पिछले कई सालों से भारत Apple के लिए सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक रहा है। हर साल iPhone की बिक्री नए रिकॉर्ड बनाती रही और कंपनी ने प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में अपनी मजबूत पकड़ बना ली। लेकिन अब तस्वीर थोड़ी बदलती नजर आ रही है। बाजार रिसर्च कंपनियों का अनुमान है कि 2026 में भारत में iPhone की शिपमेंट पहली बार गिर सकती है। खास बात यह है कि इसकी वजह iPhone की मांग कम होना नहीं, बल्कि सप्लाई से जुड़ी दिक्कतें और कम होते ऑफर बताए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय ग्राहक अब भी iPhone खरीदना चाहते हैं, लेकिन सीमित सप्लाई, कम एक्सचेंज ऑफर और पहले जैसी आसान फाइनेंस स्कीम नहीं मिलने से बिक्री पर असर पड़ सकता है। ऐसे में Apple के लिए भारत जैसा अहम बाजार भी चुनौतीपूर्ण होता दिखाई दे रहा है।
पहली बार क्यों घट सकती है शिपमेंट?
IDC और Counterpoint जैसी रिसर्च एजेंसियों के मुताबिक, 2026 में भारत में iPhone की शिपमेंट में गिरावट आने का सबसे बड़ा कारण सप्लाई चेन की दिक्कतें हैं। iPhone 17 सीरीज की उपलब्धता सीमित रहने और कुछ मॉडल्स की सप्लाई प्रभावित होने से बाजार में पर्याप्त स्टॉक नहीं पहुंच पा रहा है। यही वजह है कि मांग होने के बावजूद बिक्री की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल से जून 2026 की तिमाही में भारत में iPhone शिपमेंट सालाना आधार पर करीब 3 प्रतिशत घटी, जबकि पूरे स्मार्टफोन बाजार में भी गिरावट देखने को मिली।
मांग नहीं, सप्लाई बनी परेशानी
Apple के लिए राहत की बात यह है कि ग्राहकों के बीच iPhone की लोकप्रियता कम नहीं हुई है। लोग अब भी iPhone खरीदना चाहते हैं, लेकिन कई शहरों में स्टोर पर पसंदीदा मॉडल आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। विश्लेषकों का कहना है कि अगर पर्याप्त सप्लाई होती तो बिक्री और बेहतर हो सकती थी। यानी फिलहाल समस्या डिमांड की नहीं बल्कि सप्लाई की है।
कम हुए एक्सचेंज और फाइनेंस ऑफर
कुछ साल पहले तक iPhone खरीदना आसान बनाने के लिए बैंक ऑफर, नो-कॉस्ट EMI, एक्सचेंज बोनस और कैशबैक जैसी कई स्कीम मिलती थीं। इससे महंगा फोन भी बड़ी संख्या में ग्राहक खरीद लेते थे। लेकिन इस साल ऐसे ऑफर पहले की तुलना में कम हो गए हैं। पुराने iPhone पर मिलने वाली एक्सचेंज वैल्यू भी कम हुई है। इसके कारण ग्राहकों को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं, जिसका असर बिक्री पर पड़ सकता है।
पुराने मॉडल्स पर भी कम छूट
हर साल नई iPhone सीरीज लॉन्च होने के बाद पुराने मॉडल्स की कीमत में अच्छी-खासी कटौती देखने को मिलती थी। इससे कई ग्राहक पुराने मॉडल खरीदना पसंद करते थे। लेकिन इस बार रिपोर्ट्स के मुताबिक iPhone 15, iPhone 16 और दूसरे पुराने मॉडल्स पर भी पहले जैसी भारी छूट मिलने की संभावना कम है। इसका कारण Apple की नई लॉन्च रणनीति और सीमित सप्लाई को माना जा रहा है।
भारत Apple के लिए क्यों है इतना अहम?
भारत दुनिया के सबसे बड़े स्मार्टफोन बाजारों में शामिल है। प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। पिछले कुछ वर्षों में Apple ने भारत में रिकॉर्ड ग्रोथ दर्ज की और लाखों नए ग्राहक जोड़े। यही वजह है कि कंपनी अब भारत में सिर्फ बिक्री ही नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर iPhone की मैन्युफैक्चरिंग भी कर रही है। भारत Apple की ग्लोबल रणनीति का अहम हिस्सा बन चुका है।
क्या Apple की ग्रोथ रुक जाएगी?
फिलहाल ऐसा मानना जल्दबाजी होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है। अगर आने वाले महीनों में सप्लाई सामान्य हो जाती है और त्योहारी सीजन में बेहतर ऑफर आते हैं, तो बिक्री फिर से रफ्तार पकड़ सकती है। Apple का इकोसिस्टम, ब्रांड वैल्यू और प्रीमियम इमेज अब भी काफी मजबूत है। यही वजह है कि लंबे समय में भारत कंपनी के लिए सबसे अहम बाजारों में बना रहेगा।
बाकी कंपनियों को मिल सकता है फायदा
अगर iPhone की उपलब्धता सीमित रहती है, तो इसका फायदा Samsung, OnePlus, Google Pixel, Vivo और Xiaomi जैसी कंपनियों को मिल सकता है। कई ग्राहक जिन्हें तुरंत नया प्रीमियम फोन चाहिए, वे दूसरे ब्रांड की ओर रुख कर सकते हैं। हालांकि Apple के वफादार ग्राहक अक्सर इंतजार करना पसंद करते हैं, लेकिन लंबे समय तक सप्लाई की समस्या रहने पर बाजार में प्रतिस्पर्धा और बढ़ सकती है।
क्या iPhone और महंगा हो सकता है?
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि मेमोरी चिप और दूसरे कंपोनेंट्स की लागत बढ़ने से भविष्य में कीमतों पर दबाव आ सकता है। अगर लागत बढ़ती है और ऑफर कम रहते हैं, तो ग्राहकों के लिए iPhone खरीदना पहले से ज्यादा महंगा साबित हो सकता है। हालांकि Apple ने भारत के लिए किसी नई कीमत की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
अगर आप नया iPhone खरीदने की योजना बना रहे हैं और जल्दबाजी नहीं है, तो त्योहारी सीजन का इंतजार करना बेहतर हो सकता है। उस समय बैंक ऑफर, एक्सचेंज बोनस और दूसरी छूट मिलने की संभावना रहती है। वहीं अगर आपको तुरंत फोन खरीदना है, तो अलग-अलग ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टोर के ऑफर की तुलना जरूर करें। कई बार अधिकृत रिटेलर्स अलग-अलग स्कीम भी देते हैं।
हमारी राय
भारत में iPhone शिपमेंट में संभावित गिरावट Apple के लिए चिंता की बात जरूर है, लेकिन इसे कंपनी की लोकप्रियता में कमी नहीं माना जा सकता। मौजूदा संकेत बताते हैं कि समस्या मांग से ज्यादा सप्लाई और कम होते ऑफर्स की है। अगर आने वाले महीनों में सप्लाई सामान्य होती है और ग्राहकों को पहले जैसी आकर्षक फाइनेंस व एक्सचेंज स्कीम मिलती हैं, तो Apple फिर से तेजी से ग्रोथ की राह पर लौट सकता है। फिलहाल भारतीय बाजार कंपनी के लिए पहले जितना ही महत्वपूर्ण बना हुआ है और आने वाला त्योहारी सीजन यह तय करेगा कि यह गिरावट अस्थायी रहती है या लंबी अवधि का रुझान बनती है।









