आज के समय में शायद ही कोई ऐसा स्मार्टफोन यूजर होगा जो UPI का इस्तेमाल न करता हो। चाय की दुकान से लेकर बड़े शोरूम तक, हर जगह लोग Google Pay, PhonePe, Paytm और BHIM जैसे ऐप्स से भुगतान कर रहे हैं। लेकिन डिजिटल पेमेंट की इस सुविधा के बीच एक ऐसी आदत भी है, जिसे ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। वह है UPI ऐप में जुड़े पुराने बैंक अकाउंट्स को हटाना।
अक्सर लोग बेहतर सुविधा, ज्यादा ब्याज या किसी दूसरी वजह से बैंक बदल लेते हैं। नया अकाउंट UPI से जोड़ लेते हैं, लेकिन पुराना बैंक अकाउंट भी ऐप में जुड़ा रह जाता है। देखने में यह छोटी सी बात लग सकती है, लेकिन भविष्य में यही बड़ी परेशानी की वजह बन सकती है। वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आप बैंक बदल चुके हैं या किसी पुराने खाते का इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो उसे UPI से हटाना बेहद जरूरी है।
बैंक बदलने के बाद भी UPI में क्यों बना रहता है पुराना अकाउंट?
बहुत से लोगों को लगता है कि नया बैंक अकाउंट जोड़ने के बाद पुराना अकाउंट अपने आप हट जाता होगा। लेकिन ऐसा नहीं होता। UPI सिस्टम आपको एक ही मोबाइल नंबर के जरिए कई बैंक अकाउंट जोड़ने की सुविधा देता है। इसलिए नया अकाउंट जोड़ने के बाद भी पुराना अकाउंट ऐप में बना रहता है, जब तक कि आप उसे खुद हटाएं नहीं।
यही वजह है कि कई लोगों के UPI ऐप में दो, तीन या उससे भी ज्यादा बैंक अकाउंट दिखाई देते हैं। इनमें से कुछ अकाउंट ऐसे भी होते हैं जिनका इस्तेमाल महीनों या वर्षों से नहीं हुआ होता।
ट्रांजैक्शन फेल होने का बढ़ जाता है खतरा
मान लीजिए आपने नया बैंक अकाउंट डिफॉल्ट बना लिया है, लेकिन पुराना अकाउंट अभी भी UPI में जुड़ा हुआ है। ऐसे में कई बार गलती से भुगतान पुराने खाते से करने की कोशिश हो सकती है। अगर वह खाता बंद हो चुका है या उसमें पर्याप्त बैलेंस नहीं है तो ट्रांजैक्शन फेल हो सकता है।
इतना ही नहीं, कई बार रिफंड और ऑटो-डेबिट जैसी सेवाएं भी पुराने खाते से जुड़ी रह जाती हैं। ऐसे में भुगतान अटक सकता है या फिर रिफंड आने में देरी हो सकती है। इसलिए केवल नया अकाउंट जोड़ना काफी नहीं है, पुराने अकाउंट को हटाना भी उतना ही जरूरी है।
सुरक्षा के लिहाज से भी जरूरी है यह कदम
साइबर सेक्योरिटी एक्सपर्ट्स लगातार चेतावनी देते रहे हैं कि पुराने और भूले हुए UPI अकाउंट या UPI आईडी भविष्य में सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकते हैं। कई लोग सोचते हैं कि ऐप डिलीट करने से सब कुछ खत्म हो जाता है, लेकिन असलियत में ऐसा नहीं होता।
अगर कोई पुराना UPI प्रोफाइल, बैंक अकाउंट या मोबाइल नंबर सिस्टम में जुड़ा हुआ रह जाए तो उससे जुड़ी कई सेवाएं सक्रिय रह सकती हैं। यही वजह है कि डिजिटल फाइनेंशियल हाइजीन यानी डिजिटल वित्तीय सफाई को आज के दौर में बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बंद हो चुके अकाउंट से हो सकती है परेशानी
कई लोग बैंक अकाउंट बंद तो कर देते हैं लेकिन उसे UPI ऐप से नहीं हटाते। ऐसे में UPI आईडी भले ही बनी रहती है, लेकिन उससे जुड़ा बैंक अकाउंट काम नहीं करता। परिणाम यह होता है कि पैसे भेजने या प्राप्त करने में दिक्कत आ सकती है। अगर किसी व्यक्ति ने आपके पुराने UPI आईडी पर पैसे भेज दिए तो ट्रांजैक्शन फेल हो सकता है या पैसा वापस लौट सकता है। इससे अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा होती है।
ऑटो-पे और सब्सक्रिप्शन पर भी पड़ सकता है असर
आजकल नेटफ्लिक्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म, बीमा प्रीमियम, SIP और कई अन्य सेवाएं UPI AutoPay के जरिए चलती हैं। अगर इनमें से कोई भुगतान पुराने बैंक खाते से जुड़ा हुआ है और वह खाता अब सक्रिय नहीं है, तो भुगतान फेल हो सकता है।
ऐसी स्थिति में आपकी सेवा बंद हो सकती है, लेट फीस लग सकती है या निवेश की किस्त छूट सकती है। इसलिए बैंक बदलने के बाद सभी एक्टिव मैंडेट और ऑटो-पे सेटिंग्स की जांच करना भी जरूरी है।
मोबाइल नंबर बदलने वालों को और ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
एक्सपर्ट्स का कहना है कि मोबाइल नंबर बदलने वाले लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। कई बार पुराने नंबर बाद में किसी दूसरे व्यक्ति को आवंटित कर दिए जाते हैं। अगर पुराने नंबर से जुड़े UPI प्रोफाइल या बैंक लिंक समय पर अपडेट नहीं किए गए तो भविष्य में भ्रम और सुरक्षा संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
NPCI भी समय-समय पर इनएक्टिव या बदले गए मोबाइल नंबरों से जुड़े UPI रिकॉर्ड्स को अपडेट करने के लिए दिशा-निर्देश जारी करता रहा है, ताकि धोखाधड़ी की संभावना कम की जा सके।
पुराने बैंक अकाउंट को हटाने का तरीका क्या है?
ज्यादातर UPI ऐप्स में प्रक्रिया लगभग एक जैसी होती है। यूजर को अपने प्रोफाइल या बैंक अकाउंट सेक्शन में जाना होता है। वहां जुड़े हुए सभी बैंक अकाउंट दिखाई देते हैं। जिस खाते का इस्तेमाल अब नहीं करना है, उसे चुनकर Remove Account या Unlink Account का विकल्प इस्तेमाल किया जा सकता है।
जरूरत पड़ने पर भविष्य में उसी खाते को दोबारा जोड़ा भी जा सकता है। इसलिए किसी अकाउंट को हटाने का मतलब यह नहीं है कि वह हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।
समय-समय पर करें UPI अकाउंट की सफाई
जिस तरह लोग अपने मोबाइल से बेकार फोटो, वीडियो और ऐप्स हटाते हैं, उसी तरह UPI अकाउंट की भी समय-समय पर सफाई जरूरी है। केवल वही बैंक अकाउंट जुड़े रखें जिनका आप वास्तव में इस्तेमाल कर रहे हैं।
इससे न सिर्फ ऐप का इस्तेमाल आसान हो जाता है बल्कि ट्रांजैक्शन में गलती, भुगतान विफल होने और सुरक्षा जोखिम की संभावना भी कम हो जाती है। कई यूजर्स ने ऑनलाइन फोरम्स पर भी पुराने लिंक्ड अकाउंट्स और मोबाइल नंबरों से जुड़ी परेशानियों का जिक्र किया है।
हमारी राय
UPI ने हमारी जिंदगी को बेहद आसान बना दिया है, लेकिन सुविधा के साथ जिम्मेदारी भी आती है। अगर आपने बैंक बदल लिया है या किसी पुराने खाते का इस्तेमाल बंद कर दिया है, तो उसे UPI ऐप में यूं ही छोड़ देना समझदारी नहीं है। हर UPI यूजर को हर कुछ महीनों में अपने लिंक्ड बैंक अकाउंट्स, ऑटो-पे मैंडेट्स और UPI सेटिंग्स की समीक्षा करनी चाहिए। इससे न केवल ट्रांजैक्शन आसान रहेंगे, बल्कि आपके पैसे और डिजिटल पहचान की सुरक्षा भी मजबूत बनी रहेगी।









