भारत में इलेक्ट्रिक कारों (EV) की बिक्री तेजी से बढ़ रही है। लोग पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से बचने के लिए इलेक्ट्रिक कारों की तरफ रुख कर रहे हैं। लेकिन नई EV खरीदने के बाद ज्यादातर लोग सिर्फ बेसिक इंश्योरेंस लेकर निश्चिंत हो जाते हैं। जबकि सच यह है कि इलेक्ट्रिक कारों की बनावट और तकनीक पारंपरिक कारों से काफी अलग होती है। ऐसे में इनके लिए कुछ खास इंश्योरेंस एड-ऑन लेना बेहद जरूरी माना जाता है।
इलेक्ट्रिक कार में सबसे महंगा हिस्सा उसकी बैटरी, इलेक्ट्रिक मोटर और चार्जिंग सिस्टम होता है। अगर इनमें कोई खराबी आ जाए, तो मरम्मत का खर्च लाखों रुपये तक पहुंच सकता है। इसलिए एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि बेसिक पॉलिसी के साथ कुछ जरूरी एड-ऑन कवर भी जरूर लेने चाहिए।
क्या होते हैं Insurance Add-on Covers?
एड-ऑन कवर ऐसे अतिरिक्त सुरक्षा विकल्प होते हैं, जिन्हें आप अपनी बेसिक या कॉम्प्रिहेंसिव कार इंश्योरेंस पॉलिसी के साथ जोड़ सकते हैं। इसके लिए थोड़ा अतिरिक्त प्रीमियम देना पड़ता है, लेकिन बदले में आपको ज्यादा व्यापक सुरक्षा मिलती है। इलेक्ट्रिक कारों के मामले में इन एड-ऑन का महत्व और भी बढ़ जाता है, क्योंकि EV के कई पार्ट्स बेहद महंगे होते हैं और सामान्य इंश्योरेंस पॉलिसी हर स्थिति में उनका पूरा खर्च कवर नहीं करती।
1. Battery Protection Cover सबसे जरूरी
इलेक्ट्रिक कार की सबसे महंगी चीज उसकी लिथियम-आयन बैटरी होती है। कई EV में सिर्फ बैटरी बदलने का खर्च ही कई लाख रुपये तक पहुंच सकता है। अगर बारिश के दौरान पानी घुस जाए, चार्जिंग के समय पावर सर्ज हो जाए या किसी दूसरी वजह से बैटरी खराब हो जाए, तो बैटरी प्रोटेक्शन कवर काफी काम आता है। यह बैटरी रिपेयर या रिप्लेसमेंट के बड़े खर्च से बचाने में मदद करता है। यही वजह है कि इसे EV मालिकों के लिए सबसे जरूरी एड-ऑन माना जाता है।
2. Electric Motor Protection Cover
इलेक्ट्रिक कार में इंजन की जगह इलेक्ट्रिक मोटर होती है। अगर मोटर में पानी चला जाए, कूलिंग सिस्टम में दिक्कत आ जाए या कोई तकनीकी खराबी आ जाए, तो उसकी मरम्मत भी काफी महंगी पड़ सकती है। ऐसे में मोटर प्रोटेक्शन कवर अतिरिक्त सुरक्षा देता है। यह उन स्थितियों में मददगार हो सकता है, जहां सामान्य इंश्योरेंस पॉलिसी पूरा खर्च कवर नहीं करती।
3. Charger Protection Cover
EV खरीदने वाले ज्यादातर लोग घर पर चार्जर भी लगवाते हैं। यह चार्जर भी सस्ता नहीं होता। अगर किसी दुर्घटना, आग, बिजली के उतार-चढ़ाव या दूसरी वजह से चार्जर खराब हो जाए, तो उसका खर्च भी काफी ज्यादा हो सकता है। चार्जर प्रोटेक्शन कवर चार्जिंग यूनिट, केबल और उससे जुड़े उपकरणों की सुरक्षा देता है। अगर आप घर पर नियमित रूप से अपनी कार चार्ज करते हैं, तो यह एड-ऑन काफी उपयोगी साबित हो सकता है।
4. Zero Depreciation Cover
सामान्य इंश्योरेंस क्लेम के दौरान कंपनी वाहन के पार्ट्स पर लगने वाली डेप्रिसिएशन (मूल्य में कमी) काटकर भुगतान करती है। यानी पूरा खर्च नहीं मिलता। लेकिन Zero Depreciation Cover लेने पर डेप्रिसिएशन की कटौती नहीं होती और आपको क्लेम का ज्यादा फायदा मिलता है। नई इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों के लिए यह एड-ऑन काफी लोकप्रिय है, क्योंकि इससे जेब से अतिरिक्त खर्च कम करना पड़ता है।
5. Roadside Assistance Cover
अगर आपकी इलेक्ट्रिक कार बीच रास्ते में बंद हो जाए, बैटरी खत्म हो जाए या किसी दूसरी तकनीकी वजह से आगे न बढ़ पाए, तो Roadside Assistance Cover काफी काम आता है। इस एड-ऑन के तहत टोइंग, ऑन-रोड सहायता, पंचर सपोर्ट और कई दूसरी सेवाएं मिल सकती हैं। खासकर लंबी दूरी की यात्रा करने वालों के लिए यह कवर काफी उपयोगी माना जाता है।
क्या सभी EV मालिकों को ये एड-ऑन लेने चाहिए?
जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति को सभी एड-ऑन की जरूरत हो। अगर आपकी कार नई है और उसकी कीमत ज्यादा है, तो ज्यादा सुरक्षा लेना समझदारी हो सकती है। वहीं अगर आप रोज लंबी दूरी तय करते हैं या ऐसे इलाके में रहते हैं जहां बारिश और जलभराव की समस्या रहती है, तो बैटरी और मोटर प्रोटेक्शन जैसे एड-ऑन आपके लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकते हैं। अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से ही विकल्प चुनना चाहिए।
पॉलिसी खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?
सिर्फ एड-ऑन का नाम देखकर पॉलिसी खरीदना सही नहीं है। हर इंश्योरेंस कंपनी की शर्तें अलग हो सकती हैं। इसलिए यह जरूर पढ़ें कि कौन-कौन सी स्थितियां कवर होंगी और किन मामलों में क्लेम नहीं मिलेगा। इसके अलावा क्लेम प्रक्रिया, कैशलेस नेटवर्क गैराज, बैटरी और मोटर से जुड़ी शर्तों और एक्सक्लूजन को भी अच्छी तरह समझ लें। इससे बाद में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
क्या एड-ऑन लेने से प्रीमियम बढ़ जाता है?
हां, एड-ऑन जोड़ने पर इंश्योरेंस प्रीमियम थोड़ा बढ़ सकता है। लेकिन यह अतिरिक्त खर्च भविष्य में होने वाले बड़े नुकसान से बचा सकता है। उदाहरण के लिए अगर लाखों रुपये की बैटरी खराब हो जाए और आपके पास बैटरी प्रोटेक्शन कवर न हो, तो पूरा खर्च आपको अपनी जेब से देना पड़ सकता है। इसलिए कई मामलों में थोड़ा ज्यादा प्रीमियम देना फायदे का सौदा साबित होता है।
हमारी राय
इलेक्ट्रिक कार सिर्फ एक वाहन नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक से लैस मशीन है, जिसके कई पार्ट्स बेहद महंगे होते हैं। इसलिए केवल बेसिक इंश्योरेंस पर निर्भर रहना सही फैसला नहीं हो सकता। बैटरी प्रोटेक्शन, मोटर कवर, चार्जर कवर, जीरो डेप्रिसिएशन और रोडसाइड असिस्टेंस जैसे एड-ऑन भविष्य में आने वाले बड़े खर्च से बचा सकते हैं। हालांकि पॉलिसी खरीदने से पहले उसकी सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ें और अपनी जरूरत के हिसाब से ही एड-ऑन चुनें।









