सावन महीने में भगवान शिव की क्यों होती है पूजा? जानिए क्या है श्रावण मास का महत्व

07 July 2025

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सावन का महीना 11 जुलाई से शुरू होने जा रहा है जो 9 अगस्त को खत्म होगा। सावन के महीने को श्रावण मास भी कहा जाता है। चलिए जानते हैं इसका महत्व

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कब शुरू हो रहा है सावन?

सावन भगवान शिव को समर्पित है, और भक्त विशेष रूप से सोमवार (सावन सोमवार) को विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।

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भगवान शिव का पवित्र महीना

भगवान शिव ने ब्रह्मांड को बचाने के लिए जो विष (हलाहल) को पी लिया था, यह घटना सावन मास में हुई थी इसलिए इस पूरे महीने भगवान शिव की पूजा की जाती है।

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सावन में भगवान शिव की पूजा क्यों?

सावन हिंदू धर्म का सबसे पवित्र महीना है। यह शिव द्वारा ब्रह्मांड को बचाने के लिए विष (हलाहल) पीने, जल चढ़ाने (जलाभिषेक) और सोमवार के व्रत (श्रावण सोमवार व्रत) का स्मरण कराता है जो आशीर्वाद और आध्यात्मिक विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

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सावन महीने का महत्व

भक्त उपवास रखते हैं, रुद्राभिषेक करते हैं और ओम नमः शिवाय जैसे मंत्रों का जाप करते हैं।

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आध्यात्मिक अभ्यास

लाखों कांवड़िये भक्ति के रूप में पवित्र गंगा जल लेकर शिव मंदिरों में जाते हैं।

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कांवड़ यात्रा

सावन बरसात के मौसम में आता है, जो उर्वरता, विकास और प्रकृति के नवीनीकरण का प्रतीक है।

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मानसून का आशीर्वाद

नाग पंचमी, रक्षा बंधन और हरियाली तीज जैसे महत्वपूर्ण त्योहार इस महीने में मनाए जाते हैं।

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कई त्योहार

सावन के दौरान कई महिलाएं अपने पति और परिवार की खुशहाली के लिए व्रत रखती हैं और प्रार्थना करती हैं।

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महिलाओं की भक्ति

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