आजकल गैस, पेट फूलना और डकार आना बहुत आम समस्या बन गई है। कई लोग सोचते हैं कि इसकी वजह सिर्फ बाहर का खाना या मसालेदार भोजन है, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता। कई बार हमारी रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें ही पेट में गैस बनने की सबसे बड़ी वजह बन जाती हैं। अगर समय रहते इन आदतों को नहीं बदला जाए तो यह परेशानी बार-बार होने लगती है और धीरे-धीरे रोज का हिस्सा बन जाती है।
अगर आपको भी अक्सर खाना खाने के बाद पेट भारी लगता है, बार-बार गैस बनती है या पेट फूला हुआ महसूस होता है, तो दवा लेने से पहले अपनी लाइफस्टाइल पर नजर डालना जरूरी है। कई बार सिर्फ कुछ आदतों में बदलाव करने से ही काफी राहत मिल सकती है।
जल्दी-जल्दी खाना खाना
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बहुत से लोग खाना आराम से चबाकर खाने की बजाय जल्दी-जल्दी निगल लेते हैं। ऐसा करने से खाने के साथ ज्यादा हवा भी पेट के अंदर चली जाती है। यही हवा बाद में गैस, डकार और पेट फूलने की वजह बन सकती है। अगर आप धीरे-धीरे, अच्छी तरह चबाकर खाना खाते हैं तो पाचन बेहतर होता है और गैस बनने की संभावना भी कम हो जाती है। इसलिए खाना खाते समय जल्दबाजी करने से बचें और हर निवाले को अच्छी तरह चबाएं।
लंबे समय तक खाली पेट रहना
कई लोग काम के चक्कर में घंटों तक कुछ नहीं खाते और फिर एक साथ बहुत ज्यादा खाना खा लेते हैं। यह आदत भी पाचन तंत्र पर दबाव डालती है। लंबे समय तक खाली पेट रहने के बाद ज्यादा खाना खाने से एसिडिटी, गैस और अपच की समस्या बढ़ सकती है। बेहतर होगा कि दिनभर में तय समय पर थोड़ा-थोड़ा खाना खाएं। इससे पेट पर एक साथ ज्यादा दबाव नहीं पड़ता और पाचन भी ठीक रहता है।
जरूरत से ज्यादा तला-भुना खाना
समोसे, कचौड़ी, चिप्स, पकोड़े, पिज्जा और दूसरी तली-भुनी चीजें स्वाद में अच्छी लगती हैं, लेकिन इन्हें पचने में ज्यादा समय लगता है। ऐसे भोजन से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है और गैस बनने की संभावना भी बढ़ जाती है। अगर आपको पहले से गैस की शिकायत रहती है तो ऐसे खाने की मात्रा कम कर दें और घर का हल्का व संतुलित भोजन ज्यादा खाएं।
कार्बोनेटेड ड्रिंक्स ज्यादा पीना
सॉफ्ट ड्रिंक, सोडा और फिजी ड्रिंक्स में कार्बन डाइऑक्साइड गैस होती है। इन्हें ज्यादा पीने से पेट में अतिरिक्त गैस जमा हो सकती है। यही वजह है कि कई लोगों को कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद डकार और पेट फूलने की शिकायत होती है। अगर गैस की समस्या बार-बार होती है तो इन ड्रिंक्स की जगह सादा पानी, छाछ, नारियल पानी या नींबू पानी जैसे विकल्प चुनना बेहतर रहेगा।
खाना खाने के तुरंत बाद लेट जाना
कुछ लोगों की आदत होती है कि खाना खाते ही बिस्तर पर लेट जाते हैं या सो जाते हैं। इससे खाना ठीक से पच नहीं पाता और गैस, एसिडिटी या सीने में जलन जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। खाना खाने के बाद कम से कम 20 से 30 मिनट तक हल्की वॉक करना या सीधे बैठना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। इससे पाचन प्रक्रिया बेहतर तरीके से काम करती है।
पानी कम पीना
अगर शरीर में पानी की कमी रहती है तो पाचन भी प्रभावित हो सकता है। इससे कब्ज की समस्या बढ़ती है और कब्ज की वजह से गैस बनने की संभावना भी ज्यादा हो जाती है। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की आदत बनाएं। इससे भोजन आसानी से पचता है और पेट भी साफ रहता है।
तनाव भी बन सकता है वजह
बहुत से लोग यह नहीं जानते कि मानसिक तनाव का असर सीधे पेट पर भी पड़ता है। लगातार तनाव में रहने से पाचन तंत्र की सामान्य प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, जिससे गैस, पेट दर्द और अपच जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। अगर आप लगातार तनाव महसूस करते हैं तो योग, मेडिटेशन, गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज या अपनी पसंद की किसी गतिविधि के लिए समय निकालें। इससे मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की सेहत बेहतर रहती है।
कुछ चीजें हर किसी को सूट नहीं करतीं
हर व्यक्ति का पाचन तंत्र अलग होता है। कुछ लोगों को दूध, कुछ को राजमा, छोले, गोभी, पत्तागोभी, ब्रोकली या बीन्स खाने के बाद ज्यादा गैस बनती है। इसका मतलब यह नहीं कि ये चीजें खराब हैं, बल्कि हो सकता है आपका शरीर इन्हें आसानी से पचा नहीं पा रहा हो। अगर आपको किसी खास चीज को खाने के बाद हर बार गैस बनती है, तो कुछ दिनों तक उसे कम करके देखें और डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लें।
च्युइंग गम और स्ट्रॉ से पीने की आदत
बार-बार च्युइंग गम चबाने या स्ट्रॉ से ड्रिंक पीने पर भी शरीर के अंदर ज्यादा हवा जा सकती है। यह अतिरिक्त हवा बाद में गैस और डकार का कारण बनती है। अगर आपको पहले से पेट में गैस की परेशानी रहती है तो इन आदतों को कम करना फायदेमंद हो सकता है।
कब डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिए?
अगर गैस कभी-कभी बनती है तो यह सामान्य हो सकती है। लेकिन अगर यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, बहुत ज्यादा पेट दर्द होता है, लगातार कब्ज या दस्त रहता है, वजन तेजी से कम होने लगे, मल में खून आए या गैस के साथ बार-बार उल्टी जैसी शिकायत हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे मामलों में खुद दवा लेने की बजाय डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है, क्योंकि कभी-कभी गैस के पीछे कोई दूसरी पाचन संबंधी बीमारी भी हो सकती है।
हमारी राय
गैस की समस्या हमेशा किसी बड़ी बीमारी का संकेत नहीं होती। कई बार हमारी रोज की छोटी-छोटी आदतें ही इसकी असली वजह होती हैं। अगर आप समय पर खाना खाएं, धीरे-धीरे चबाकर खाएं, पर्याप्त पानी पिएं, तला-भुना भोजन कम करें और रोज थोड़ा-बहुत शारीरिक गतिविधि करें, तो गैस की परेशानी काफी हद तक कम हो सकती है। लेकिन अगर समस्या लंबे समय तक बनी रहे या इसके साथ दूसरे गंभीर लक्षण भी दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेने में बिल्कुल देर नहीं करनी चाहिए।









