केंद्र सरकार ने देश के करोड़ों किसानों के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना को अगले 5 साल के लिए बढ़ाने को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के तहत सरकार योजना को जारी रखने के लिए 3.15 लाख करोड़ रुपये (3,15,614 करोड़ रुपये) खर्च करेगी। सरकार का कहना है कि इस कदम से किसानों को आर्थिक मदद मिलती रहेगी और खेती से जुड़े खर्चों को पूरा करने में राहत मिलेगी।
PM-Kisan देश की सबसे बड़ी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजनाओं में से एक है। इसके तहत पात्र किसान परिवारों के बैंक खाते में हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे भेजी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में, यानी हर चार महीने पर 2,000-2,000 रुपये के रूप में मिलती है।
क्या है PM-Kisan योजना?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत साल 2019 में की गई थी। इसका उद्देश्य छोटे और मध्यम किसानों के साथ-साथ पात्र भूमि धारक किसान परिवारों को खेती के लिए आर्थिक सहायता देना है। योजना के तहत मिलने वाली राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होती है और पैसा सीधे लाभार्थी तक पहुंचता है। यही वजह है कि यह योजना सरकार की सबसे सफल DBT योजनाओं में गिनी जाती है।
अगले 5 साल तक जारी रहेगी योजना
कैबिनेट के फैसले के बाद अब यह योजना अगले पांच वर्षों तक जारी रहेगी। इसके लिए सरकार ने करीब 3.15 लाख करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से किसानों की आय को सहारा मिलेगा और उन्हें खेती के लिए बीज, खाद, उर्वरक और दूसरी जरूरी चीजें खरीदने में मदद मिलेगी। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
किसानों को कैसे मिलता है फायदा?
PM-Kisan के तहत हर पात्र किसान परिवार को सालाना 6,000 रुपये दिए जाते हैं। यह रकम तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। हालांकि यह राशि खेती के पूरे खर्च के लिए काफी नहीं मानी जाती, लेकिन छोटे किसानों के लिए यह मदद बीज खरीदने, खाद लेने या अन्य कृषि जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी साबित होती है। कई किसान इस रकम का इस्तेमाल घरेलू जरूरतों के लिए भी करते हैं।
सरकार ने योजना को आगे बढ़ाने का फैसला क्यों लिया?
सरकार का कहना है कि पिछले कुछ सालों में PM-Kisan योजना का सकारात्मक असर देखने को मिला है। किसानों को समय पर नकद सहायता मिलने से खेती के कामों में सुविधा हुई है और उनकी नकदी की जरूरत कुछ हद तक पूरी हुई है। सरकार ने योजना के प्रभाव का मूल्यांकन भी कराया, जिसमें इसके लाभ सामने आए। इसी आधार पर इसे अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला लिया गया।
अब तक कितने किसानों को मिला लाभ?
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, योजना शुरू होने के बाद से अब तक करोड़ों किसान परिवारों को इसका लाभ मिल चुका है। अब तक किसानों के खातों में 4.47 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। सरकार के अनुसार, हाल की किस्त का लाभ 9.49 करोड़ से ज्यादा किसानों को मिला। इनमें बड़ी संख्या में महिला किसान भी शामिल हैं। महिला लाभार्थियों को अब तक 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है।
किन किसानों को मिलता है लाभ?
PM-Kisan योजना का लाभ पात्र भूमि धारक किसान परिवारों को दिया जाता है। हालांकि कुछ श्रेणियों को इस योजना से बाहर रखा गया है। इनकम टैक्स भरने वाले लोग, कुछ सरकारी कर्मचारी, संवैधानिक पदों पर रहने वाले व्यक्ति और कुछ अन्य उच्च आय वर्ग के लोग इस योजना का लाभ नहीं ले सकते। योजना का उद्देश्य जरूरतमंद किसानों तक आर्थिक सहायता पहुंचाना है।
किस्त पाने के लिए क्या जरूरी है?
अगर कोई किसान PM-Kisan योजना का लाभ लेना चाहता है, तो उसका नाम पात्र लाभार्थियों की सूची में होना चाहिए। इसके अलावा आधार लिंकिंग, बैंक खाते की सही जानकारी और e-KYC जैसी औपचारिकताएं पूरी होना भी जरूरी है। अगर किसी किसान की जानकारी गलत है या e-KYC पूरी नहीं हुई है, तो उसकी किस्त अटक सकती है। इसलिए समय-समय पर रिकॉर्ड अपडेट कराना जरूरी माना जाता है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा सहारा
विशेषज्ञों का मानना है कि जब करोड़ों किसानों के खातों में सीधे नकद राशि पहुंचती है, तो उसका असर सिर्फ खेती तक सीमित नहीं रहता। इससे ग्रामीण बाजारों में खरीदारी बढ़ती है और स्थानीय कारोबार को भी फायदा मिलता है। किसान इस राशि से खेती के अलावा घरेलू जरूरतों पर भी खर्च करते हैं। इससे गांवों में आर्थिक गतिविधियां तेज होती हैं और नकदी का प्रवाह बना रहता है।
क्या भविष्य में राशि बढ़ सकती है?
फिलहाल कैबिनेट ने सिर्फ योजना को अगले पांच साल तक जारी रखने को मंजूरी दी है। सालाना 6,000 रुपये की सहायता राशि में किसी तरह की बढ़ोतरी का ऐलान नहीं किया गया है। हालांकि समय-समय पर किसान संगठनों की ओर से राशि बढ़ाने की मांग उठती रही है। लेकिन अभी सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
हमारी राय
PM-Kisan योजना को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाने का फैसला करोड़ों किसानों के लिए राहत की खबर है। इससे पात्र किसान परिवारों को नियमित आर्थिक सहायता मिलती रहेगी और खेती से जुड़े छोटे-मोटे खर्चों को पूरा करने में मदद मिलेगी। हालांकि कृषि क्षेत्र की बड़ी चुनौतियों को देखते हुए सिर्फ नकद सहायता ही काफी नहीं है। सिंचाई, बेहतर बाजार, आधुनिक तकनीक और उचित फसल मूल्य जैसी सुविधाओं पर भी लगातार काम करना जरूरी होगा। फिर भी PM-Kisan जैसी योजना किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा सकती है।









