बाइक चलाने वाले ज्यादातर लोग इंजन ऑयल, टायर या ब्रेक पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन चेन की हालत को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। जबकि बाइक की चेन एक ऐसा हिस्सा है, जो इंजन की ताकत को सीधे पिछले पहिए तक पहुंचाती है। अगर चेन सही स्थिति में नहीं है, तो इसका असर सिर्फ बाइक की परफॉर्मेंस पर ही नहीं, बल्कि माइलेज और सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।

कई बार चेन जरूरत से ज्यादा ढीली हो जाती है, तो कई बार सर्विस के दौरान उसे जरूरत से ज्यादा टाइट कर दिया जाता है। दोनों ही स्थितियां बाइक के लिए अच्छी नहीं मानी जातीं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सही चेन टेंशन कितना होना चाहिए और गलत एडजस्टमेंट से क्या-क्या नुकसान हो सकता है? आइए विस्तार से समझते हैं।

 

बाइक की चेन का काम क्या होता है?

बाइक के इंजन से जो ताकत पैदा होती है, उसे पिछले पहिए तक पहुंचाने का काम चेन करती है। यानी अगर चेन ठीक से काम नहीं करेगी, तो इंजन की पूरी ताकत पहिए तक सही तरीके से नहीं पहुंच पाएगी। इसी वजह से चेन की सही टेंशन, सफाई और लुब्रिकेशन बेहद जरूरी होता है। अगर इन बातों पर ध्यान न दिया जाए, तो धीरे-धीरे बाइक की परफॉर्मेंस प्रभावित होने लगती है।

 

ज्यादा ढीली चेन से क्या होता है?

अगर बाइक की चेन बहुत ज्यादा ढीली हो जाए, तो चलते समय उसमें झटके महसूस हो सकते हैं। एक्सीलरेटर देने पर पावर स्मूद तरीके से पहिए तक नहीं पहुंचती और बाइक चलाने का अनुभव भी खराब हो सकता है।इतना ही नहीं, ज्यादा ढीली चेन स्प्रोकेट पर सही तरीके से नहीं बैठती। इससे चेन के उछलने या उतरने का खतरा भी बढ़ जाता है। अगर ऐसा तेज रफ्तार में हो जाए, तो दुर्घटना की आशंका भी बढ़ सकती है। इसके अलावा ढीली चेन की वजह से इंजन की ताकत का कुछ हिस्सा बेकार चला जाता है, जिससे माइलेज पर भी असर पड़ सकता है।

 

जरूरत से ज्यादा टाइट चेन भी नुकसानदायक

कई लोगों को लगता है कि जितनी टाइट चेन होगी, बाइक उतनी बेहतर चलेगी। लेकिन यह धारणा सही नहीं है। अगर चेन जरूरत से ज्यादा कस दी जाए, तो इंजन और पिछले पहिए पर अतिरिक्त दबाव पड़ने लगता है। इसका असर चेन, स्प्रोकेट, व्हील बेयरिंग और गियरबॉक्स के कुछ हिस्सों पर भी पड़ सकता है। लंबे समय तक ऐसा रहने पर इन पार्ट्स की उम्र कम हो सकती है और मरम्मत का खर्च भी बढ़ सकता है।

 

क्या माइलेज पर भी पड़ता है असर?

हां, बिल्कुल। अगर चेन सही टेंशन में नहीं है, तो इंजन की ताकत का सही इस्तेमाल नहीं हो पाता। ज्यादा ढीली चेन में पावर ट्रांसफर कम प्रभावी होता है, जबकि बहुत टाइट चेन में घर्षण बढ़ जाता है। दोनों ही स्थितियों में इंजन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसका असर ईंधन की खपत पर भी पड़ सकता है और माइलेज थोड़ा कम हो सकता है। हालांकि माइलेज पर असर सिर्फ चेन से नहीं, बल्कि राइडिंग स्टाइल, टायर प्रेशर और इंजन की स्थिति जैसे कई अन्य कारणों से भी पड़ता है।

 

बाइक की परफॉर्मेंस कैसे होती है प्रभावित?

गलत चेन टेंशन होने पर बाइक का एक्सीलरेशन पहले जैसा स्मूद नहीं रहता। गियर बदलते समय झटके महसूस हो सकते हैं और कभी-कभी बाइक से अनचाही आवाज भी आने लगती है। अगर चेन बहुत ज्यादा घिस चुकी है, तो बाइक चलाते समय कंपन भी महसूस हो सकता है। ऐसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि समय रहते ध्यान देने से बड़ी खराबी से बचा जा सकता है।

 

सही चेन टेंशन कितना होना चाहिए?

हर बाइक मॉडल के लिए चेन टेंशन अलग-अलग हो सकता है। आमतौर पर अधिकांश मोटरसाइकिलों में चेन में लगभग 20 से 30 मिलीमीटर तक का फ्री प्ले सही माना जाता है। हालांकि सही माप जानने के लिए अपनी बाइक की यूजर मैनुअल देखना सबसे बेहतर तरीका है। अगर चेन इससे ज्यादा ढीली या ज्यादा टाइट है, तो उसे एडजस्ट करवा लेना चाहिए।

 

चेन की सफाई और लुब्रिकेशन भी जरूरी

सिर्फ चेन टेंशन सही रखना ही काफी नहीं है। चेन की नियमित सफाई और उसमें सही समय पर लुब्रिकेंट लगाना भी उतना ही जरूरी है। धूल, मिट्टी और पानी की वजह से चेन जल्दी घिस सकती है। अगर समय-समय पर उसे साफ करके चेन लुब्रिकेंट लगाया जाए, तो उसकी उम्र बढ़ती है और बाइक भी स्मूद चलती है। कई मेकर्स 500 से 700 किलोमीटर के अंतराल पर या बारिश में चलाने के बाद चेन की सफाई और लुब्रिकेशन कराने की सलाह देते हैं।

 

कब बदल देनी चाहिए बाइक की चेन?

अगर चेन बार-बार ढीली हो रही है, उसमें जंग लग गई है, बहुत ज्यादा घिस चुकी है या स्प्रोकेट के दांत भी घिस गए हैं, तो सिर्फ एडजस्टमेंट से काम नहीं चलेगा। ऐसी स्थिति में चेन और स्प्रोकेट सेट दोनों को बदलना बेहतर रहता है। सिर्फ नई चेन लगाने या सिर्फ स्प्रोकेट बदलने से कई बार समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती।

 

इन संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

अगर बाइक चलाते समय चेन से लगातार खड़खड़ाहट की आवाज आ रही है, एक्सीलरेशन में झटके महसूस हो रहे हैं, गियर बदलते समय दिक्कत हो रही है या चेन बार-बार एडजस्ट करनी पड़ रही है, तो तुरंत सर्विस सेंटर या अनुभवी मैकेनिक से जांच करानी चाहिए। समय पर छोटी समस्या ठीक करा लेने से भविष्य में बड़े खर्च से बचा जा सकता है।

 

हमारी राय

बाइक की चेन एक छोटा सा पार्ट जरूर है, लेकिन इसका असर पूरी बाइक की परफॉर्मेंस पर पड़ता है। अगर चेन जरूरत से ज्यादा ढीली या ज्यादा टाइट है, तो इससे माइलेज, राइडिंग एक्सपीरियंस और कई महत्वपूर्ण पार्ट्स की उम्र प्रभावित हो सकती है।

इसलिए नियमित सर्विस के दौरान सिर्फ इंजन ऑयल ही नहीं, बल्कि चेन की टेंशन, सफाई और लुब्रिकेशन पर भी ध्यान दें। थोड़ी-सी सावधानी आपकी बाइक को लंबे समय तक बेहतर हालत में रख सकती है और अनावश्यक खर्च से भी बचा सकती है। आखिरकार, अच्छी देखभाल ही बेहतर माइलेज, सुरक्षित सफर और लंबी उम्र वाली बाइक की सबसे बड़ी कुंजी है।