हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइंस में से एक IndiGo ने अब ऐसी सुविधा शुरू की है, जिससे एयरपोर्ट आने-जाने की टेंशन काफी हद तक कम हो सकती है। कंपनी ने ‘Cabs with IndiGo’ नाम से नई कैब सर्विस लॉन्च की है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यात्री फ्लाइट टिकट बुक करते समय ही एयरपोर्ट कैब भी बुक कर सकेंगे। कंपनी का दावा है कि इस सेवा का शुरुआती किराया सिर्फ 49 रुपये से शुरू होगा।
यह कदम ऐसे समय में आया है जब एयरलाइंस कंपनियां सिर्फ उड़ान तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि यात्रियों को एंड-टू-एंड ट्रैवल एक्सपीरियंस देने की कोशिश कर रही हैं। यानी घर से एयरपोर्ट और एयरपोर्ट से मंजिल तक का पूरा सफर एक ही प्लेटफॉर्म पर मैनेज किया जा सकेगा।
क्या है ‘Cabs with IndiGo’ सर्विस?
IndiGo की नई सेवा का मकसद यात्रियों को एयरपोर्ट ट्रांसफर की सुविधा देना है। अब किसी व्यक्ति को फ्लाइट बुक करने के बाद अलग से कैब ऐप खोलकर गाड़ी खोजने की जरूरत नहीं होगी। टिकट बुकिंग के दौरान ही कैब जोड़ने का विकल्प मिलेगा।
कंपनी के मुताबिक यह सेवा देश के कई शहरों में उपलब्ध होगी और यात्रियों को एयरपोर्ट से घर या घर से एयरपोर्ट तक पहुंचने की सुविधा देगी। इससे खासकर उन लोगों को फायदा होगा जो पहली बार किसी शहर में जा रहे हों या जिन्हें एयरपोर्ट पहुंचने के लिए भरोसेमंद ट्रांसपोर्ट चाहिए।
सिर्फ टिकट नहीं, पूरा ट्रैवल पैकेज
पिछले कुछ वर्षों में एयरलाइंस कंपनियों का फोकस केवल उड़ान बेचने पर नहीं रहा है। अब वे होटल, ट्रैवल इंश्योरेंस, एयरपोर्ट सेवाएं और ग्राउंड ट्रांसपोर्ट जैसी सुविधाएं भी जोड़ रही हैं।
IndiGo पहले से होटल बुकिंग, हॉलिडे पैकेज और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराती रही है। अब कैब सर्विस को भी अपने प्लेटफॉर्म में शामिल करके कंपनी यात्रियों को एक ही जगह पर पूरी यात्रा की योजना बनाने का मौका देना चाहती है।
49 रुपये का किराया कितना खास है?
नई सेवा का सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला पहलू इसका शुरुआती किराया है। 49 रुपये का शुरुआती किराया सुनने में काफी आकर्षक लगता है। हालांकि वास्तविक किराया दूरी, शहर, समय और उपलब्धता के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है।
ऐसे शुरुआती ऑफर आमतौर पर ग्राहकों को नई सेवा से जोड़ने के लिए दिए जाते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि यात्री बुकिंग के समय पूरा किराया और शर्तें जरूर देखें। फिर भी बाजार में जहां एयरपोर्ट कैब का किराया कई बार सैकड़ों रुपये तक पहुंच जाता है, वहां 49 रुपये की शुरुआती कीमत लोगों का ध्यान जरूर खींच रही है।
कैसे होगी बुकिंग?
IndiGo की वेबसाइट और ऐप पर फ्लाइट टिकट बुक करते समय यात्रियों को कैब जोड़ने का विकल्प मिलेगा। यात्री अपनी पिकअप और ड्रॉप लोकेशन चुन सकेंगे और उपलब्ध कैब विकल्पों में से अपनी जरूरत के हिसाब से वाहन चुन पाएंगे। बुकिंग के बाद ड्राइवर और यात्रा से जुड़ी जानकारी भी डिजिटल तरीके से उपलब्ध कराई जाएगी। इससे यात्रियों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
यात्रियों को क्या फायदा होगा?
सबसे बड़ा फायदा सुविधा का है। कई बार एयरपोर्ट पहुंचने के बाद कैब ढूंढने में समय लग जाता है। पीक ऑवर्स में किराया भी बढ़ जाता है। अगर कैब पहले से बुक हो तो यात्री को यह चिंता नहीं रहती कि एयरपोर्ट पर उतरने के बाद गाड़ी मिलेगी या नहीं। खासकर बिजनेस ट्रैवलर्स और परिवार के साथ यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है। इसके अलावा फ्लाइट और कैब दोनों की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर होने से यात्रा की योजना बनाना आसान हो जाएगा।
एयरलाइन इंडस्ट्री में बढ़ रही है नई सोच
दुनिया भर में एयरलाइंस कंपनियां अब केवल हवाई यात्रा तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। वे अपने ग्राहकों को पूरा ट्रैवल इकोसिस्टम देने की कोशिश कर रही हैं।यही वजह है कि टिकट के साथ होटल, कैब, लाउंज और अन्य सेवाओं को जोड़ने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। IndiGo का यह कदम भी उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
एयरपोर्ट ट्रैवल की बड़ी समस्या का समाधान?
कई यात्रियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी एयरपोर्ट तक पहुंचना या एयरपोर्ट से बाहर निकलना होती है। खासकर सुबह जल्दी या देर रात की फ्लाइट्स में यह समस्या और बढ़ जाती है। ऐसे में अगर फ्लाइट बुकिंग के साथ ही कैब भी तय हो जाए तो यात्रा का अनुभव बेहतर हो सकता है। कंपनी इसी सुविधा को अपना बड़ा प्लस पॉइंट बता रही है।
भविष्य में और सेवाएं जुड़ सकती हैं
जानकारों का मानना है कि आने वाले सालों में एयरलाइंस कंपनियां और भी कई तरह की सेवाएं जोड़ सकती हैं। ट्रैवल इंडस्ट्री तेजी से डिजिटल और इंटीग्रेटेड होती जा रही है। IndiGo पहले भी नई सुविधाएं जोड़ती रही है और माना जा रहा है कि आगे यात्रियों को और भी स्मार्ट ट्रैवल विकल्प देखने को मिल सकते हैं।
क्या यह सेवा कैब एग्रीगेटर कंपनियों को चुनौती देगी?
फिलहाल ऐसा कहना जल्दबाजी होगी। Ola और Uber जैसी कंपनियां पहले से इस बाजार में मजबूत मौजूदगी रखती हैं। लेकिन IndiGo का फायदा यह है कि उसके पास पहले से लाखों एयर ट्रैवलर्स का बड़ा ग्राहक आधार है। अगर यात्रियों को बुकिंग प्रक्रिया आसान और फेयर कंपटीशन लगता है तो यह सेवा लोकप्रिय हो सकती है। इससे एयरपोर्ट कैब सेगमेंट में कंपटीशन और बढ़ने की संभावना है।
हमारी राय
IndiGo की ‘Cabs with IndiGo’ सेवा यात्रियों के लिए सुविधाजनक कदम साबित हो सकती है। फ्लाइट टिकट और एयरपोर्ट कैब को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाने से यात्रा का अनुभव आसान हो सकता है। 49 रुपये का शुरुआती किराया निश्चित रूप से लोगों का ध्यान खींचेगा, लेकिन वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सेवा कितनी भरोसेमंद और किफायती साबित होती है। हमारी राय में अगर यह मॉडल सही तरीके से लागू होता है तो यात्रियों को एयरपोर्ट ट्रांसफर की झंझट से काफी राहत मिल सकती है और हवाई यात्रा पहले से ज्यादा सहज बन सकती है।









