उत्तर प्रदेश के देवरिया से पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर से जुड़ा एक अजीबो-गरीब मामला अदालत में सामने आया। दरअसल, उनकी गिरफ्तारी के समय पुलिस ने उनके कुछ सामान जांच के लिए जब्त किए थे। जिनमें कुछ नगद, मोबाइल फोन, लैपटॉप, कपड़े और एक टूथपेस्ट भी शामिल था। इनमें से सारे सामान तो वापस कर दिए गए लेकिन टूथपेस्ट वापस नहीं दिया गया। जिसके बाद टूथपेस्ट का मामला अदालत तक पहुंच गया है।
दरअसल, पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर पर अपने कार्यकाल के दौरान पद का दुरुपयोग कर इंडस्ट्रियल प्लॉट अपनी पत्नी के नाम करवाने का आरोप है। इस मामले में कुछ महीने पहले देवरिया कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था और दिसंबर 2025 में पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी हुई थी। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने कुछ सामान जब्त किए लेकिन अब वापसी के वक्त टूथपेस्ट वापस ही नहीं किया। बता दें, अभी तक जब्त सामानों में से 7,208 नगद राशि और अन्य सामान का पुलिस ने कोई स्पष्ट हिसाब नहीं दिया। 2 मोबाइल फोन में से एक पिन-लॉक दिया गया था जो वापसी के वक्त अनलॉक स्थिति में मिला। जिसके बाद विवाद और गहरा हो गया।
टूथपेस्ट विवाद को लेकर इस दिन सुनवाई
अमिताभ ठाकुर के पैरोकार भीमसेन राव ने टूथपेस्ट को लेकर देवरिया की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में मामला दर्ज कराया। मामले में पुलिस से पूरा बयान देने और जवाबवार कार्रवाई करने की मांग की गई है। अब कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 23 जनवरी को रखी है। अमिताभ ठाकुर के पैरोकार भीमसेन राव का कहना है कि टूथपेस्ट मामूली वस्तु लगे, लेकिन इसका न लौटाया जाना कार्रवाई प्रक्रिया और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सामान ठीक-ठाक वापस नहीं किया जा रहा है तो संभावना है कि उसमें छेड़छाड़ या गलत काम हुआ हो। अब ये मामला सिर्फ बड़ी संपत्ति या कानूनी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रह गया बल्कि न्यायिक प्रक्रिया पर भी सवाल खड़ा कर रहा है।









