बीकानेर के देशनोक में स्थित करणी माता मंदिर का खास महत्व है। इस मंदिर में 20 से 25 हजार के करीब चूहें रहते हैं। इन चूहों की बकायदा पूजा की जाती है और भगवान को चढ़ाया हुआ पहला प्रसाद चूहों को खिलाया जाता है जिसके बाद भक्तगणों तक प्रसाद पहुंचता है। इन चूहों को 'काबा' कहते हैं। ये चूहें पवित्र माने जाते हैं और इनको दूध, मिठाई खिलाया जाता है।

 

चूहों को चोट पहुंचाना पाप

 

मंदिर में मान्यता है कि यहां रहने वाले चूहों को चोट पहुंचाना पाप है। कहा जाता है कि गलती से यदि आपने ऐसा कर दिया तो आपको सोने के चूहे से प्रायश्चित करना पड़ता है। करणी माता मंदिर का निर्माण 20वीं सदी में महाराजा गंगा सिंह ने करवाया था।

 

ये अनोखा मंदिर पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक है। अगर आप यहां दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए जाना चाहते हैं तो बीकानेर से 30 किमी. दूर देशनोक जाना पड़ेगा। यहां आप चूहों को दूध और मिठाई खिलाकर पूजा कर सकते हैं।

 

सफेद चूहों का बड़ा महत्व

 

यहां आपको सफेद चूहें भी देखने को मिलेंगे। अगर ये आपको दिखाई दिए तो समझ जाइए कि आपने जो भगवान से मन्नत मांगी है वो पूरी हो गई। ये चूहें पवित्र माने जाते हैं साथ ही करणी माता के अवतार कहलाते हैं। कहा जाता है कि इन सफेद चूहों में चमत्कारी शक्ति होती है। सफेद चूहों की पूजा के लिए मंदिर में इन्हें विशेष स्थान दिया जाता है। अगर कभी आपका यहां जाना हो तो सफेद चूहों को दूध और मिठाई जरूर खिलाइएगा। ऐसा करने से आपकी मनोकामना पूरी होगी।

 

अगर आप भी राजस्थान घूमने का प्लान बना रहे हैं तो करणी माता के मंदिर जरूर जाइएगा। यह एक अनोखा और पवित्र धार्मिक स्थल है। यहां आने से आपको शांति और आध्यात्मिकता का अनिभव होगा। आप भी यहां अपने परिवारवालों के साथ दर्शन करने आएं और अपने जीवन को सार्थक बनाएं।