गर्मी हो या बरसात, फ्रिज आज लगभग हर घर की जरूरत बन चुका है। ठंडा पानी, दूध, सब्जियां, फल और दूसरी खाने-पीने की चीजों को ताजा रखने के लिए लोग पूरे साल फ्रिज का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि फ्रिज लगातार चलता रहता है, फिर भी पहले जैसी कूलिंग नहीं मिलती। ऐसे में ज्यादातर लोगों को लगता है कि गैस खत्म हो गई होगी या कोई बड़ा तकनीकी खराबी आ गई है।

हालांकि हर बार ऐसा नहीं होता। कई मामलों में समस्या सिर्फ फ्रिज के दरवाजे की रबर सील यानी गास्केट (Gasket) में होती है। अच्छी बात यह है कि आप घर बैठे सिर्फ एक साधारण कागज की मदद से इसका पता लगा सकते हैं। इस आसान ट्रिक को पेपर टेस्ट या A4 पेपर टेस्ट कहा जाता है।

 

क्या है पेपर टेस्ट?

पेपर टेस्ट एक आसान तरीका है, जिससे यह पता लगाया जाता है कि फ्रिज का दरवाजा ठीक से बंद हो रहा है या नहीं। दरवाजे के चारों तरफ लगी रबर की सील ठंडी हवा को अंदर और गर्म हवा को बाहर रखने का काम करती है।

अगर यह सील ढीली, फटी या खराब हो जाए तो ठंडी हवा बाहर निकलने लगती है। इससे फ्रिज को अंदर का तापमान बनाए रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। नतीजा यह होता है कि कूलिंग कम हो जाती है और बिजली की खपत भी बढ़ जाती है।

 

कैसे करें यह आसान टेस्ट?

इस टेस्ट के लिए आपको सिर्फ एक A4 शीट या कोई साधारण कागज चाहिए। सबसे पहले फ्रिज का दरवाजा खोलें और कागज का आधा हिस्सा फ्रिज के अंदर तथा आधा हिस्सा बाहर रखें। अब दरवाजा बंद कर दें ताकि कागज बीच में फंस जाए। इसके बाद धीरे-धीरे कागज को बाहर खींचने की कोशिश करें।

अगर कागज खींचते समय थोड़ा जोर लग रहा है और वह आसानी से बाहर नहीं निकल रहा, तो इसका मतलब है कि दरवाजे की रबर सील सही तरीके से काम कर रही है। लेकिन अगर कागज बिना किसी रुकावट के आसानी से बाहर निकल जाए, तो समझिए कि गास्केट में समस्या हो सकती है।

 

आखिर यह टेस्ट काम कैसे करता है?

फ्रिज की रबर सील एयरटाइट लॉक बनाती है। जब यह सही स्थिति में होती है तो दरवाजा पूरी तरह बंद रहता है और अंदर की ठंडी हवा बाहर नहीं निकलती। अगर सील खराब हो जाए तो बाहर की गर्म हवा अंदर आने लगती है और ठंडी हवा बाहर निकल जाती है। ऐसे में कंप्रेसर लगातार चलता रहता है, लेकिन फ्रिज फिर भी अच्छी तरह ठंडा नहीं हो पाता। पेपर टेस्ट इसी एयरटाइट सील की जांच करने का आसान तरीका है।

 

अगर पेपर आसानी से निकल जाए तो क्या करें?

अगर टेस्ट के दौरान कागज बिना किसी रुकावट के बाहर आ जाता है तो सबसे पहले घबराने की जरूरत नहीं है। कई बार गास्केट पर धूल, तेल या गंदगी जमा होने की वजह से भी सील ठीक से काम नहीं करती। ऐसे में एक मुलायम कपड़े और हल्के साबुन वाले पानी से रबर की पूरी सफाई करें। सफाई के बाद दोबारा पेपर टेस्ट करें। अगर फिर भी वही समस्या बनी रहती है तो गास्केट बदलवाने की जरूरत पड़ सकती है। यह खर्च किसी बड़े रिपेयर की तुलना में काफी कम होता है।

 

सिर्फ कूलिंग ही नहीं, बिजली बिल पर भी पड़ता है असर

बहुत से लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते कि खराब डोर सील का असर सीधे बिजली बिल पर भी पड़ता है। जब ठंडी हवा लगातार बाहर निकलती रहती है तो फ्रिज का कंप्रेसर ज्यादा देर तक चलता है। इससे बिजली की खपत बढ़ जाती है। लंबे समय तक ऐसा होने पर कंप्रेसर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और उसकी उम्र भी कम हो सकती है।

 

किन संकेतों से समझें कि सील में दिक्कत हो सकती है?

अगर फ्रिज के बाहर या दरवाजे के किनारों पर नमी जमा होने लगे, अंदर रखी चीजें जल्दी खराब होने लगें, कूलिंग पहले जैसी न मिले या कंप्रेसर लगातार चलता रहे, तो यह गास्केट खराब होने का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में पेपर टेस्ट करके शुरुआती जांच की जा सकती है। अगर समस्या बनी रहे तो तकनीशियन से जांच कराना बेहतर रहेगा।

 

फ्रिज की अच्छी कूलिंग बनाए रखने के लिए क्या करें?

फ्रिज की बेहतर परफॉर्मेंस के लिए सिर्फ गास्केट ही नहीं, बल्कि उसकी नियमित सफाई भी जरूरी है। दरवाजा बार-बार या ज्यादा देर तक खुला न रखें। फ्रिज में जरूरत से ज्यादा सामान भी न भरें, क्योंकि इससे ठंडी हवा का प्रवाह प्रभावित होता है। इसके अलावा पीछे लगे कंडेंसर कॉइल्स पर अगर धूल जम जाए तो उन्हें समय-समय पर साफ करें। इससे फ्रिज की कूलिंग बेहतर रहती है और बिजली की बचत भी होती है।

 

क्या हर बार गैस भरवाने की जरूरत होती है?

कई लोग फ्रिज की कूलिंग कम होते ही सबसे पहले गैस भरवाने के बारे में सोचते हैं। लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक हर बार गैस ही समस्या नहीं होती। कई मामलों में खराब डोर सील, गंदे कंडेंसर कॉइल्स, गलत तापमान सेटिंग या एयरफ्लो में रुकावट जैसी छोटी समस्याएं भी कूलिंग कम कर सकती हैं। इसलिए पहले आसान जांच कर लेना समझदारी है। अगर इन उपायों के बाद भी समस्या बनी रहे, तभी किसी अधिकृत तकनीशियन से जांच करवानी चाहिए।

 

हमारी राय

फ्रिज की कूलिंग कम होने का मतलब हमेशा महंगी रिपेयर नहीं होता। कई बार सिर्फ एक साधारण पेपर टेस्ट से यह पता चल सकता है कि समस्या दरवाजे की रबर सील में है या नहीं। यह टेस्ट करने में सिर्फ कुछ मिनट लगते हैं और इससे आप समय, पैसा और बेवजह की सर्विस कॉस्ट बचा सकते हैं। अगर टेस्ट में गड़बड़ी सामने आए तो पहले गास्केट की सफाई करें और जरूरत पड़ने पर उसे बदलवाएं। छोटी-छोटी मेंटेनेंस आदतें अपनाकर आप अपने फ्रिज की उम्र बढ़ा सकते हैं और उसे लंबे समय तक बेहतर कूलिंग के साथ चला सकते हैं।