भारत में हर साल केंद्रीय बजट पेश होता है जो हर साल देश की वित्त व्यवस्था का रोड मैप तैयार करता है। ये साल भर के लिए हमारे देश की आर्थिक स्थिति का लेखा जोखा तैयार करता है। लेकिन ये जानकर आपको आश्चर्य होगा कि एक समय ऐसा भी था जब बजट पेश होने से पहली ही ये लीक हो गया था। जानकारी के लिए बताते चले कि बजट को सुरक्षा के लिहाज से बेहद गोपनीय रखा जाता है। लेकिन उस वक्त जब बजट लीक हुआ तो इसके बाद तत्कालीन वित्त मंत्री की इस्तीफा भी देना पड़ा था।
जी हां, हम बात कर रहे हैं साल 1950 की। जिस वक्त भारत गणराज्य बन चुका था और अभी तक केंद्री बजट राष्ट्रीय भवन में मुद्रित होता था। उस दौरान केंद्रीय बजट के कुछ महत्वपूर्ण पेज संसद में पेश होने से पहले ही बाहर लीक हो गए थे। ये मामला जैसे ही सार्वजनिक रूप से सामने आया तो राजनीतिक और संसदीय हंगामा शुरू हो गया। जिसके बाद तत्कालीन वित्त मंत्री जॉन मथाई को इस्तीफा देना पड़ गया। उन्होंने उस वक्त बजट की तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। फिर भी बजट लीक होने की घटना उनपर भारी पड़ गई। जिसके बाद उन्हें पद से इस्तीफा देना पड़ा।
इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को।लेकर बड़े सवाल खड़ा किए थे। जिसके बाद बजट सुरक्षा को।लेकर नियमों को और सख्त किया गया।
क्या है लॉक इन पीरियड
आज बजट तैयार करने से पहले वित्त मंत्रालय के सभी अधिकारी और कर्मचारी लॉक इन पीरियड में रहते हैं। इस दौरान उन्हें बाहरी दुनिया से पूरी तरह अलग रखा जाता है। इन अधिकारियों को फोन और इंटरनेट के उपयोग की भी मनाही है। ताकि बजट पेश होने से पहले किसी भी प्रकार का लीक नहीं हो। आज लॉक इन पीरियड को गोपनीय रखना और उसकी विश्वसनीयता बनाए रखना एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस ऐतिहासिक घटना ने न सिर्फ नियम बदले बल्कि भारतीय बजट प्रक्रिया में सुरक्षा की नींव मजबूत की।
भारत का केंद्रीय बजट 1 फरवरी को होगा पेश
बता दें, भारत का केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश होने वाला है। ये नए वित्त वर्ष के लिए आर्थिक नीतियों को तय करता है। बजट से जुड़ी हर जानकारी बाजार, उद्योग, आम जनता और निवेशकों के लिए बेहद संवेदनशील होती है। जब 1950 में लीक हुआ तो ये साबित किया न जा सका कि ये जानबूझकर नहीं किया गया। लेकिन सरकार की साख पर सवाल उठ चुके थे। जिसके बाद राजनीतिक दबाव बढ़ा हो अंततः तत्कालीन वित्त मंत्री जॉन मथाई को इस्तीफा देना पड़ा।
बजट लीक होने के ये है साइड इफेक्ट

आप भी सोच रहे होंगे कि बजट लीक होने के क्या साइड इफेक्ट हो सकते हैं। दरअसल, बजट आगामी वित्त वर्ष में आर्थिक स्थिति का रोड मैप होता है। अगर बजट की कोई भी गोपनीय जानकारी बाहर आ जाती है तो इसका असर शेयर बाजार पर पड़ता है। इससे उद्योग जगत की रणनीति बदल सकती है, टैक्स और सब्सिडी से जुड़े फैसलों पर।अफरा तफरी मच सकती है। इसी कारण दुनिया भर में बजट या वित्त घोषणाओं को एकदम।गोपनीय रखा जाता है। भारत ने इस गोपनीय घटना को लीक होते देखा है जिसका क्या असर हुआ वो हमने आपको बता ही दिया कि कैसे तत्कालीन वित्त मंत्री जॉन मथाई को इस्तीफा देना पड़ा। अब जब बजट तैयार किया जाता है तो लॉक इन पीरियड के नियमों की कड़ाई से पालना की जाती है। जैसे...मोबाइल फोन और इंटरनेट का इस्तेमाल बंद करवा दिया जाता है। इस दौरान किसी भी तरफ का बाहरी संपर्क प्रतिबंधित है। साथ ही साथ इन अधिकारियों को मीडिया या परिवार से भी मिलने की अनुमति नहीं दी जाती। लॉक इन पीरियड का मकसद है कि बजट से जुड़ी कोई भी गोपनीय जानकारी बाहर न आ सके।
डिजिटल दुनिया और लॉक इन पीरियड
माना कि इस डिजिटल दुनिया के हर एक चीज पासवर्ड और टू स्टेप वेरिफिकेशन से सुरक्षित रखी जा सकती है, लेकिन फिर भी लॉक इन पीरियड के नियमों का कड़ाई से पालन करना जरूरी है। वजह ये है कि डिजिटल डेटा जितनी तेजी से ट्रांसफर होता है उतना ही जल्दी लीक भी होता है। यही कारण है कि कंप्यूटर सिस्टम सीमित नेटवर्क पर चलते हैं, प्रिंटिंग प्रेस की सुरक्षा कड़ी होती है। साथ ही साथ हर गतिविधियों पर निगरानी रखी जाती है।
बीता हुआ कल आज क्यों खास है
दरअसल, जो भारत के इतिहास में हुआ वो आने वाले समय में चुनौती है कि ऐसी घटना दुबारा न दोहराई जाए। आज जब हर बजट टैक्स छूट, महंगाई, रोजगार और चुनावी वादों की बात करता है तो बजट की गोपनीयता और भी अहम हो जाती है। ध्यान रखे, बाजार मिनटों में अपनी प्रतिक्रिया बदलता है। बजट की एक छोटी सी जानकारी भी बड़े आर्थिक उतार चढ़ाव का कारण बन सकती है।
ऐसे में कहा जाता है कि जो घटना 1950 में हुई उसने भारत की बजट प्रणाली को हमेशा के।लिए बदल दिया। एक वित्त मंत्री की कुर्सी जाना लेकिन इसके बदले में देश को एक मजबूत और सुरक्षित बजट प्रणाली मिल गई। आज हर साल जब बजट पेशी से पहले लॉक इन पीरियड का कड़ाई से पालन होता है तो ये हमेश 1950 की उसी घटना की याद दिलाता रहता है कि कैसे तत्कालीन वित्त मंत्री को अपना।पद छोड़ना पड़ा था। Write SEO friendly slug and 5 keyword









