हर साल जुलाई के आखिरी हफ्ते में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की डेडलाइन को लेकर चर्चा तेज हो जाती है। इस बार भी सोशल मीडिया पर कई तरह की खबरें चलने लगीं कि सरकार 31 जुलाई 2026 की आखिरी तारीख को आगे बढ़ा सकती है। इन अफवाहों के बीच अब सरकार और आयकर विभाग ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है।

आयकर विभाग ने कहा है कि 31 जुलाई 2026 की डेडलाइन बढ़ाने का फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया गया है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर भरोसा न करें और सिर्फ आधिकारिक सूचना को ही सही मानें। 

 

आखिर क्यों फैली डेडलाइन बढ़ने की चर्चा?

पिछले कुछ सालों में कई बार सरकार ने ITR भरने की आखिरी तारीख बढ़ाई थी। कभी पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतों की वजह से तो कभी कोविड जैसी असाधारण परिस्थितियों में टैक्सपेयर्स को अतिरिक्त समय दिया गया था। इसी वजह से इस साल भी कई लोगों को उम्मीद थी कि सरकार एक बार फिर डेडलाइन बढ़ा सकती है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट और मैसेज भी वायरल होने लगे, जिनमें दावा किया गया कि सरकार जल्द ही नई तारीख का ऐलान करने वाली है। हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। 

 

सरकार ने क्या कहा?

आयकर विभाग ने साफ शब्दों में कहा है कि ITR फाइल करने की अंतिम तारीख में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। अगर भविष्य में कभी डेडलाइन बढ़ाई जाती है, तो उसकी जानकारी सिर्फ आधिकारिक नोटिफिकेशन के जरिए दी जाएगी।

यानी जब तक सरकार या केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) की ओर से कोई अधिसूचना जारी नहीं होती, तब तक 31 जुलाई 2026 को ही अंतिम तारीख माना जाएगा। इसलिए किसी भी अफवाह के भरोसे रिटर्न भरने में देरी करना नुकसानदायक हो सकता है। 

 

किन लोगों पर लागू है 31 जुलाई की डेडलाइन?

31 जुलाई की डेडलाइन मुख्य रूप से उन व्यक्तिगत करदाताओं पर लागू होती है, जिनके खातों का ऑडिट जरूरी नहीं है। इसमें ज्यादातर नौकरीपेशा लोग, पेंशन पाने वाले और ऐसे व्यक्ति शामिल हैं जो ITR-1 या ITR-2 फॉर्म भरते हैं।

हालांकि सभी टैक्सपेयर्स के लिए यही आखिरी तारीख नहीं है। कुछ श्रेणी के व्यवसायियों और प्रोफेशनल्स के लिए नियमों के अनुसार अलग डेडलाइन तय की गई है। इसलिए हर व्यक्ति को अपनी श्रेणी के अनुसार अंतिम तारीख की जानकारी जरूर देखनी चाहिए। 

 

अगर समय पर ITR नहीं भरा तो क्या होगा?

अगर कोई टैक्सपेयर तय समय तक ITR दाखिल नहीं करता, तो उसे बाद में बेलटेड रिटर्न (Belated Return) भरने का मौका मिल सकता है। लेकिन इसके साथ लेट फीस और दूसरी शर्तें लागू होती हैं।

आयकर कानून के तहत कुछ मामलों में लेट फीस 1,000 रुपये तक हो सकती है, जबकि अन्य मामलों में यह 5,000 रुपये तक पहुंच सकती है। इसके अलावा अगर टैक्स बकाया है तो उस पर ब्याज भी देना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, कुछ टैक्स बेनिफिट और नुकसान (Loss) को आगे के वर्षों में कैरी फॉरवर्ड करने का अधिकार भी प्रभावित हो सकता है। 

 

आखिरी दिन तक इंतजार करना क्यों सही नहीं?

कई लोग सोचते हैं कि आखिरी दिन आराम से ITR भर देंगे, लेकिन ऐसा करना जोखिम भरा हो सकता है। डेडलाइन वाले दिन पोर्टल पर एक साथ लाखों लोग लॉग इन करते हैं, जिससे वेबसाइट धीमी पड़ सकती है या तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं।

अगर किसी वजह से आपका रिटर्न समय पर सबमिट नहीं हो पाया, तो बाद में लेट फीस और दूसरी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए विशेषज्ञ हमेशा सलाह देते हैं कि आखिरी तारीख का इंतजार करने के बजाय पहले ही रिटर्न दाखिल कर देना बेहतर होता है। 

 

इस साल डेडलाइन बढ़ने की संभावना क्यों कम मानी जा रही है?

टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार ITR फॉर्म समय पर जारी कर दिए गए थे और ई-फाइलिंग पोर्टल भी पिछले सालों की तुलना में ज्यादा स्थिर रहा है। यही वजह है कि इस बार डेडलाइन बढ़ाने की जरूरत पहले जैसी नहीं दिख रही। इसके अलावा सरकार पहले ही अलग-अलग श्रेणी के करदाताओं के लिए अलग अंतिम तारीख तय कर चुकी है, जिससे एक साथ पोर्टल पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता। 

 

रिटर्न भरते समय किन बातों का रखें ध्यान?

ITR भरने से पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें। Form 16, Form 26AS, AIS, बैंक स्टेटमेंट और अन्य आय से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी अच्छी तरह मिलान कर लें। गलत ITR फॉर्म चुनने, आय की गलत जानकारी देने या दस्तावेजों में अंतर होने पर रिटर्न की प्रोसेसिंग में देरी हो सकती है। इसलिए सबमिट करने से पहले पूरी जानकारी एक बार जरूर जांच लें। 

 

रिफंड लेने वालों के लिए भी जरूरी है समय पर फाइलिंग

कई लोग सोचते हैं कि अगर टैक्स रिफंड मिलना है तो देर से रिटर्न भरने में कोई नुकसान नहीं होगा। लेकिन ऐसा नहीं है। समय पर ITR दाखिल करने से रिफंड की प्रोसेसिंग भी जल्दी शुरू हो जाती है। अगर रिटर्न देर से भरा जाता है या उसमें कोई गलती होती है, तो रिफंड आने में भी ज्यादा समय लग सकता है। इसलिए जिन लोगों को टैक्स रिफंड मिलने की उम्मीद है, उन्हें भी आखिरी तारीख का इंतजार नहीं करना चाहिए। 

 

हमारी राय

ITR फाइल करना सिर्फ कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि बेहतर वित्तीय रिकॉर्ड बनाए रखने का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। अगर सरकार भविष्य में डेडलाइन बढ़ाती है तो उसकी जानकारी आधिकारिक तौर पर जारी की जाएगी, लेकिन तब तक किसी अफवाह पर भरोसा करना सही नहीं है। अगर आपने अभी तक अपना ITR दाखिल नहीं किया है, तो बिना देर किए जल्द से जल्द फाइल कर दें। इससे लेट फीस, ब्याज और दूसरी परेशानियों से बचा जा सकता है।