जयपुर सहित कई जिलों में ऐसे-ऐसे मंदिर मौजूद हैं जिनका खास महत्व है इसलिए त्यौहारों के मौके पर दर्शन करने भक्तगण विदेशों से यहां आते हैं। पौराणिक कथाओं, धार्मिक मान्यताओं और वास्तुकला की अनुपम छाप से संपन्न ये मंदिर राजस्थान पर्यटन को बढ़ावा देता है। यहां हम आपको राजस्थान के 5 प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में बता रहे हैं जहां एक बार आपको परिवार वालों के साथ जरूर दर्शन करने जाना चाहिए।
बिरला मंदिर (जयपुर)
राजधानी जयपुर में स्थित बिरला मंदिर राजस्थान के प्रमुख मंदिरों में से एक है। इसकी शानदार सफेद मीनारें और यहां का शांतिपूर्ण वातावरण भक्तों को भगवान के प्रति समर्पित होने का अनुभव कराते हैं। सुबह और शाम के समय यहां खास आरती होगी है जिसमें हजारों की संख्या में लोग भाग लेते हैं।
करणी माता मंदिर (देशनोक, बीकानेर)
बीकानेर के देशनोक में स्थित करणी माता मंदिर अपनी अनूठी विशेषता के लिए प्रसिद्ध है। दरअसल यहां चूहों की पूजा होती है। यहां सफेद चूहें देखने का मतलब होता है कि आपकी मनोकामना पूरी हो गई। इस मंदिर में सबसे पहले चूहों को प्रसाद चढ़ाया जाता है उसके बाद ही भक्तगण इस प्रसाद को खा सकते हैं।
ब्रह्मा मंदिर (पुष्कर)
ब्रह्मा भगवान को समर्पित ये दश में एकमात्र मंदिर राजस्थान के पुष्कर में स्थित है। विश्व में ब्रह्मा भगवान को समर्पित बेहद कम मंदिरों में से एक गिना जाता है। ये मंदिर हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है और हर रोज यहां लाखों की संख्या में भक्तगण दर्शन करने आते हैं। हर साल ब्रह्मा मंदिर में मेला लगता है जहां देश-विदेश से लोग दर्शन करने आते हैं।
सालासर बालाजी मंदिर (चूरू)
चूरू में स्थित सालासर बालाजी मंदिर भगवान हनुमान जी को समर्पित है। अश्विन और चैत्र पूर्णिमा पर यहा अच्छई-खासी भीड़ देखने को मिलेगी। आप भी अपने परिवार वालों के साथ यहां भगवान हनुमान के अद्भुत रूप का दर्शन करने जरूर आएं।
राणकपुर जैन मंदिर (सादरी)
सादरी में स्थित राणकपुर जैन मंदिर जैन धर्म का पवित्र मंदिर है। हालांकि ये मंदिर जैन धर्म का है लेकिन अपनी अद्वितीय वास्तुकला और शांतिपूर्ण वातावरण की वजह से यहां दूर-दराज से अन्य धर्मों के लोग भी दर्शन करने आते हैं।









