भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत देश का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान पद्म विभूषण दिया गया है। यह सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में आयोजित पद्म अवॉर्ड्स 2026 समारोह के दौरान प्रदान किया। इस खास मौके पर धर्मेंद्र की पत्नी और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने मंच पर पहुंचकर यह सम्मान ग्रहण किया। पूरा माहौल बेहद भावुक था और वहां मौजूद लोग भी इस पल को देखकर भावुक हो गए।
राष्ट्रपति भवन में हुआ भव्य सम्मान समारोह
यह कार्यक्रम राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित किया गया, जहां देशभर की अलग-अलग क्षेत्रों की बड़ी हस्तियों को सम्मानित किया गया। इस समारोह में कुल दर्जनों लोगों को पद्म सम्मान दिए गए, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा धर्मेंद्र के नाम की रही, जिन्हें मरणोपरांत पद्म विभूषण से नवाजा गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने खुद यह सम्मान प्रदान किया और इस दौरान पूरा माहौल गंभीर और भावुक नजर आया। मंच पर जब हेमा मालिनी सम्मान लेने पहुंचीं, तो यह पल उनके लिए बेहद निजी और भावनात्मक बन गया।
हेमा मालिनी ने लिया सम्मान, आंखें हुईं नम
धर्मेंद्र की पत्नी हेमा मालिनी ने जब अपने दिवंगत पति की तरफ से यह सम्मान लिया, तो उनकी आंखें नम थीं। उन्होंने इस सम्मान को सिर्फ एक पुरस्कार नहीं, बल्कि धर्मेंद्र के लंबे और शानदार करियर की पहचान बताया। वहां मौजूद लोगों ने भी इस दृश्य को बेहद सम्मान और भावुकता के साथ देखा। इस दौरान उनकी बेटी अहाना देओल भी वहां मौजूद थीं और वह भी भावुक होकर रो पड़ीं। यह पल पूरे परिवार के लिए बहुत भारी लेकिन गर्व से भरा हुआ था।
भारतीय सिनेमा में धर्मेंद्र की लंबी विरासत
धर्मेंद्र को भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में “ही-मैन ऑफ बॉलीवुड” कहा जाता है। उन्होंने अपने करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और कई दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज किया। उनकी फिल्में आज भी टीवी और ओटीटी पर देखी जाती हैं और नई पीढ़ी भी उन्हें पसंद करती है। धर्मेंद्र सिर्फ एक अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक ऐसी शख्सियत थे जिन्होंने एक्शन, रोमांस और इमोशन—हर तरह के किरदारों को बड़े पर्दे पर जीवंत किया। उनका योगदान भारतीय सिनेमा के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।
पहले भी मिल चुका था पद्म सम्मान
धर्मेंद्र को इससे पहले साल 2012 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था, जो देश का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है। अब 2026 में उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया, जो उनकी कला और योगदान के प्रति देश की सबसे बड़ी श्रद्धांजलि मानी जा रही है। यह भी एक खास बात है कि उन्हें यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया, जिससे यह पल और भी भावुक और ऐतिहासिक बन गया।
समारोह में मौजूद रहे कई बड़े नाम
इस कार्यक्रम में सिर्फ धर्मेंद्र ही नहीं, बल्कि फिल्म, संगीत और अन्य क्षेत्रों की कई बड़ी हस्तियों को भी सम्मान मिला। इस बार पद्म अवॉर्ड्स में कई दिग्गजों को शामिल किया गया, जिससे यह समारोह और भी खास बन गया। लेकिन जैसे ही धर्मेंद्र का नाम पुकारा गया, पूरा माहौल शांत और भावुक हो गया। लोगों ने खड़े होकर इस महान कलाकार को श्रद्धांजलि दी।
सोशल मीडिया पर भी छाया सम्मान समारोह
जैसे ही यह खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र के फैंस ने उन्हें याद करते हुए भावुक पोस्ट शेयर किए। लोगों ने लिखा कि धर्मेंद्र जैसे कलाकार बार-बार पैदा नहीं होते और उनका योगदान हमेशा अमर रहेगा। हेमा मालिनी के सम्मान लेने के वीडियो और तस्वीरें भी तेजी से वायरल हो गईं। कई लोगों ने इस पल को “बॉलीवुड इतिहास का सबसे भावुक दृश्य” बताया।
परिवार के लिए भावुक लेकिन गर्व का पल
हालांकि यह पल परिवार के लिए दुख और यादों से भरा हुआ था, लेकिन साथ ही यह गर्व का भी मौका था। हेमा मालिनी ने कई मौकों पर कहा है कि धर्मेंद्र हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे। उनकी बेटी अहाना देओल की भावुकता इस बात का संकेत थी कि यह सम्मान सिर्फ एक सरकारी अवॉर्ड नहीं, बल्कि एक परिवार की जिंदगी से जुड़ी यादों और भावनाओं का हिस्सा है।
क्यों खास है पद्म विभूषण?
पद्म विभूषण भारत का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है, जो किसी व्यक्ति को उसके असाधारण और विशिष्ट योगदान के लिए दिया जाता है। यह सम्मान हर साल कुछ ही चुनिंदा लोगों को मिलता है, जो अपने-अपने क्षेत्र में मिसाल बन चुके होते हैं। धर्मेंद्र को यह सम्मान मिलना इस बात का प्रतीक है कि उनका योगदान सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने भारतीय संस्कृति और सिनेमा को एक नई पहचान दी।
हमारी राय
हमारी राय में धर्मेंद्र को पद्म विभूषण मिलना पूरी तरह से सही और सम्मानजनक फैसला है। उन्होंने जिस तरह दशकों तक भारतीय सिनेमा को अपनी एक्टिंग, स्क्रीन प्रेजेंस और मेहनत से आगे बढ़ाया, वो किसी एक पीढ़ी तक सीमित नहीं है। यह सम्मान सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि उस पूरे दौर को सलाम है जिसमें धर्मेंद्र ने काम किया। मरणोपरांत दिया गया यह अवॉर्ड उनके काम की स्थायी पहचान है, जो आने वाली पीढ़ियों को भी उनकी फिल्मों और विरासत से जोड़कर रखेगा।









