03 December 2025
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 02 नवंबर को स्पष्ट किया कि Sanchar Saathi ऐप को ऐक्टिवेट करना पूरी तरह ऑप्शनल है और यूजर चाहें तो इसे कभी भी डिलीट कर सकते हैं।
इससे पहले Department of Telecommunication ने हर स्मार्टफोन में 'संचार साथी' एप का प्री-इंस्टॉलेशन जरूरी कर दिया था। जो फोन पहले से बाजार में हैं उन्हें अगले सॉफ्टवेयर अपडेट के साथ इस एप को इंस्टॉल करना होगा, कंपनियों को 90 दिन का समय दिया गया है।
सरकार इसे लोगों को साइबर फ्रॉड से बचाने का एक टूल बता रही है, अगर आपका फोन चोरी हो जाता है तो इस एप के जरिए आपके फोन की आसानी से ट्रैकिंग हो सकती है।28 नवंबर को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि इसका उद्देश्य यूजर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
संचार साथी पॉर्टल को 2023 में बनाया गया था। हालांकि इसका ऐप जनवरी 2025 में लॉन्च हुआ था। इसका मकसद खोए हुए मोबाइल फोन और फ्रॉड करने के लिए भेजे गए वेब लिंक को रिपोर्ट करना और उन्हें ब्लॉक करने की सुविधा देना है।
यह यूजर्स के नाम पर मोबाइल कनेक्शनों की संख्या जानने और बैंकों व फाइनेंशियल संस्थानों के Reliable कॉन्टेक्ट्स की जांच करने में भी मदद करता है।
ऐप के जरिए धोखाधड़ी की रिपोर्ट करना बेहद आसान होता है, क्योंकि इसकी टेक्नोलॉजी बेहद एडवांस है, जिसकी वजह से यूजर्स को अपना IMEI नंबर याद रखने की जरूरत नहीं होती है।
संचार साथी ऐप यूजर्स के नाम पर जारी किए गए मोबाइल कनेक्शनों की जांच, हैंडसेट की असली होने की कंफर्मेशन, और Suspicious Communication या स्पैम की रिपोर्ट भी करता है।
संचार साथी ऐप यूजर्स को भारतीय नंबर से होने वाली इंटरनेशनल कॉल की रिपोर्ट करने में भी मदद कर सकता है। इसके लिए फोन पर ओटीपी की जरुरत नहीं होती है।
संचार साथी ऐप अभी लाखों यूजर्स यूज कर रहे हैं, ऐप की वेबसाइट के मुताबिक, इस ऐप से अभी तक 42 लाख से ज़्यादा मोबाइल ब्लॉक किए गए हैं और 26 लाख से ज्यादा खोए या चोरी हुए मोबाइल का पता लगाया गया है। इस ऐप पर 1.14 करोड़ से ज्यादा जिस्ट्रेशन हो चुके हैं, जिसमें गूगल प्लेस्टोर से 1 करोड़ से और एप्पल स्टोर से 9.5 लाख से ज्यादा डाउनलोड हैं।
Sanchar Saathi ऐप साइबर फ्रॉड से भी बचाता है, इसके जरिए यूजर्स फर्जी ऐप्स, फिशिंग लिंक, मालवेयर साइट्स और डिवाइस क्लोनिंग की भी रिपोर्ट कर सकते हैं। ऐप SMS, RCS, iMessage, WhatsApp और Telegram जैसे प्लेटफॉर्म पर रिसीव लिंक या मैसेज पर भी रिपोर्टिंग की सुविधा देता है। इससे साइबर फ्रॉड, डिजिटल धोखाधड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।