14 January 2026
महंगाई, टैक्स और रोजमर्रा के बढ़ते खर्चों के बीच मिडिल क्लास की नजर अब आगामी बजट पर टिकी है। सैलरी क्लास से लेकर छोटे कारोबारियों तक, सभी को उम्मीद है कि बजट 2026 में सरकार उनकी आर्थिक चुनौतियों को समझते हुए कुछ ठोस राहत देगी।
आगामी 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आम बजट पेश करेंगी। इससे पहले चलिए जानते हैं की इस बार के बजट से मीडिल क्लास को क्या उम्मीदें हैं।
सबसे बड़ी उम्मीद इनकम टैक्स की छूट सीमा बढ़ने की है ताकि मध्यम वर्ग की 'हाथ में बचत' बढ़े। पिछले बजट में 12 लाख रुपये तक टैक्स नहीं था - इस बार भी इसी को ध्यान में रखते हुए और सुधार की मांग है। टैक्स स्लैब्स को और आसान/उचित ढंग से संशोधित करने और 30% टैक्स स्लैब की सीमा को भी ऊपर ले जाने की सलाह दी गई है ताकि लोग जल्दी हाई टैक्स ब्रैकेट में न आएं।
टैक्सपेयर्स चाहते हैं कि टैक्स सिस्टम को और आसान और पारदर्शी बनाया जाए। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया सरल हो, नोटिस और नियमों की जटिलता कम हो और आम लोगों को बार-बार प्रोफेशनल मदद लेने की जरूरत न पड़े। इससे समय और पैसा दोनों की बचत होगी।
सेक्शन 80C, 80D जैसी कटौती छूट सीमा बढ़ाने की मांग है - इससे बचत योजनाओं/इंश्योरेंस पर टैक्स बचत बढ़ सकती है।
परिवार और वरिष्ठ नागरिकों के लिए बढ़ी हुई बेसिक छूट, पेंशन और ब्याज आय पर उचित टैक्स व्यवस्था की उम्मीद भी है।
बजट से नए रोजगार नीति, बिजनेस के अवसर बढ़ाने और खर्चीले Tax-burden को कम करने जैसी नीतियों की अपेक्षा है, ताकि मध्यम वर्ग की आय बढ़े।