मानसून का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं दोपहिया वाहन चलाने वालों के लिए कई नई चुनौतियां भी लेकर आता है। बारिश के दौरान सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं, गड्ढों में पानी भर जाता है और विजिबिलिटी भी काफी कम हो जाती है। ऐसे में अगर थोड़ी-सी भी लापरवाही हो जाए, तो बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए अगर आप रोज बाइक या स्कूटर से ऑफिस, कॉलेज या किसी दूसरे काम के लिए निकलते हैं, तो बारिश में कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सही तैयारी और सावधानी आपकी यात्रा को सुरक्षित बना सकती है।

 

निकलने से पहले जरूर चेक करें टायर

बारिश में सबसे पहले आपके वाहन के टायर की हालत अच्छी होनी चाहिए। अगर टायर घिस चुके हैं या उनकी ग्रिप कम हो गई है, तो गीली सड़क पर वाहन फिसलने का खतरा बढ़ जाता है। टायर में सही एयर प्रेशर भी होना चाहिए। बहुत ज्यादा या बहुत कम हवा होने पर सड़क पर पकड़ कमजोर हो सकती है। मानसून शुरू होने से पहले टायर की अच्छी तरह जांच करवा लेना बेहतर रहता है।

 

ब्रेक की जांच करना बिल्कुल न भूलें

बारिश में ब्रेक की अहमियत और भी बढ़ जाती है। अगर ब्रेक पहले से कमजोर हैं, तो गीली सड़क पर बाइक या स्कूटर समय पर नहीं रुकेगा। इसलिए निकलने से पहले फ्रंट और रियर दोनों ब्रेक चेक करें। अगर ब्रेक लगाने पर कोई आवाज आ रही है या वाहन सही तरीके से नहीं रुक रहा है, तो पहले सर्विस सेंटर पर दिखाएं और उसके बाद ही लंबी दूरी तय करें।

 

हेलमेट और रेन गियर पहनना जरूरी

बारिश में सिर्फ हेलमेट पहनना ही काफी नहीं है, बल्कि अच्छी क्वालिटी का हेलमेट पहनें, जिसका वाइजर साफ हो। गंदा या धुंधला वाइजर सड़क साफ देखने में परेशानी पैदा करता है। इसके साथ ही अच्छी क्वालिटी का रेनकोट या रेन सूट पहनें ताकि कपड़े गीले न हों और ड्राइविंग के दौरान असहज महसूस न हो। अगर रेन गियर पर रिफ्लेक्टिव स्ट्रिप्स हों, तो रात या कम रोशनी में दूसरे वाहन चालक आपको आसानी से देख पाएंगे।

 

तेज रफ्तार से बचें

बरसात के मौसम में स्पीड कम रखना ही समझदारी है। गीली सड़क पर अचानक ब्रेक लगाने से बाइक या स्कूटर फिसल सकता है। इसलिए सामान्य दिनों की तुलना में थोड़ी कम स्पीड पर चलें और आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। इससे अगर सामने वाला वाहन अचानक रुक जाए, तो आपके पास भी सुरक्षित तरीके से ब्रेक लगाने का समय रहेगा।

 

पानी से भरे गड्ढों में जाने से बचें

बारिश के दौरान कई बार सड़क पर पानी भर जाता है और यह पता नहीं चलता कि नीचे गड्ढा कितना गहरा है। ऐसे में तेज रफ्तार से पानी भरे हिस्से में जाने पर वाहन का संतुलन बिगड़ सकता है या बाइक बंद भी हो सकती है। अगर पानी से होकर गुजरना जरूरी हो, तो बहुत धीरे-धीरे और एक समान स्पीड में निकलें। अचानक एक्सेलरेटर या ब्रेक का इस्तेमाल न करें।

 

सड़क की इन जगहों पर रखें खास ध्यान

बारिश में सफेद रोड मार्किंग, ज़ेब्रा क्रॉसिंग, मैनहोल का ढक्कन और लोहे की प्लेटें काफी फिसलन भरी हो जाती हैं। इन पर अचानक ब्रेक लगाने या तेज मोड़ लेने से बाइक स्लिप कर सकती है। इसलिए कोशिश करें कि ऐसी सतहों पर धीरे और सीधे निकलें। साथ ही सड़क के बीच वाले हिस्से में तेल या ग्रीस जमा हो सकता है, इसलिए वाहन को थोड़ा किनारे की तरफ रखना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

 

लाइट्स और इंडिकेटर सही से करें इस्तेमाल

बारिश के दौरान दिन में भी विजिबिलिटी कम हो जाती है। इसलिए बाइक या स्कूटर की हेडलाइट, टेल लाइट और इंडिकेटर सही हालत में होने चाहिए। हेडलाइट ऑन रखने से दूसरे वाहन चालकों को आपका वाहन दूर से दिखाई देता है। इससे दुर्घटना की संभावना कम हो जाती है। अगर आपकी किसी लाइट में खराबी है, तो पहले उसे ठीक कराएं।

 

बारिश के बाद वाहन की सफाई भी है जरूरी

अगर बाइक या स्कूटर बारिश में भीग गया है, तो घर पहुंचने के बाद उसे सूखे कपड़े से पोंछ लें। कीचड़ और गंदगी को ज्यादा देर तक वाहन पर जमा न रहने दें। चेन, ब्रेक और दूसरी धातु वाली जगहों पर नमी रहने से जंग लगने का खतरा बढ़ जाता है। समय-समय पर चेन में लुब्रिकेशन भी कराते रहें ताकि बाइक की परफॉर्मेंस बनी रहे।

 

इलेक्ट्रिक स्कूटर चलाने वाले रखें ये सावधानी

अगर आप इलेक्ट्रिक स्कूटर इस्तेमाल करते हैं, तो पानी से भरी सड़कों में जाने से बचें। हालांकि ज्यादातर आधुनिक इलेक्ट्रिक स्कूटर बारिश सहने के लिए बनाए जाते हैं, लेकिन गहरे पानी में चलाना सुरक्षित नहीं माना जाता। बारिश में चलाने के बाद चार्जिंग पोर्ट पूरी तरह सूख जाने दें और उसके बाद ही चार्ज करें। इससे इलेक्ट्रिकल सिस्टम सुरक्षित रहता है।

 

हमारी राय

बारिश के मौसम में बाइक या स्कूटर चलाना मुश्किल जरूर हो सकता है, लेकिन सही तैयारी और थोड़ी-सी सावधानी से सफर सुरक्षित बनाया जा सकता है। वाहन की नियमित सर्विसिंग, अच्छे टायर, सही ब्रेक, हेलमेट और नियंत्रित रफ्तार जैसी छोटी-छोटी बातें बड़े हादसों से बचा सकती हैं। याद रखें, बारिश में कुछ मिनट पहले पहुंचने से ज्यादा जरूरी है सुरक्षित घर पहुंचना। इसलिए जल्दबाजी से बचें और हर सफर को जिम्मेदारी के साथ पूरा करें।