भारत समेत दुनिया भर में करोड़ों लोग अपने दिन की शुरुआत एक कप कॉफी से करते हैं। कुछ लोगों के लिए यह सिर्फ एक ड्रिंक है, तो कुछ के लिए दिनभर एक्टिव रहने का तरीका। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रोज कॉफी पीने की आदत आपकी उम्र भी बढ़ा सकती है? हाल ही में सामने आई एक नई स्टडी में इसी सवाल का जवाब तलाशने की कोशिश की गई है। स्टडी के नतीजे बताते हैं कि सीमित मात्रा में कॉफी पीने वाले लोगों में लंबी उम्र और कुछ गंभीर बीमारियों का खतरा कम हो सकता है। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका मतलब यह नहीं है कि ज्यादा कॉफी पीना हमेशा फायदेमंद होगा।
स्टडी के मुताबिक, कॉफी में मौजूद कई प्राकृतिक तत्व शरीर पर सकारात्मक असर डाल सकते हैं। लेकिन इसके फायदे इस बात पर भी निर्भर करते हैं कि आप दिन में कितनी कॉफी पीते हैं, उसमें कितनी चीनी मिलाते हैं और आपकी कुल लाइफस्टाइल कैसी है। इसलिए सिर्फ कॉफी को लंबी उम्र का राज मानना सही नहीं होगा।
स्टडी में क्या सामने आया?
रिसर्च में पाया गया कि जो लोग रोजाना सीमित मात्रा में कॉफी पीते हैं, उनमें समय से पहले मौत का खतरा उन लोगों की तुलना में कम देखा गया जो बिल्कुल कॉफी नहीं पीते थे। शोधकर्ताओं का मानना है कि कॉफी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और दूसरे बायोएक्टिव कंपाउंड शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं।
हालांकि यह एक ऑब्जर्वेशनल स्टडी है। यानी इससे यह साबित नहीं होता कि सिर्फ कॉफी पीने से ही उम्र बढ़ जाती है। हो सकता है कि कॉफी पीने वाले लोग दूसरी स्वस्थ आदतें भी अपनाते हों, जिनका असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ता हो।
आखिर कॉफी में ऐसा क्या होता है?
कॉफी में सिर्फ कैफीन ही नहीं होती, बल्कि इसमें कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट, पॉलीफेनॉल और दूसरे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। ये शरीर में सूजन कम करने और फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को घटाने में मदद कर सकते हैं। इसी वजह से कई रिसर्च में कॉफी को हृदय, लिवर और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी कुछ बीमारियों के कम जोखिम से जोड़ा गया है। हालांकि हर व्यक्ति का शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया देता है।
कितनी कॉफी पीना सही माना गया?
ज्यादातर शोधों में रोजाना 2 से 4 कप तक कॉफी पीने को सुरक्षित और संभावित रूप से फायदेमंद माना गया है। इस मात्रा से ज्यादा कॉफी पीने पर कुछ लोगों में फायदे कम हो सकते हैं या नुकसान भी हो सकता है। अगर कोई व्यक्ति दिनभर में कई बड़े मग कॉफी पीता है, तो उसके शरीर में कैफीन की मात्रा जरूरत से ज्यादा हो सकती है। इसलिए संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
किन बीमारियों का खतरा हो सकता है कम?
कई पुराने शोधों में यह पाया गया है कि सीमित मात्रा में कॉफी पीने वाले लोगों में टाइप-2 डायबिटीज, कुछ लिवर रोग, स्ट्रोक और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम देखा गया। इसके अलावा कुछ अध्ययनों में पार्किंसन रोग और डिप्रेशन के जोखिम में भी कमी के संकेत मिले हैं। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि इन सभी संबंधों पर अभी भी लगातार रिसर्च चल रही है और इन्हें अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
क्या हर किसी के लिए कॉफी फायदेमंद है?
इसका जवाब है, नहीं। हर व्यक्ति की सेहत, उम्र और मेडिकल स्थिति अलग होती है। कुछ लोगों को कैफीन से बेचैनी, घबराहट, तेज धड़कन या नींद की समस्या हो सकती है। अगर किसी को हाई एंग्जायटी, गंभीर एसिडिटी, अनियंत्रित ब्लड प्रेशर या कैफीन से एलर्जी जैसी समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह के बिना ज्यादा कॉफी नहीं पीनी चाहिए। गर्भवती महिलाओं को भी कैफीन की मात्रा सीमित रखने की सलाह दी जाती है।
क्या दूध और चीनी वाली कॉफी भी उतनी ही फायदेमंद?
एक अहम बात यह भी है कि कॉफी के फायदे काफी हद तक इस बात पर निर्भर करते हैं कि आप उसे किस तरह पीते हैं। अगर कॉफी में बहुत ज्यादा चीनी, फ्लेवर्ड सिरप या हाई-फैट क्रीम मिलाई जाती है, तो उसकी कैलोरी काफी बढ़ जाती है। ऐसे में कॉफी के संभावित फायदे कम हो सकते हैं। इसलिए हेल्थ एक्सपर्ट्स कम चीनी या बिना चीनी वाली कॉफी को बेहतर विकल्प मानते हैं।
क्या सिर्फ कॉफी पीने से लंबी उम्र मिल जाएगी?
बिल्कुल नहीं। लंबी और स्वस्थ जिंदगी के लिए सिर्फ एक चीज जिम्मेदार नहीं होती। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, अच्छी नींद, तनाव पर नियंत्रण और धूम्रपान या अत्यधिक शराब से दूरी जैसी आदतें भी उतनी ही जरूरी हैं। अगर कोई व्यक्ति सिर्फ कॉफी पीकर बाकी सभी अस्वस्थ आदतें अपनाता है, तो उसे सिर्फ कॉफी के भरोसे फायदा मिलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?
अगर आपको गैस, एसिडिटी, पेट में जलन या नींद की परेशानी रहती है, तो खाली पेट कॉफी पीने से बचना चाहिए। इसी तरह जिन लोगों को डॉक्टर ने कैफीन कम लेने की सलाह दी है, उन्हें भी अपनी मात्रा सीमित रखनी चाहिए। बच्चों और किशोरों में भी कैफीन का सेवन नियंत्रित होना चाहिए, क्योंकि अधिक मात्रा उनके स्वास्थ्य और नींद पर असर डाल सकती है।
एक्सपर्ट्स की क्या सलाह है?
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आप पहले से सीमित मात्रा में कॉफी पीते हैं और उससे कोई परेशानी नहीं होती, तो इसे संतुलित जीवनशैली का हिस्सा बनाया जा सकता है। लेकिन जो लोग कॉफी नहीं पीते, उन्हें सिर्फ लंबी उम्र की उम्मीद में इसे शुरू करने की जरूरत नहीं है। हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है, इसलिए कोई भी बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह लेना बेहतर रहता है।
हमारी राय
नई स्टडी यह जरूर संकेत देती है कि सीमित मात्रा में रोजाना कॉफी पीने की आदत कुछ लोगों में बेहतर स्वास्थ्य और लंबी उम्र से जुड़ी हो सकती है। लेकिन यह कोई जादुई उपाय नहीं है। कॉफी तभी फायदेमंद साबित हो सकती है, जब उसके साथ संतुलित खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ जीवनशैली भी अपनाई जाए। इसलिए अगर आप कॉफी पीते हैं, तो मात्रा का ध्यान रखें और इसे स्वस्थ आदतों के साथ जोड़कर ही देखें।









