आज के समय में विदेश घूमने का सपना बहुत लोगों का होता है। लेकिन जब बात आती है वहां गाड़ी चलाने की, तो लोग सोचते हैं कि क्या इसके लिए अलग लाइसेंस बनवाना पड़ेगा? अच्छी बात यह है कि कई देशों में भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस (Indian Driving License) को मान्यता मिलती है। यानी आप अपने भारतीय लाइसेंस के साथ ही वहां गाड़ी चला सकते हैं, हालांकि कुछ शर्तें जरूर होती हैं। आइए समझते हैं कि किन देशों में भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस काम करता है और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

 

क्या हर देश में भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस मान्य होता है?

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि हर देश में भारतीय लाइसेंस मान्य नहीं होता। कुछ देशों में आप सीधे अपने लाइसेंस से गाड़ी चला सकते हैं, जबकि कुछ जगहों पर International Driving Permit (IDP) की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा, लाइसेंस का अंग्रेजी में होना भी बहुत जरूरी होता है। अगर लाइसेंस हिंदी या किसी दूसरी भाषा में है, तो उसका ट्रांसलेशन करवाना पड़ सकता है।

यूनाइटेड किंगडम (UK)

यूनाइटेड किंगडम यानी UK उन देशों में से एक है जहां भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस आसानी से मान्य होता है। यहां आप अपने लाइसेंस के साथ लगभग 1 साल तक गाड़ी चला सकते हैं। हालांकि आपको वही वाहन चलाने की अनुमति होगी, जो आपके लाइसेंस में दर्ज है। 

ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया में भी भारतीय लाइसेंस मान्य है, लेकिन यहां नियम राज्य के अनुसार बदलते हैं। कुछ राज्यों में आप 3 महीने तक ड्राइव कर सकते हैं, जबकि कुछ जगहों पर यह अवधि 1 साल तक हो सकती है। इसलिए ऑस्ट्रेलिया जाने से पहले वहां के लोकल नियम जरूर चेक करना चाहिए।

अमेरिका (USA)

अमेरिका में भी भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस को मान्यता मिलती है। अधिकतर राज्यों में आप 1 साल तक गाड़ी चला सकते हैं, लेकिन कई जगहों पर IDP की जरूरत पड़ सकती है। इसके अलावा, आपके पास वैध वीजा और एंट्री डॉक्यूमेंट होना जरूरी होता है।

कनाडा

कनाडा में भारतीय लाइसेंस से ड्राइविंग की अनुमति मिलती है, लेकिन यह समय सीमित होता है। आमतौर पर आप 60 दिनों तक ही गाड़ी चला सकते हैं, उसके बाद आपको स्थानीय लाइसेंस लेना पड़ता है। 

न्यूज़ीलैंड

न्यूज़ीलैंड उन देशों में शामिल है जहां भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस काफी आसानी से स्वीकार किया जाता है। यहां आप 1 साल तक ड्राइव कर सकते हैं, बशर्ते आपका लाइसेंस अंग्रेजी में हो। 

जर्मनी

जर्मनी में भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस से ड्राइविंग की अनुमति मिलती है, लेकिन सिर्फ 6 महीने तक। इसके बाद आपको वहां का लाइसेंस लेना जरूरी हो जाता है। 

फ्रांस और स्विट्जरलैंड

फ्रांस और स्विट्जरलैंड में भी भारतीय लाइसेंस को मान्यता मिलती है। यहां आप लगभग 1 साल तक गाड़ी चला सकते हैं, लेकिन कई बार ट्रांसलेशन की जरूरत पड़ सकती है।

सिंगापुर

सिंगापुर में भारतीय लाइसेंस से ड्राइविंग संभव है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होती हैं। आप यहां 12 महीने तक ड्राइव कर सकते हैं, लेकिन कई बार IDP की जरूरत भी पड़ सकती है। 

साउथ अफ्रीका और स्वीडन

साउथ अफ्रीका और स्वीडन जैसे देशों में भी भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस को स्वीकार किया जाता है। यहां आप लगभग 1 साल तक गाड़ी चला सकते हैं, बशर्ते लाइसेंस अंग्रेजी में हो। 

 

क्या International Driving Permit जरूरी है?

यह सवाल बहुत लोगों के मन में होता है कि क्या IDP जरूरी है या नहीं। असल में, यह पूरी तरह देश पर निर्भर करता है। कुछ देशों में बिना IDP के भी काम चल जाता है, जबकि कुछ जगहों पर यह अनिवार्य होता है। इसलिए यात्रा से पहले संबंधित देश के नियम जरूर जांच लेना चाहिए।

भले ही कई देशों में भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस मान्य हो, फिर भी International Driving Permit (IDP) बनवाना एक सुरक्षित विकल्प माना जाता है। यह आपके लाइसेंस का आधिकारिक ट्रांसलेशन होता है, जिसे दुनिया के कई देशों में आसानी से स्वीकार किया जाता है। अगर किसी देश में लोकल पुलिस या रेंटल एजेंसी को आपके लाइसेंस पर शक होता है, तो IDP आपके लिए मददगार साबित होता है। इससे आपको किसी तरह की कानूनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता और आप बिना चिंता के ड्राइविंग का आनंद ले सकते हैं।

 

किन बातों का रखें खास ध्यान?

विदेश में ड्राइविंग करने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपका लाइसेंस वैध है और अंग्रेजी में है। इसके अलावा, जिस देश में जा रहे हैं वहां के ट्रैफिक नियमों को समझना भी जरूरी है, क्योंकि कई देशों में गाड़ी दाईं तरफ चलती है, जो भारत से अलग है।

 

क्या भारत का लाइसेंस हर तरह की गाड़ी के लिए मान्य है?

नहीं, यह भी एक जरूरी बात है। आप जिस प्रकार की गाड़ी चलाने की अनुमति भारत में रखते हैं, विदेश में भी आपको वही गाड़ी चलाने की अनुमति होगी। अगर आपके लाइसेंस में सिर्फ कार की अनुमति है, तो आप ट्रक या बाइक नहीं चला सकते।

 

विदेश में गाड़ी किराए पर लेते समय किन बातों का रखें ध्यान

जब आप विदेश में गाड़ी किराए पर लेते हैं, तो सिर्फ ड्राइविंग लाइसेंस ही काफी नहीं होता। आपको अपनी उम्र, वैध वीजा, पासपोर्ट और कई बार क्रेडिट कार्ड भी दिखाना पड़ता है। कई रेंटल कंपनियां ड्राइविंग का अनुभव भी पूछती हैं और 21 या 25 साल से कम उम्र वालों को गाड़ी देने से मना कर सकती हैं। इसके अलावा, इंश्योरेंस कवर लेना भी जरूरी होता है ताकि किसी दुर्घटना की स्थिति में आपको बड़ा आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।

भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस कई देशों में मान्य है, जो यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा की बात है। इससे न सिर्फ समय और पैसे की बचत होती है, बल्कि आप विदेश में भी आराम से रोड ट्रिप का आनंद ले सकते हैं।लेकिन हर देश के नियम अलग होते हैं, इसलिए यात्रा से पहले पूरी जानकारी लेना जरूरी है। अगर आप सही जानकारी और तैयारी के साथ विदेश जाते हैं, तो आपका सफर और भी आसान और यादगार बन सकता है।