गर्मी के मौसम में कूलर हम सबका सबसे बड़ा सहारा होता है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि कूलर चल तो रहा है, पर वो ठंडी हवा नहीं देता। ऐसे में लोग परेशान हो जाते हैं कि क्या नया कूलर खरीदना पड़ेगा या फिर इसकी सर्विस करवानी होगी। मगर, कुछ ऐसी जरूरी बातें हैं जिन्हें ध्यान में रख कर आप अपने पुराने कूलर से भी एसी जैसी ठंडक पा सकते हैं। कुछ ऐसे तरीके जानिए जो आपके कूलर को सुपर कूल बना देंगे।
कूलर की घास और उसकी सफाई
कुलर की ठंडक पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करती है कि उसकी घास या कूलिंग पैड्स कितने साफ हैं। अक्सर मौसम की धूल और मिट्टी घास में जम जाती है, जिस वजह से बाहर की हवा अंदर नहीं आ पाती। अगर आपके कुलर की घास पुरानी हो गयी है या वो ठोस हो गयी है, तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए। नयी घास में पानी रोकने की क्षमता ज्यादा होती है और हवा के गुजरने के लिए रास्ता भी खुला रहता है। इसके साथ ही कुलर की टंकी को हफ्ते में एक बार जरुर साफ करें ताकि पानी में कचरा ना जमे और पंप सही से काम करे।
कुलर को हमेशा खिड़की पर रखें
बहुत से लोग गलती करते हैं कि वो कुलर को कमरे के अंदर ही रख लेते हैं। कुलर एसी की तरह काम नहीं करता, ये इवैपोरेशन पर काम करता है। इसलिए कुलर को हमेशा ऐसी जगह रखें जहां से उसे बाहर की ताजी हवा मिल सके। सबसे बेहतर जगह खिड़की या दरवाजा होता है। जब कुलर बाहर की सूखी हवा को अंदर खींचता है और उसे गीली घास से गुजारता है, तभी असली ठंडक पैदा होती है। अगर आप इसे बंद कमरे में चलाएंगे तो ये सिर्फ ह्यूमिडिटी यानी उमस बढ़ाएगा और कमरा ठंडा होने की जगह गरम हो जाएगा।
क्रॉस वेंटिलेशन है सबसे जरुरी
कुलर चलाते समय अक्सर लोग कमरे के सारे दरवाजे और खिड़कियाँ बंद कर देते हैं, जो कि बिल्कुल गलत है। कुलर की ठंडी हवा तभी असर दिखाएगी जब पुरानी गरम हवा को बाहर निकलने का रास्ता मिलेगा। इसे क्रॉस वेंटिलेशन कहते हैं। कुलर के सामने वाली खिड़की या दरवाजे को थोड़ा खुला रखें ताकि हवा का बहाव बना रहे। अगर कमरे में वेंटिलेशन नहीं होगा, तो हवा भारी हो जाएगी और आपको पसीना आने लगेगा। एक एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल भी इस स्थिति में बहुत फायदेमंद साबित होता है।
पानी के पंप और पाइप की चेकिंग
कुलर की घास को भिगोने के लिए पानी का पंप सही होना बहुत जरुरी है। कई बार पंप चल रहा होता है लेकिन उसके पाइप में कचरा फंसने की वजह से पानी घास तक नहीं पहुंच पाता। आपको हर दो-तीन दिन में ये चेक करना चाहिए कि क्या घास के चारों तरफ पानी बराबर गिर रहा है। अगर घास का कोई भी हिस्सा सूखा रह जाएगा, तो वहाँ से गरम हवा अंदर आएगी जो ठंडक को कम कर देगी। पाइप के छेदों को किसी पिन या तार से साफ करते रहें ताकि पानी का फ्लो तेज रहे।
बर्फ का इस्तेमाल और ठंडा पानी
जब गर्मी हद से ज्यादा बढ़ जाए, तो सिर्फ साधारण पानी से काम नहीं चलता। ऐसे में कुलर की टंकी में थोड़ा ठंडा पानी या बर्फ के टुकड़े डालना एक बढ़िया विकल्प है। आजकल कई मॉडर्न कुलर्स में आइस चैंबर भी होता है। जब पानी ठंडा होगा, तो घास भी ज्यादा ठंडी होगी और कुलर से निकलने वाली हवा का तापमान काफी गिर जाएगा। हालांकि, ये ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा बर्फ डालने से पंप पर असर पड़ सकता है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही करें।
डायरेक्ट धूप से कुलर को बचाएं
कुलर का शरीर अक्सर लोहे या प्लास्टिक का होता है जो धूप में बहुत जल्दी गरम हो जाता है। अगर आपका कुलर ऐसी जगह रखा है जहाँ दिन भर सीधी धूप पड़ती है, तो उसका पानी जल्दी गरम हो जाएगा और हवा में वो ठंडक नहीं रहेगी। इससे बचने के लिए कुलर के ऊपर कोई शेड या छप्पर बनाएं। आप कुलर की बॉडी पर गीला जूट या बोरी भी डाल सकते हैं, जिससे उसका तापमान कम रहेगा। जितना कुलर का शरीर ठंडा रहेगा, उतनी ही बेहतर कूलिंग वो आपको देगा।
फैन की स्पीड और मोटर की ऑयलिंग
कुलर की मोटर को हर सीजन की शुरुआत में ऑयलिंग की जरुरत होती है। अगर मोटर जाम चल रही है या आवाज कर रही है, तो वो हवा का दबाव सही से पैदा नहीं कर पाएगी। मोटर की शाफ्ट में थोड़ा तेल डालने से उसकी रफ्तार बढ़ जाती है और बिजली की खपत भी कम होती है। साथ ही, कुलर के पंखे यानी फैन ब्लेड्स को भी साफ रखें। ब्लेड्स पर जमी धूल उन्हें भारी बना देती है जिससे हवा कम मिलती है। इन छोटी बातों का ध्यान रखकर आप कुलर की एफिशिएंसी बढ़ा सकते हैं।
सही मात्रा में पानी का लेवल
कुलर की टंकी में पानी का लेवल हमेशा सही होना चाहिए। ना तो पानी बहुत कम हो और ना ही टंकी को ऊपर तक लबालब भरें। अगर पानी बहुत कम होगा, तो पंप हवा खींचने लगेगा और ठंडक कम हो जाएगी। वही दूसरी तरफ, बहुत ज्यादा पानी होने से कुलर के अंदर ह्यूमिडिटी बढ़ सकती है। कोशिश करें कि दिन में दो बार पानी चेक करें और उसे रिफिल करते रहें। कुछ लोग पानी में थोड़ा सा खुशबूदार इत्र या कुलर परफ्यूम भी डालते हैं, जिससे कमरे में ठंडक के साथ-साथ अच्छी महक भी बनी रहती है।
घास लगाने का सही तरीका
अक्सर लोग घास लगाते समय उसे बहुत ठोस करके भर देते हैं। घास को हमेशा हल्का और फैला कर लगाना चाहिए ताकि हवा उसके बीच से आसानी से निकल सके। अगर घास बहुत घनी होगी, तो पंप का पानी बाहर गिरने लगेगा और फैन को हवा खींचने में मेहनत करनी पड़ेगी। घास लगाने के बाद उसे एक बार बाहर से अच्छे से भिगो दें ताकि वो सेट हो जाए। वुड वूल पैड्स के बजाय आजकल हनीकॉम्ब पैड्स का चलन भी बढ़ गया है, जो लंबे समय तक चलते हैं और बेहतर कूलिंग देते हैं।
बिजली की बचत और सुरक्षा
कुलर चलाते समय बिजली की सुरक्षा का ध्यान रखना भी बहुत जरुरी है। हमेशा चेक करें कि कहीं कोई वायर कटा फटा ना हो, क्योंकि कुलर में पानी का इस्तेमाल होता है और करंट लगने का खतरा रहता है। इसके अलावा, कुलर को तभी चलाएं जब जरुरत हो। अगर मौसम में नमी ज्यादा है, तो पंप को बंद करके सिर्फ फैन चलाएं। इससे आपको चिपचिपाहट नहीं होगी और बिजली का बिल भी कम आएगा। एक सही तरीके से मेंटेन किया गया कुलर कम बिजली में भी बेहतर ठंडक देने की क्षमता रखता है।









