अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रप ने साल 2026 शुरू होते ही युद्ध का ऐलान कर दिया है। पहले वेनेजुएला पर एयरस्ट्राइक कर राष्ट्रपति मादुरो को अगवा कर लिया। जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बड़ी चहल-पहल दिखाई देने लगी है। अब ट्रंप ग्रीनलैंड को अपने कब्जे में करना चाहता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल उठता है कि आखिर क्यों? अमेरिका क्यों चाहता है खाड़ी क्षेत्र में अपना नियंत्रण ? आज हम आपको इसके पीछे का कारण बताएंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ग्रीनलैंड पर नियंत्रण हासिल करना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद आवश्यक है। खासतौर से वे Golden Dome नामक मिसाइल डिफेंस सिस्टम स्थापित करना चाहते हैं। इससे आर्कटिक क्षेत्र में मिसाइल डिफेंस नेटवर्क को मजबूती मिलेगी ताकि संभावित रूस और चीन जैसे देशों से आने वाले खतरे को समय रहते रोका जा सके।
डोनाल्ड ट्रंप ने दी चेतावनी
ट्रंन ने ये भी चेतावनी दी है कि यदि ग्रीनलैंड को नियंत्रण में नहीं लिया गया तो यूरोपीय देशों पर 10% टैरिफ लगाए जाने की बात की है। साथ ही साथ उन देशों को भी चेतावनी दी कि जो भी ग्रीनलैंड के साथ व्यापार करेगा उसके ऊपर 25% तक टैरिफ लगा दिया जाएगा।
हालांकि, डेनमार्क और ग्रीनलैंड दोनों ने स्पष्ट किया है कि उनका क्षेत्र बिकाऊ नहीं है। वे अपने स्वायत्तता और संप्रभुता की रक्षा करेंगे। बता दें आपको कि राजधानी नूक और कोपेनहेगेन में विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले हैं, जहां हजारों लोगों ने ‘Hands off Greenland’ जैसे नारे लगाए। ट्रंप की इस योजना पर NATO के भी मतभेद उभरकर आ रहे हैं। कई अमेरिकी सांसदों ने सैन्य कदम के बजाय कूटनीतिक बातचीत को प्राथमिकता देने की बात की।
अब ये देखना दिलचस्प रहेगा कि अमेरिका-ग्रीनलैंड विवाद आगे कैसे बढ़ता है यानि क्या ग्रीनलैंड पर अमेरिका की पकड़ मजबूत होगी या अंतरराष्ट्रीय दबाव इस योजना को रोक देगा। बता दें अमेरिका की कूटनीतिक प्रक्रिया को देखकर लग रहा है कि साल 2026 में कुछ बड़ा युद्ध होने वाला है।









