केंद्र सरकार ने हाल ही में Employees' Pension Scheme (EPS) 2026 लागू किया है। इसके बाद देशभर में लाखों पेंशनर्स और कर्मचारियों के मन में एक सवाल उठने लगा कि क्या नई स्कीम आने के बाद EPS-1995 और Employees' Family Pension Scheme (EFPS)-1971 के तहत मिलने वाले लाभ बंद हो जाएंगे? क्या पुराने पेंशनर्स को दोबारा आवेदन करना होगा या उनकी पेंशन में कोई बदलाव होगा?

इन तमाम सवालों पर अब सरकार ने संसद में स्थिति साफ कर दी है। सरकार ने कहा है कि EPS-1995 और EFPS-1971 के तहत पहले से मिलने वाले लाभ जारी रहेंगे और पुराने पेंशनर्स को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। नई स्कीम का मकसद पुराने लाभ खत्म करना नहीं, बल्कि पूरे पेंशन सिस्टम को नए सामाजिक सुरक्षा कानून के तहत व्यवस्थित करना है।

 

आखिर क्या है EPS 2026?

EPS 2026, कर्मचारियों के लिए बनाई गई नई पेंशन व्यवस्था है, जिसे Code on Social Security, 2020 के तहत लागू किया गया है। इस नई स्कीम ने कानूनी तौर पर EPS-1995 और Employees' Family Pension Scheme-1971 की जगह ले ली है। हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि पुरानी स्कीमों के तहत मिलने वाले अधिकार खत्म हो गए हैं। सरकार ने साफ किया है कि पहले से स्वीकृत पेंशन, परिवार पेंशन और अन्य लाभ पहले की तरह मिलते रहेंगे।

 

पुराने पेंशनर्स के लिए क्या बदला?

सबसे अहम बात यही है कि जो लोग पहले से EPS-1995 या EFPS-1971 के तहत पेंशन ले रहे हैं, उन्हें किसी नए आवेदन, नए रजिस्ट्रेशन या किसी अतिरिक्त प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं है। उनकी पेंशन पहले की तरह उनके बैंक खाते में आती रहेगी। सरकार ने संसद में स्पष्ट किया कि पुराने पेंशनर्स के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें मिलने वाले लाभ में कोई कटौती नहीं की जाएगी।

 

संसद में क्यों देना पड़ा स्पष्टीकरण?

नई स्कीम की अधिसूचना जारी होने के बाद कई लोगों में भ्रम फैल गया था। सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह की बातें चल रही थीं कि अब पुरानी पेंशन बंद हो जाएगी या फिर सभी लोगों को नई प्रक्रिया अपनानी पड़ेगी। इसी को देखते हुए संसद में यह सवाल उठाया गया। इसके जवाब में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से साफ कहा गया कि पुरानी स्कीम के लाभार्थियों को कोई नुकसान नहीं होगा। नई व्यवस्था सिर्फ प्रशासनिक और कानूनी ढांचे को अपडेट करने के लिए लाई गई है।

 

किन लोगों पर लागू होगी नई स्कीम?

EPS 2026 का असर मुख्य रूप से उन कर्मचारियों पर होगा जो नई व्यवस्था के तहत EPF और EPS के सदस्य बनेंगे। यानी भविष्य में नौकरी शुरू करने वाले या नई पात्रता के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए यह स्कीम लागू होगी। वहीं जो लोग पहले से EPS-1995 के सदस्य हैं, वे खुद नई व्यवस्था के तहत शामिल माने जाएंगे और उनके पुराने अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे।

 

क्या पेंशन की गणना का तरीका बदल गया?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा सदस्यों के लिए पेंशन की गणना के मूल नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पेंशन की गणना का फॉर्मूला पहले जैसा ही रहेगा। इसके अलावा न्यूनतम पात्र सेवा, सुपरएनुएशन से जुड़े नियम और पहले से स्वीकृत लाभों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसलिए पुराने सदस्यों को इस मामले में घबराने की जरूरत नहीं है।

 

क्या योगदान (Contribution) में बदलाव हुआ?

नई EPS 2026 स्कीम के तहत भी नियोक्ता (Employer) की ओर से पेंशन फंड में होने वाला योगदान पहले की तरह जारी रहेगा। केंद्र सरकार का योगदान भी पहले जैसा ही रखा गया है। यानी जो व्यवस्था पहले लागू थी, उसमें मौजूदा सदस्यों के लिए किसी बड़े बदलाव की घोषणा नहीं की गई है।

 

नई स्कीम में क्या है खास?

हालांकि पुराने पेंशनर्स के लाभ नहीं बदले हैं, लेकिन नई स्कीम में कुछ प्रशासनिक सुधार जरूर किए गए हैं। इनमें सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब पेंशन क्लेम के निपटारे के लिए तय समय सीमा निर्धारित की गई है। अगर निर्धारित समय में क्लेम का निपटारा नहीं होता, तो देरी की स्थिति में ब्याज देने का भी प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य पेंशन से जुड़े मामलों का तेजी से समाधान करना है।

 

परिवार पेंशन पर क्या असर पड़ेगा?

सरकार ने यह भी साफ किया है कि परिवार पेंशन (Family Pension) से जुड़े अधिकार भी पहले की तरह जारी रहेंगे। जिन परिवारों को पहले से EFPS-1971 या EPS-1995 के तहत लाभ मिल रहे हैं, उन्हें नई स्कीम लागू होने के कारण किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा। यानी विधवा पेंशन, बच्चों से जुड़े लाभ और अन्य पात्र सुविधाएं पहले की तरह मिलती रहेंगी।

 

लोगों को किन अफवाहों से बचना चाहिए?

नई स्कीम आने के बाद सोशल मीडिया पर कई भ्रामक दावे किए जा रहे हैं। कुछ पोस्ट में कहा गया कि पुरानी पेंशन खत्म हो जाएगी, जबकि कुछ में दावा किया गया कि सभी पेंशनर्स को दोबारा आवेदन करना होगा। सरकार ने ऐसे सभी भ्रम दूर करते हुए कहा है कि पुराने लाभार्थियों के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसलिए किसी भी अफवाह पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करना चाहिए।

 

कर्मचारियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि EPS 2026 का उद्देश्य पेंशन व्यवस्था को आधुनिक सामाजिक सुरक्षा कानून के अनुरूप बनाना है। इससे भविष्य में पेंशन से जुड़े नियमों को लागू करना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान बनाना संभव होगा। साथ ही डिजिटल व्यवस्था और तय समय में क्लेम निपटाने जैसे प्रावधान कर्मचारियों और पेंशनर्स दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

 

हमारी राय

EPS 2026 लागू होने के बाद सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि पुराने पेंशनर्स को अपनी पेंशन या अन्य लाभों को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। सरकार ने संसद में साफ कर दिया है कि EPS-1995 और EFPS-1971 के तहत मिलने वाले सभी अधिकार सुरक्षित रहेंगे। नई स्कीम का उद्देश्य पुरानी सुविधाएं खत्म करना नहीं, बल्कि पेंशन व्यवस्था को नए कानूनी ढांचे के तहत अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है। इसलिए अगर आप पहले से EPS के लाभार्थी हैं, तो किसी अफवाह पर भरोसा करने के बजाय केवल आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें।