स्टार्टअप शुरू करना बाहर से जितना आसान दिखता है, उतना ही मुश्किल साबित होता है। शुरुआत में जोश, उत्साह और बड़े सपने होते हैं- लेकिन प्लानिंग और समझ की कमी कई बार महँगी पड़ जाती है। मेरे साथ भी यही हुआ। मैंने अपने बिजनेस की शुरुआत बहुत उम्मीदों के साथ की थी, लेकिन कुछ गलत फैसलों ने मुझे नुकसान पहुँचा दिया। अगर आप भी अपना स्टार्टअप शुरू करने की सोच रहे हैं, तो मेरी गलतियों से सीख लेना आपको एक बड़ी परेशानी से बचा सकता है।

 

1. बिना सोचे-समझे ज्यादा इन्वेस्ट कर दिया

 

स्टार्टअप की शुरुआत में सबसे बड़ी गलती मैंने यही की। मैंने बजट का हिसाब लगाए बिना, खर्चों को समझे बिना और प्रॉफिट - लॉस का अंदाज़ा लगाए बिना ही बड़ा निवेश कर दिया। शुरुआत में उत्साह इतना था कि लगा जितना ज्यादा निवेश करूंगा, उतनी जल्दी बिज़नेस आगे बढ़ेगा। लेकिन असलियत यह है कि शुरुआत में छोटा और स्मार्ट निवेश ही फायदेमंद होता है। मेरे इस कदम की वजह से शुरुआती महीनों में भारी नुकसान उठाना पड़ा।

 

2. मार्केट टेस्ट नहीं किया- यही गलती सबसे भारी पड़ी

 

मेरे प्रोडक्ट की मार्केट में डिमांड कैसी है, लोग उसे खरीदेंगे या नहीं, कीमत क्या होनी चाहिए-इन सब बातों की रिसर्च किए बिना ही मैंने प्रोडक्ट लॉन्च कर दिया। न ग्राहक की जरूरत समझी, न मार्केट ट्रेंड जांचा। रिज़ल्ट यह हुआ कि प्रोडक्ट उतना नहीं बिका जितनी उम्मीद थी, और स्टॉक हाथ में रह गया। अगर मैंने पहले 100–200 लोगों पर मार्केट टेस्ट कर लिया होता तो बहुत बड़ी गलती से बच जाती।

 

3. ब्रांड रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया - सबसे बड़ी सीख

 

शुरुआत में लगा कि अभी तो नया बिज़नेस है, बाद में रजिस्ट्रेशन करा लेंगे। लेकिन यही लापरवाही बाद में बहुत बड़ी समस्या बन गई। जब तक ब्रांड चलने लगा, तब पता चला कि वही नाम पहले से रजिस्टर्ड है। मजबूरी में पूरा ब्रांड नाम बदलना पड़ा- लोगों को फिर से बताओ, नया नाम याद करवाओ, सारी ब्रांडिंग बदलो। इससे पैसे भी लगे और समय भी बर्बाद हुआ। अगर शुरुआत में ही ब्रांड रजिस्टर करवा लिया होता तो ये नुकसान कभी नहीं होता।

 

4. सोशल मीडिया की ताकत को नजरअंदाज कर दिया

 

आज के समय में सोशल मीडिया ऑक्सीजन की तरह है , और मैंने इसे शुरुआत में बिल्कुल सीरियसली नहीं लिया , न रेगुलर पोस्ट , न रील्स ,न ऐड्स ,न ब्रांडिंग , न ऑडियंस से कनेक्शन , रिजल्ट यह निकला कि लोग जानते ही नहीं थे कि मैं क्या बेच रहा हूँ। सोशल मीडिया सिर्फ फोटो डालना नहीं है, यह ब्रांड की पहचान बनाने का सबसे बड़ा माध्यम है। बाद में समझ आया कि काश शुरुआत से ही इसे महत्व दिया होता।

 

5. हर काम खुद करने की कोशिश की- टीम नहीं बनाई

 

एक और बड़ी गलती थी कि मैंने हर काम खुद करने की कोशिश की। लगा कि सब मैं अकेले कर लुंगी-पैकिंग भी, मार्केटिंग भी, सोशल मीडिया भी, कस्टमर से बात भी। लेकिन इससे न सिर्फ काम बिगड़ते गए, बल्कि मैं खुद भी थक गई। सही टीम बनाना बिज़नेस की मजबूती की पहली सीढ़ी है और मुझे यह देर से समझ आया।

 

6. Competitor Analysis नहीं किया

 

बिज़नेस शुरू करने से पहले यह जानना ज़रूरी होता है कि मार्केट में कौन-कौन है, उनका प्रोडक्ट क्या है, उनकी कीमत कैसी है, और वो ग्राहकों को कैसे आकर्षित कर रहे हैं। मैंने इनमें से कुछ भी नहीं किया। बाद में पता चला कि लोग वही चीज़ कम कीमत में और ज्यादा क्वालिटी के साथ खरीद रहे हैं। अगर मैंने competitors की रिसर्च की होती तो प्रोडक्ट और प्राइसिंग दोनों बेहतर होते।

 

7. ग्राहक फीडबैक को हल्के में लिया

 

कुछ लोगों ने शुरुआत में छोटी-छोटी कमियां बताईं, लेकिन मैंने सोचा कि यह तो हर जगह चलता है। लेकिन वही छोटी कमियां सोशल मीडिया पर negative reviews बनने लगीं, जिससे बिज़नेस स्लो हो गया। सच तो यह है कि ग्राहक की पहली राय ही आपका असली रिपोर्ट कार्ड होती है।