14 January 2026
ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, हिंसा में मरने वालों की संख्या 2,500 के पार पहुंच गई है, जिससे स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है।
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने एक एडवाइजरी जारी कर सभी भारतीय नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने को कहा है। दूतावास ने सलाह दी है कि जो भी कमर्शियल फ्लाइट्स उपलब्ध हैं, उनका उपयोग कर जल्द से जल्द बाहर निकलें।
यह निर्देश केवल पर्यटकों के लिए नहीं है, बल्कि ईरान में रह रहे छात्रों, तीर्थयात्रियों और व्यवसायियों सहित सभी भारतीय नागरिकों पर समान रूप से लागू होता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रदर्शनकारियों का आह्वान करते हुए उन्हें अपने संस्थानों पर कब्जा करने के लिए उकसाया है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया है कि "मदद रास्ते में है।"
दूसरी ओर, ईरानी अधिकारियों ने इन प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका और इजराइल का हाथ बताया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि ये देश प्रदर्शनकारियों को भड़काकर ईरान को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं।
ईरानी सरकार ने प्रदर्शनों के दौरान हो रही मौतों के लिए खुद को जिम्मेदार न मानकर, इसके लिए "आतंकवादी गुर्गों" (Terrorist Operatives) को दोषी ठहराया है।
दूतावास ने उन भारतीयों से तत्काल पंजीकरण (Registration) करने को कहा है जिन्होंने अभी तक अपनी जानकारी साझा नहीं की है। आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर और ईमेल सपोर्ट भी शुरू कर दिया गया है।
भारतीय नागरिकों को हिदायत दी गई है कि वे अपने पासपोर्ट, आईडी और यात्रा संबंधी सभी आव्रजन दस्तावेजों को हर समय अपने साथ रखें ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में वे तुरंत वहां से निकल सकें।
सभी भारतीयों और भारतीय मूल के लोगों (PIOs) को प्रदर्शन वाले क्षेत्रों से दूर रहने, स्थानीय समाचारों पर नजर रखने और दूतावास के साथ निरंतर संपर्क में रहने के लिए कहा गया है।