प्राइवेट नौकरी करने वाले लोगों के मन में सबसे बड़ा डर यही रहता है कि अगर अचानक नौकरी चली गई तो घर का खर्च कैसे चलेगा। ईएमआई, बच्चों की पढ़ाई, किराया और रोजमर्रा के खर्चों के बीच बेरोजगारी का समय किसी भी परिवार के लिए मुश्किल भरा हो सकता है। लेकिन ऐसे कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार की एक खास योजना है, जिसका नाम है अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना (ABVKY)।
यह योजना कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के तहत चलाई जाती है। इसका मकसद ऐसे कर्मचारियों को आर्थिक राहत देना है, जिनकी नौकरी किसी कारणवश चली गई हो। अच्छी बात यह है कि सरकार ने इस योजना को 1 जुलाई 2026 से 30 जून 2027 तक आगे बढ़ाने की मंजूरी भी दे दी है।
क्या है अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना?
अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना की शुरुआत साल 2018 में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर की गई थी। बाद में कर्मचारियों को इसका फायदा मिलता देख इसकी अवधि लगातार बढ़ाई जाती रही। इस योजना के तहत अगर कोई ESIC से जुड़ा कर्मचारी बेरोजगार हो जाता है, तो उसे एक तय अवधि तक आर्थिक सहायता दी जाती है। फिलहाल पात्र कर्मचारी को 90 दिन यानी 3 महीने तक उसकी औसत सैलरी का 50 प्रतिशत बेरोजगारी राहत के रूप में दिया जाता है। हालांकि इस योजना का लाभ जीवन में केवल एक बार ही लिया जा सकता है।
किन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ?
यह योजना हर कर्मचारी के लिए नहीं है। इसका लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलता है जो ESIC के तहत बीमित कर्मचारी हैं और तय शर्तों को पूरा करते हैं। सरकार के मुताबिक, कर्मचारी की नौकरी छूटने से पहले वह कम से कम 12 महीने तक बीमायोग्य रोजगार में होना चाहिए। इसके अलावा बेरोजगारी से पहले के 12 महीनों में कम से कम एक पूरी अवधि के दौरान 78 दिनों का सब्सक्रिप्शन जमा होना जरूरी है।
किन परिस्थितियों में नहीं मिलेगा फायदा?
सरकार ने यह भी साफ किया है कि हर तरह की बेरोजगारी पर इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। अगर किसी कर्मचारी की नौकरी अनुशासनहीनता (Misconduct) के कारण गई है, लॉकआउट की स्थिति है, कर्मचारी रिटायर हो गया है या उसने ESI कानून के तहत गलत जानकारी दी है, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगा। यानी योजना का उद्देश्य सिर्फ वास्तविक बेरोजगारी की स्थिति में राहत देना है।
कितनी मिलेगी आर्थिक सहायता?
योजना के तहत कर्मचारी को उसकी औसत कमाई का 50 प्रतिशत भुगतान किया जाता है। मान लीजिए किसी कर्मचारी की औसत मासिक सैलरी ₹20,000 थी और वह योजना की सभी शर्तें पूरी करता है। ऐसी स्थिति में उसे अधिकतम 90 दिनों तक हर महीने लगभग ₹10,000 की राहत राशि मिल सकती है। इससे बेरोजगारी के दौरान जरूरी खर्चों को संभालने में काफी मदद मिलती है।
आवेदन कैसे करें?
अगर आप इस योजना के पात्र हैं, तो ESIC पोर्टल के जरिए क्लेम किया जा सकता है। कर्मचारी को अपने बीमा नंबर की मदद से पात्रता जांचनी होती है और आवश्यक जानकारी भरनी होती है। सरकार ने दावा किया है कि अब पूरी प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान कर दी गई है। क्लेम ऑनलाइन जमा किए जा सकते हैं और उनकी प्रोसेसिंग भी डिजिटल तरीके से होती है।
पैसे कैसे मिलते हैं?
पहले कई लोगों को क्लेम मिलने में काफी समय लग जाता था, लेकिन अब सरकार ने इसमें सुधार किए हैं। योजना के तहत मिलने वाली राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जाती है। इसके अलावा क्लेम की नियमित निगरानी भी की जाती है ताकि पात्र लोगों को समय पर पैसा मिल सके।
कितने लोगों को मिला फायदा?
सरकार ने संसद में बताया कि इस योजना का लाभ लगातार लोगों तक पहुंच रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2023-24 में 688 लाभार्थियों को करीब ₹1.01 करोड़, 2024-25 में 1,978 लाभार्थियों को लगभग ₹2.72 करोड़ और 2025-26 में 1,406 लाभार्थियों को करीब ₹1.52 करोड़ की सहायता राशि दी गई। ये आंकड़े बताते हैं कि योजना का इस्तेमाल जरूरतमंद कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है।
योजना क्यों है खास?
प्राइवेट सेक्टर में नौकरी की कोई गारंटी नहीं होती। कई बार कंपनी बंद हो जाती है, कर्मचारियों की छंटनी हो जाती है या आर्थिक कारणों से लोगों की नौकरी चली जाती है। ऐसे समय में अचानक आय बंद हो जाने से परिवार पर आर्थिक दबाव बढ़ जाता है। अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना इसी मुश्किल दौर में कर्मचारियों को अस्थायी आर्थिक सहारा देती है ताकि वे नई नौकरी मिलने तक अपने जरूरी खर्च पूरे कर सकें।
किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?
अगर आप ESIC के तहत काम करते हैं, तो यह सुनिश्चित करें कि आपका अंशदान नियमित रूप से जमा हो रहा हो। नौकरी बदलते समय भी अपने ESIC रिकॉर्ड को अपडेट रखें। इसके अलावा योजना की पात्रता, क्लेम प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी केवल ESIC या श्रम मंत्रालय के आधिकारिक स्रोतों से ही लें। सोशल मीडिया पर चल रही अधूरी या गलत जानकारी पर भरोसा करने से बचें।
हमारी राय
अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना उन कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है, जो अचानक बेरोजगार होने की स्थिति का सामना करते हैं। तीन महीने तक 50 प्रतिशत वेतन के बराबर आर्थिक सहायता मिलने से परिवार की वित्तीय परेशानियां काफी हद तक कम हो सकती हैं। हालांकि इसका लाभ सिर्फ पात्र ESIC बीमित कर्मचारियों को ही मिलता है, इसलिए अगर आप इस दायरे में आते हैं तो योजना की शर्तों और प्रक्रिया की जानकारी जरूर रखें। मुश्किल समय में यह योजना एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा साबित हो सकती है।









