ट्रेन से केदारनाथ जाने का प्लान है? जानिए कौन सा रेलवे स्टेशन सबसे नजदीक?

03 May 2025

Image Credit: Canva

केदारनाथ भारत के सबसे लोकप्रिय तीर्थस्थलों में से एक है। साल 2025 में बाबा के दर्शन के लिए केदारनाथ धाम के कपाट भी अब खुल चुके है।

White Frame Corner

Image Credit: Canva

केदारनाथ लोकप्रिय धाम

अगर आप भी ट्रेन से केदारनाथ धाम जाने का प्लान बना रहे है तो यह जान लीजिए की केदारनाथ के सबसे नजदीक और सही रेलवे स्टेशन कौन-कौन सा है?

White Frame Corner

Image Credit: Canva

केदारनाथ जाने का प्लान?

योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन केदारनाथ से सिर्फ 215 किमी की दूरी पर है। यह एक नया स्टेशन है। हालांकि यहां आने के लिए ट्रेनों के विकल्प कम है। यहां से बस/टैक्सी से गौरीकुंड जा सकते हैं।

White Frame Corner

Image Credit: Wikipedia

योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन सबसे नजदीक

ऋषिकेश रेलवे स्टेशन केदारनाथ से 216 किमी दूर है। ऋषिकेश से सड़क मार्ग द्वारा गौरीकुंड पहुंचा जा सकता हैं, लेकिन यहां भी ट्रेन के विकल्प कम हैं।

White Frame Corner

Image Credit: Wikipedia

ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर भी आ सकते हैं

ये सबसे बड़ा और मुख्य स्टेशन है। यहां आने के लिए ट्रेनों की संख्या भी ज्यादा है। हरिद्वार रेलवे स्टेशन केदारनाथ से 241 किमी की दूरी पर है। यहां से बस/टैक्सी से गौरीकुंड पहुंचना आसान है।

White Frame Corner

Image Credit: Wikipedia

हरिद्वार रेलवे स्टेशन

देहरादून रेलवे स्टेशन केदारनाथ से 257 किमी दूर है। अगर आप इस स्टेशन पर आते है तो आपको ऋषिकेश होते हुए गौरीकुंड सड़क मार्ग से जाना होगा।

White Frame Corner

Image Credit: Wikipedia

देहरादून रेलवे स्टेशन

सबसे नजदीक: योग नगरी ऋषिकेश या फिर ऋषिकेश सबसे अधिक ट्रेनों की सुविधा: हरिद्वार रेलवे स्टेशन

White Frame Corner

Image Credit: Canva

कौन सा रेलवे स्टेशन ज्यादा बेहतर?

दिल्ली से यात्रा करने वालों के लिए हरिद्वार या ऋषिकेश सबसे सही विकल्प हैं।

White Frame Corner

Image Credit: Canva

दिल्ली वालों के लिए कौन सा विकल्प बेहतर है ?

1. ट्रेन से हरिद्वार/ऋषिकेश पहुंचें 2. सबसे अच्छा विकल्प नीजी वाहन 3. सड़क मार्ग से सोनप्रयाग/गौरीकुंड जाएं फिर 24 किमी ट्रेक कर केदारनाथ मंदिर तक पहुँचें

White Frame Corner

Image Credit: Canva

केदारनाथ यात्रा टिप्स

संबंधित खबरें

शब ए बारात या गुनाहों से आजाद की रात? आइए जानते हैं पुरी बात तिब्बत में सबकुछ था फिर भी दलाई लामा को भारत में शरण क्यों लेनी पड़ी? जैन धर्म में लोग क्यों करते हैं स्नान करने से परहेज? चौंकाने वाला है कारण क्या सच में पिछले जन्म के कर्म साथ आते हैं? प्रेमानंद महाराज ने बताया जवाब क्रिसमस आने वाला है लेकिन उससे पहले यह जान लीजिए की आखिर Christmas Tree को सजाया क्यों जाता है? इन 5 मंत्रों को रोज जपने से घर में होगा लक्ष्मी जी का वास, बरकत के साथ होगी धनवर्षा Premanand Maharaj: शादी के कार्ड छपवाने में ना करें ये गलतियां, प्रेमानंद महाराज ने किया सावधान Subrahmanya Sashti 2025: नवंबर में कब मनाई जाएगी सुब्रह्मण्य षष्ठी? नोट कर लें डेट और शुभ मुहूर्त द्रौपदी कैसे बनी थी पांडवों की पत्नी? श्री कृष्ण ने खुद बताया था इस होनी का रहस्य