देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इन दिनों गहरे संकट से गुजर रही है। इसी बीच DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एयरलाइन की सुरक्षा और ऑपरेशनल सिस्टम की निगरानी करने वाले चार फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है। इनमें रिषराज चटर्जी, सीमा झमनानी, अनिल कुमार पोखरियाल और प्रियम कौशिक शामिल हैं।
DGCA फिर करेगी इंडिगो CEO से पूछताछ
शुक्रवार को DGCA की चार सदस्यीय टीम एक बार फिर इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स से मुलाकात करेगी। उन्हें पिछले सप्ताह हुए बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन के पीछे के कारणों पर जवाब देना होगा इसी बीच कैप्टन गोपीनाथ का बड़ा बयान सामने आया है , उन्होंने कहा है कि “ओवरकॉन्फिडेंस की वजह से हालात बिगड़े हैं।" भारत में कम किराए वाली उड़ान सेवा शुरू करने वाले कैप्टन आर. गोपीनाथ ने इंडिगो के मौजूदा संकट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि एयरलाइन शायद इसलिए फंस गई, क्योंकि उसके संचालन में घमंड और ज्यादा आत्मविश्वास आ गया था। इस वजह से वे बदलते हालात को समय रहते समझ नहीं पाए।
कैप्टन गोपीनाथ की प्रमुख बातें -
- 1 नवंबर से लागू हुए नए FDTL नियमों (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन) को ठीक से लागू नहीं किया गया, जिसकी कमी 2 दिसंबर से उड़ानों में आई अव्यवस्था में दिखी।
- नए नियमों के अनुसार इंडिगो के पास काफी संख्या में पायलट ही नहीं थे, फिर भी एयरलाइन ने अपनी फ्लाइट्स जारी रखीं।
- एयरलाइन ने रेवेन्यू, प्रॉफिट और स्टॉक मार्केट पर ज्यादा ध्यान दिया और कर्मचारियों की बात सुननी कम कर दी।
- अगर इंडिगो पहले ही फ्लाइट्स की संख्या कम कर देती, तो हालात इतने नहीं बिगड़ते।
- उन्होंने कहा कि DGCA को पूरी तरह स्वतंत्र रेगुलेटर की तरह काम करना चाहिए, जिसमें किसी तरह की सिफारिश या राजनीतिक दखल न हो।
कौन हैं कैप्टन गोपीनाथ?
कैप्टन आर. गोपीनाथ 2003 में एयर डेक्कन लेकर आए थे और उन्होंने ही भारत में लो-कॉस्ट एयरलाइन मॉडल की शुरुआत की थी।बाद में घाटे के कारण उन्हें 2008 में एयरलाइन को विजय माल्या को बेचना पड़ा, जिसने इसका नाम बदलकर किंगफिशर कर दिया।गोपीनाथ का मानना है कि इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने भी एयर डेक्कन के खराब हालातों में भूमिका निभाई थी।
गुरुवार को 200 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द
इंडिगो का संकट लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार को दिल्ली और बैंगलोर एयरपोर्ट से ही 200+ फ्लाइट्स कैंसिल हुईं। सरकार ने भी इंडिगो को निर्देश दिया है कि वह अपने विंटर शेड्यूल में 10% की कटौती करे। आम दिनों में इंडिगो करीब 2,300 फ्लाइट्स संचालित करती है।









