्रेशर वॉटर से डीप क्लीनिंग, और दूसरी है Normal या Dry Service जो पहले से चली आ रही पारंपरिक सफाई है। दोनों की कीमत अलग है, और दोनों के फायदे-नुकसान भी। तो सवाल यही है, आपके एसी के लिए कौन सी सर्विस बेस्ट रहेगी? आइए दोनों को detail में समझते हैं।
Jet Pump Service क्या होती है?
Jet Service में हाई-प्रेशर वॉटर पंप का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें एसी के कूलिंग कॉइल्स, फिन्स और ब्लोअर को पानी की तेज धार से अंदर तक साफ किया जाता है। यह धूल और जमी हुई गंदगी को निकालने का सबसे असरदार तरीका माना जाता है। जब एसी कई महीनों से बंद पड़ा हो, या रोजाना 12 से 18 घंटे चलता हो, तो कॉइल्स पर धूल और ग्रीस की मोटी परत जम जाती है। ऐसे में सिर्फ ब्रश से सफाई काफी नहीं होती, जेट पंप ही वो गंदगी निकाल सकता है जो सालों से अंदर जमी हो।
Jet Service के फायदे: सबसे बड़ा फायदा यह है कि कूलिंग काफी बेहतर हो जाती है। जब कॉइल्स साफ होती हैं तो गर्मी आसानी से बाहर निकलती है और एसी कमरे को तेजी से ठंडा करता है। इसके अलावा कंप्रेसर पर कम लोड पड़ता है और बिजली की खपत भी 10 से 20 प्रतिशत तक कम हो सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जेट सर्विस के बाद एसी की लाइफ भी बढ़ती है।
Jet Service में क्या सावधानी जरूरी है?
अगर मैकेनिक अनुभवहीन है तो हाई-प्रेशर वॉटर से कॉइल्स की नाजुक एल्युमिनियम फिन्स मुड़ सकती हैं। इससे एसी की efficiency उल्टा कम हो जाती है। इसलिए जेट सर्विस के लिए हमेशा किसी भरोसेमंद और trained टेक्नीशियन को ही बुलाएं। सर्विस का खर्च थोड़ा ज्यादा है लेकिन अगर सही तरीके से हो, तो यह एक अच्छा investment है।
Normal (Dry) Service क्या होती है?
नॉर्मल या ड्राई सर्विस वो पुरानी पारंपरिक सर्विस है जो सालों से होती आई है। इसमें एयर फिल्टर को धोया जाता है, ब्लोअर को ब्रश और स्प्रे से साफ किया जाता है और बाहरी हिस्से की सफाई की जाती है। इसमें पानी का उपयोग बहुत कम होता है या नहीं होता, इसीलिए इसे 'ड्राई सर्विस' भी कहते हैं।
Dry Service के फायदे: यह सर्विस सस्ती होती है और जल्दी हो जाती है। साथ ही पानी का इस्तेमाल कम होने से PCB (Printed Circuit Board) या सेंसर के खराब होने का खतरा नहीं रहता। अगर आपके एसी की पिछले सीजन में जेट सर्विस हो चुकी है और उपयोग भी ज्यादा नहीं होता, मतलब रोज 5 से 7 घंटे- तो ड्राई सर्विस पूरी तरह से काफी है।
Dry Service की सीमाएं: इसकी सबसे बड़ी कमी यह है कि यह ऊपरी सफाई तक ही सीमित रहती है। कॉइल्स के गहरे कोनों में जमी धूल और ग्रीस इससे पूरी तरह नहीं निकलती। अगर एसी ज्यादा घंटे चलता है या धूल भरे इलाके में लगा है, तो ड्राई सर्विस के बाद भी एसी की performance उतनी अच्छी नहीं रहेगी।
गंदे एसी से बिजली का बिल क्यों बढ़ता है?
एसी की पूरी कूलिंग process एक चीज पर टिकी है- heat exchange। जब एसी के अंदर की कॉइल्स पर धूल और गंदगी की परत चढ़ जाती है, तो गर्मी बाहर नहीं निकल पाती। इसका नतीजा यह होता है कि कंप्रेसर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, बिजली की खपत 10 से 25 प्रतिशत तक बढ़ जाती है, और कमरा ठंडा होने में भी ज्यादा वक्त लगता है।
इसके अलावा एक और खतरा है, गंदे एसी में बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं। जब एसी चलता है तो ये हवा के जरिए पूरे कमरे में फैल जाते हैं, जिससे सांस से जुड़ी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह ज्यादा नुकसानदेह हो सकता है।
आपके लिए कौन सी सर्विस है सही? यहां जानें
इसका कोई एक जवाब नहीं है, यह पूरी तरह आपके एसी के इस्तेमाल और स्थिति पर depend करता है। नीचे दिए गए points से आप खुद तय कर सकते हैं:
जेट सर्विस चुनें अगर: एसी 6 महीने या उससे ज्यादा समय से बंद था, रोजाना 10 घंटे या उससे ज्यादा चलता है, धूल भरे या industrial area में लगा है, या पिछली जेट सर्विस को एक साल से ज्यादा हो गया हो।
ड्राई/नॉर्मल सर्विस चुनें अगर: पिछले सीजन में ही जेट सर्विस हो चुकी है, एसी रोज 5 से 7 घंटे ही चलता है, कमरा साफ रहता है और एसी से कोई अजीब आवाज या कम कूलिंग की शिकायत नहीं है।
एसी की लाइफ बढ़ाने के लिए जरूरी टिप्स
सर्विस के बाद एसी अच्छा चले, इसके लिए कुछ बातें ध्यान रखनी जरूरी हैं। एसी का temperature 24 से 26 डिग्री सेल्सियस पर रखें, यह सेहत के लिए भी सही है और बिजली भी कम खर्च होती है। हर महीने एयर फिल्टर चेक करें और जरूरत पड़े तो खुद साफ करें। एसी के आउटडोर यूनिट के आसपास अच्छी हवा का रास्ता होना चाहिए।
अगर एसी कमरे को पहले जितना ठंडा नहीं कर रहा, या चलने पर अजीब आवाज आ रही है या बिजली का बिल अचानक बढ़ गया है, तो ये संकेत हैं कि डीप क्लीनिंग की जरूरत है। इन्हें नजरअंदाज करने से कंप्रेसर और कॉइल्स को नुकसान हो सकता है, जिसकी repair काफी महंगी पड़ती है।









