जम्मू कश्मीर के डोडा जिले में आज दोपहर में एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ, जिसके बाद एक बार फिर पूरा देश दहल गया। आज सेना का एक वाहन बर्फ से भरी सड़क पर फिसलकर खाई में जा गिरा। वाहन में सेना के कई जवान शामिल थे। वहां करीब 400 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस हादसे में 40 जवानों की मौके पर मौत हो गई। वहीं 11 अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हैं। ये हादसा यात्रा कर रहे जवानों के काफिले के।साथ हुई जिसने एक बार फिर पूरे देश हो दहला दिया।

 

ऐसे हुआ डोडा में दर्दनाक सड़क हादसा

 

डोडा में जवानों का कासतार वाहन बर्फीले रास्ते से जा रहा था। दरअसल, कल सुबह उन्हें ऊंची पहाड़ी चौकी पर ड्यूटी के लिए जाना था। ड्यूटी के लिए बर्फीले रास्ते से जब वे गुजरे तो भद्रवाह चंबा सड़क मार्ग के पास अचानक फिसलकर गिर गए। वाहन का नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी 400 फीट गहरी खाई में गिर गई। वाहन इतना गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुआ कि कइयों को गंभीर चोट आई और 10 जवान मौके से जान गवा बैठे।

 

पहले तो 4 जवानों की मौत की खबर आई। लेकिन इसके बाद 6 अन्य लोगों ने अपनी जान गवा दी। जिसके बाद टोटल 10 लोगों की मौत से पूरा इलाका दहल उठा। फिलहाल 11 अन्य जवानों की हालत नाजुक बताई जा रही है।

 

हादसे के बाद सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस की संयुक्त बचाओ दल घटनास्थल पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। कुछ घायलों को भद्रवाह सब डिस्ट्रिक्ट अस्पताल में भर्ती किया गया।

 

कई लोगों ने जताई संवेदना

 

इस दर्दनाक हादसे में जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारियों ने गहरा दुख जताया। उपराज्यपाल ने कहा कि हमारे बहादुर जवानों की इस असामयिक मौत से गहरी पीड़ा महसूस कर रहे हैं। शहीदों के परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना और समर्थन व्यक्त करता हूं। साथ ही साथ घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना करता हूं।

 

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल ने कहा कि ये हादसा पहाड़ी इलाकों में सैन्य गतिविधियों के दौरान सामने आने वाली कठिनाइयों को बताती है। हमारी संवेदना मृतक जवानों के साथ है साथ ही हम घायलों के जल्द स्वस्थ लाभ की कामना करता हूं।

 

आखिर क्या रहा होगा हादसे का कारण

 

हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में फिसलन भरी सड़क और बर्फ के कारण वहां अनियंत्रित होकर खाई में गिरना बताया जा रहा है। हालांकि सटीक जानकारी के लिए तकनीकी विशेषज्ञों और सेना के अधिकारियों की टीम जांच कर रही है।

 

कहा जा रहा है कि पहाड़ी इलाकों में सड़क बर्फ और धुंध और अपर्याप्त सुरक्षा उपाय के कारण ये हादसा हुआ।

 

देशभर में शोक की लहर

 

                                                                                           Image Credit: canva 

बता दें, इस हादसे के बाद देशभर में शोक की लहर है। सभी लोग शाहिद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं साथ ही घायलों की जल्द स्वस्थ लाभ की कामना कर रहे हैं।

 

एक साल में 4 बड़े हादसे हुए

 

पहला हादसा जनवरी 2025 में हुआ। जम्मू कश्मीर के बांदीपुरा जिले में सेना का ट्रक खाई में गिर गया था। इस हादसे में 4 जवानों की मौत हो गई थी। उधर, मार्च 2025 में मणिपुर के सेनापति जिले में bsf जवानों को ले न रही गाड़ी खाई में गिर गई थी। इस हादसे में 3 जवानों की मौत हुई। हादसे में 13 जवान घायल हुए थे। सूत्रों के मुताबिक वाहन के ओवरलोडेड होने की वजह से हादसा हुआ।

 

मई 2025 में जम्मू कश्मीर के रामबन के बैटरी चश्मा इलाके में एक वाहन 600 मीटर गहरी खाई में गिर गया था। इस हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई। साथ ही साथ अगस्त 2025 में जम्मू कश्मीर के उधमपुर जिले के बसंतगढ़ इलाके में CRPF की बंकर गाड़ी 200 फीट गहरी खाई  में गिर गई।

 

डोडा का यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि देश की सुरक्षा में तैनात जवान हर दिन कितनी कठिन परिस्थितियों में अपनी ड्यूटी निभाते हैं। बर्फीले रास्ते, गहरी खाइयां और जानलेवा मौसम के बीच भी वे देश की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ते।

 

इस हादसे में शहीद हुए 10 वीर जवानों का बलिदान देश हमेशा याद रखेगा, और पूरा देश उनके परिवारों के साथ खड़ा है।