केंद्र सरकार ने हाल ही में मनेरगा में बदलाव करते हुए उसका नाम बदला। मनरेगा का नाम अब VB-G RAM G योडना रखा। अब यूपीए सरकार के समय बने 2 बड़े कानूनों को लेकर भी बदलाव करने की बात सामने आ रही है। इसके पीछे का उद्देश्य है कि इस योजना का लाभ हर व्यक्ति तक उचित मात्रा में पहुंचे और इस योजना के तहत सभी लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन हो।

 

शिक्षा और खाद्य सुरक्षा कानूनों में सुधार 

 

केंद्र सरकार ने शिक्षा और खाद्य सुरक्षा कानूनों में बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। ये देश के दो महत्वपूर्ण सामाजिक कानूनों में से एक हैं। ये 2 कानून हैं- शिक्षा का अधिकार, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम। इस बदलाव के पीछे सरकार का लक्ष्य है योजना में व्यापक रूप से सुधार लाना। कानून को अधिक प्रभावी और लाभदायक बनाया जा रहा है ताकि जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ सही ढंग से मिल सके। 

 

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, मौजूदा कानूनों में मुख्य 3 कमियां सामने आई हैं- 

 

- हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। 

- खाद्य सुरक्षा कानून के बावजूद कुछ जरूरतमंद परिवारों तक राशन नहीं पहुंच रहा।

- क्रियान्वयन में लीकेज और अपात्र लाभार्थियों की समस्या देखने को मिली। 

 

शिक्षा कानून में सुधार का उद्देश्य

 

शिक्षा कानून में सुधार का मुख्य उद्देश्य है कि सभी बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा मिल सके। सरकार RTE कानून में संशोधन चाहती है। जिसके बाद स्कूलों की गुणवत्ता, शिक्षक-छात्र अनुपात और डिजिटल साक्षरता को बेहतर बनाया जा सकेगा। ऐसा करने पर इस योजना का लाभ सिर्फ नाममात्र के पंजीकरण पर नहीं, बल्कि वास्तविक उपस्थिति और परिणामों के आधार पर दिया जाएगा।

 

खाद्य सुरक्षा कानून में बदलाव का उद्देश्य

 

खाद्य सुरक्षा कानून में बदलाव का उद्देश्य सरकारी निगरानी में सुधार, डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग और लाभार्थियों की 100% पहचान सुनिश्चित करना है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और अन्य पोषण योजनाएं अधिक प्रभावी होंगी तो हर लाभार्थी तल राशन पहुंचाने में आसानी होगी।