सोमनाथ मंदिर में आयोजित स्वाभिमान पर्व मंदिर की गौरवशाली इतिहास, आस्था और साहस को याद दिलाता है। ये कहना है PM नरेंद्र मोदी का। पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सोमनाथ मंदिर हजारों सालों पुरानी आस्था और दृढ़ विश्वास का प्रतीक है। ये मंदिर विजय और पुनर्निर्माण का प्रतीक है।
पीएम मोदी ने कहा कि ये मंदिर इसलिए भी खास है क्योंकि सोमनाथ मंदिर पर पहले हमले की 1000वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। साथ ही साथ 1951 में मंदिर का जब पुनर्निर्माण हुआ उसकी भी यादें आज ताज़ा हो रही हैं। आक्रांताओं के साथ संघर्ष में हर पीढी ने अपनी शौर्य गाथा लिखी, ऐसा ही इतिहास सोमनाथ मंदिर का भी रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि जब आजादी के बाद कुछ लोगों ने मंदिर के पुनर्निर्माण का जिक्र किया था तो उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इतिहास को अच्छे से समझना और सम्मान देना बेहद जरूरी है।
पीएम मोदी ने की शिवा जी की पूजा अर्चना
सोमनाथ मंदिर स्वाभिमान पर्व में पीएम मोदी ने शिवा जी की पूजा अर्चना की। पीएम मोदी ने ओंकार मंत्र का जाप भी किया। इस दौरान ड्रोन शो का भी आयोजन हुआ। इस मौके पर हजारों दर्शकों ने हिस्सा लिया।
गजनी से औरंगजेब तक इतिहास में दफ़न हो गए
पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 1026 इस्वी में महमूद गजनी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले के 1000 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में कहा कि एक हजार साल पहले, इसी जगह पर क्या माहौल रहा होगा, हमारे पुरखों ने जान की बाजी लगा दी। अपनी आस्था, विश्वास के लिए, अपने भगवान के लिए उन्होंने सब कुछ ज्योछावर कर दिया। यहां तक कि जान की बाजी लगा दी। आज उसी का नतीजा है कि एक साल बाद सोमनाथ मंदिर पर ये ध्वजा उन सभी पुरखों का सम्मान है।









