पिछले कुछ महीनों से सोना और चांदी लगातार नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहे थे। कई शहरों में सोने ने रिकॉर्ड कीमत छू ली थी, जबकि चांदी भी तेजी से महंगी होती जा रही थी। लेकिन अब अचानक बाजार का रुख बदल गया है। सोमवार को दिनभर तेजी दिखाने के बाद शाम होते-होते सोना और चांदी के दाम में तेज गिरावट दर्ज की गई। कुछ जगहों पर सोना हजारों रुपये सस्ता हुआ तो चांदी की कीमत में भी बड़ी कमी देखने को मिली। इस अचानक आई गिरावट ने निवेशकों के साथ-साथ आम खरीदारों को भी हैरान कर दिया।

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सोना-चांदी के दाम अचानक क्यों टूट गए? क्या यह गिरावट कुछ दिनों की है या आगे भी कीमतें नीचे जा सकती हैं? बाजार के जानकारों का कहना है कि इसके पीछे कई घरेलू और वैश्विक वजहें एक साथ काम कर रही हैं।

 

दिनभर तेजी, फिर अचानक गिरावट

सोमवार को कारोबार के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में शुरुआत में तेजी देखने को मिली। निवेशकों को उम्मीद थी कि यह तेजी आगे भी जारी रहेगी। लेकिन शाम तक तस्वीर पूरी तरह बदल गई और दोनों कीमती धातुओं में तेज बिकवाली शुरू हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ ही घंटों में सोना और चांदी दोनों के भाव में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इससे उन लोगों को भी झटका लगा जिन्होंने हाल ही में ऊंचे दाम पर खरीदारी की थी।

 

एक्सपर्ट ने क्या बताई वजह?

कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह प्रॉफिट बुकिंग रही। जब किसी निवेश का दाम लगातार बढ़ता है तो कई निवेशक सही समय देखकर उसे बेच देते हैं ताकि उन्हें अच्छा मुनाफा मिल सके। सोना और चांदी में भी पिछले कई महीनों से लगातार तेजी थी। ऐसे में बड़ी संख्या में निवेशकों ने मुनाफा वसूलने के लिए बिक्री शुरू कर दी। जैसे ही बिकवाली बढ़ी, कीमतों पर दबाव आ गया और दोनों धातुओं के दाम नीचे आने लगे।

 

अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी पड़ा असर

भारत में सोना और चांदी की कीमतें सिर्फ घरेलू मांग से तय नहीं होतीं। इन पर अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी सीधा असर पड़ता है। हाल के दिनों में अमेरिकी डॉलर में मजबूती, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बनी उम्मीदें और वैश्विक निवेशकों की रणनीति में बदलाव का असर भी कीमती धातुओं पर पड़ा। जब डॉलर मजबूत होता है तो आमतौर पर सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ जाता है।

 

क्या भू-राजनीतिक हालात भी वजह हैं?

कुछ समय पहले दुनिया के कई हिस्सों में तनाव बढ़ने से निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर रुख किया था। इसी वजह से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तेजी आई थी। लेकिन अब कई मोर्चों पर तनाव थोड़ा कम होने और बाजार में जोखिम लेने की भावना बढ़ने से सुरक्षित निवेश की मांग कुछ कम हुई है। इसका असर भी कीमतों में गिरावट के रूप में देखने को मिला।

 

क्या अब सोना और सस्ता होगा?

यह सवाल हर खरीदार के मन में है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर और मजबूत होता है या ब्याज दरों को लेकर नई घोषणाएं होती हैं, तो कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेश के नजरिए से कई विश्लेषकों का मानना है कि सोना अब भी मजबूत एसेट बना हुआ है और भविष्य में इसमें फिर से तेजी लौट सकती है।

 

शादी और त्योहारों से पहले खरीदारों के लिए राहत

भारत में अगस्त से लेकर साल के आखिर तक शादी और त्योहारों का सीजन शुरू हो जाता है। इस दौरान सोने और चांदी की मांग तेजी से बढ़ती है। ऐसे में मौजूदा गिरावट उन लोगों के लिए राहत की खबर हो सकती है जो शादी या त्योहार के लिए गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं। अगर कीमतें कुछ समय तक नीचे रहती हैं तो उन्हें पहले के मुकाबले कम कीमत पर खरीदारी का मौका मिल सकता है।

 

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

बाजार विशेषज्ञों की सलाह है कि घबराकर फैसला लेने से बचना चाहिए। अगर किसी ने लंबी अवधि के लिए सोने में निवेश किया है तो सिर्फ एक-दो दिन की गिरावट देखकर निवेश निकालना सही रणनीति नहीं मानी जाती। वहीं जो लोग पहली बार निवेश करना चाहते हैं, वे एकमुश्त रकम लगाने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करने की रणनीति अपना सकते हैं। इससे बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम कुछ हद तक कम हो जाता है।

 

क्या चांदी में ज्यादा उतार-चढ़ाव रहता है?

सोने की तुलना में चांदी की कीमतें ज्यादा तेजी से ऊपर-नीचे होती हैं। इसकी वजह यह है कि चांदी का इस्तेमाल सिर्फ गहनों में ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल और कई उद्योगों में भी होता है। जब औद्योगिक मांग में बदलाव आता है तो चांदी की कीमतों पर उसका असर जल्दी दिखाई देता है। यही कारण है कि कई बार चांदी में सोने से ज्यादा गिरावट या तेजी देखने को मिलती है।

 

क्या यह खरीदारी का अच्छा मौका है?

अगर आपकी जरूरत गहने खरीदने की है, तो मौजूदा गिरावट आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। लेकिन अगर आप निवेश के लिए खरीद रहे हैं, तो बाजार की चाल पर नजर रखना बेहतर रहेगा। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि कीमती धातुओं में निवेश हमेशा लंबी अवधि के नजरिए से करना चाहिए। छोटी अवधि की तेजी और गिरावट बाजार का सामान्य हिस्सा होती है।

 

हमारी राय

सोना और चांदी के दाम में आई अचानक गिरावट से घबराने की जरूरत नहीं है। बाजार में इस तरह का उतार-चढ़ाव पहले भी देखा गया है और आगे भी होता रहेगा। फिलहाल गिरावट की बड़ी वजह प्रॉफिट बुकिंग, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बदलाव और निवेशकों की रणनीति मानी जा रही है। अगर आप शादी या त्योहार के लिए खरीदारी की सोच रहे हैं तो यह अच्छा मौका हो सकता है। वहीं निवेश करने वालों को जल्दबाजी के बजाय सोच-समझकर और लंबी अवधि की योजना के साथ फैसला लेना चाहिए।