बॉलीवुड में इन दिनों एक विवाद ने हर किसी का ध्यान खींच लिया है। अभिनेता Ranveer Singh और फिल्ममेकर Farhan Akhtar के बीच चल रहे ‘डॉन 3’ विवाद ने अब बड़ा रूप ले लिया है। मामला इतना बढ़ गया कि फिल्म इंडस्ट्री की बड़ी संस्था FWICE यानी Federation of Western India Cine Employees ने रणवीर सिंह के खिलाफ ‘नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव’ जारी कर दिया। आसान भाषा में कहें तो इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से कहा गया है कि वे रणवीर के साथ काम न करें। 

यह खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर हलचल मच गई। लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि बॉलीवुड के बड़े स्टार रणवीर सिंह पर इतना बड़ा एक्शन लेना पड़ गया।

 

आखिर क्या है पूरा मामला?

दरअसल विवाद की शुरुआत फिल्म Don 3 से हुई। कुछ साल पहले जब फरहान अख्तर ने डॉन फ्रेंचाइजी के नए पार्ट का ऐलान किया था, तब रणवीर सिंह को नए डॉन के रूप में पेश किया गया था। इस घोषणा के बाद फिल्म को लेकर जबरदस्त चर्चा शुरू हो गई थी।

लेकिन इसके बाद अचानक खबरें आने लगीं कि रणवीर सिंह फिल्म से बाहर हो गए हैं। शुरुआत में इसे सिर्फ अफवाह माना गया, लेकिन बाद में मामला गंभीर होता चला गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक रणवीर के अचानक प्रोजेक्ट छोड़ने से फिल्म की तैयारी और प्रोडक्शन को बड़ा नुकसान हुआ। यहीं से फरहान अख्तर और उनकी प्रोडक्शन कंपनी Excel Entertainment ने मामला FWICE तक पहुंचा दिया।

 

FWICE ने क्यों लिया इतना बड़ा फैसला?

FWICE फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कर्मचारियों और टेक्नीशियंस की बड़ी संस्था मानी जाती है। संस्था का कहना है कि अगर कोई बड़ा अभिनेता शूटिंग शुरू होने के ठीक पहले फिल्म छोड़ देता है, तो सिर्फ प्रोड्यूसर ही नहीं बल्कि सैकड़ों टेक्नीशियंस और वर्कर्स भी प्रभावित होते हैं। 

रिपोर्ट्स के अनुसार फरहान अख्तर की टीम ने FWICE को बताया कि फिल्म की तैयारियों पर करोड़ों रुपये खर्च हो चुके थे। इसमें लोकेशन बुकिंग, विदेश यात्रा, होटल, सेट डिजाइन और सैकड़ों लोगों की तैयारी शामिल थी। FWICE के सलाहकार अशोक पंडित ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि इंडस्ट्री में इस तरह की प्रवृत्ति को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता।

 

कितने करोड़ का नुकसान होने का दावा?

इस विवाद में सबसे ज्यादा चर्चा पैसों को लेकर हो रही है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि रणवीर सिंह के फिल्म छोड़ने से प्रोडक्शन हाउस को करीब 40 से 45 करोड़ रुपये तक का नुकसान हुआ। 

बताया जा रहा है कि फिल्म के प्रमोशनल वीडियो, प्री-प्रोडक्शन और बाकी तैयारियों पर काफी पैसा खर्च हो चुका था। ऐसे में अचानक हुए बदलाव ने पूरी योजना बिगाड़ दी। हालांकि रणवीर सिंह या उनकी टीम ने अभी तक सार्वजनिक रूप से इन रकमों को लेकर विस्तार से कोई बयान नहीं दिया है।

 

रणवीर सिंह ने क्या कहा?

शुरुआत में रणवीर सिंह इस पूरे विवाद पर चुप रहे। लेकिन FWICE के फैसले के बाद उनकी तरफ से प्रतिक्रिया सामने आई। रिपोर्ट्स के मुताबिक रणवीर की टीम ने कहा कि पेशेवर मामलों को सम्मान और समझदारी के साथ संभाला जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने फिल्म की सफलता की कामना भी की। उनकी टीम ने सीधे तौर पर विवाद को और बढ़ाने से बचने की कोशिश की। लेकिन सोशल मीडिया पर लोग लगातार यह चर्चा कर रहे हैं कि आखिर असली वजह क्या थी जिसकी वजह से रणवीर ने फिल्म छोड़ी।

 

क्या स्क्रिप्ट और क्रिएटिव मतभेद थे वजह?

कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि रणवीर सिंह और मेकर्स के बीच स्क्रिप्ट और क्रिएटिव दिशा को लेकर मतभेद थे। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर बड़े प्रोजेक्ट्स में स्क्रिप्ट, शूटिंग शेड्यूल और फीस को लेकर विवाद सामने आते रहते हैं। लेकिन इस मामले ने इसलिए ज्यादा सुर्खियां बटोरीं क्योंकि यह ‘डॉन’ जैसी बड़ी फ्रेंचाइजी से जुड़ा हुआ था।

 

बॉलीवुड में क्यों मची हलचल?

यह विवाद सिर्फ रणवीर और फरहान तक सीमित नहीं रहा। बॉलीवुड में इसे एक बड़े उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है। कई लोग मानते हैं कि अगर बड़े सितारे अचानक फिल्म छोड़ने लगेंगे, तो इससे पूरी इंडस्ट्री प्रभावित हो सकती है। FWICE का कदम इसी वजह से काफी सख्त माना जा रहा है। यह सिर्फ एक अभिनेता के खिलाफ कार्रवाई नहीं, बल्कि इंडस्ट्री को संदेश देने जैसा भी माना जा रहा है।

 

सोशल मीडिया पर बंटी हुई है राय

सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ लोग रणवीर सिंह का समर्थन कर रहे हैं और कह रहे हैं कि किसी भी अभिनेता को अपनी पसंद का प्रोजेक्ट चुनने या छोड़ने का अधिकार होना चाहिए।

वहीं दूसरी तरफ कई लोग मानते हैं कि अगर किसी प्रोजेक्ट पर करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हों, तो आखिरी समय पर बाहर निकलना गलत है। इसी वजह से यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। Instagram और YouTube पर भी इस विवाद से जुड़े वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। 

 

क्या रणवीर के करियर पर पड़ेगा असर?

यह सबसे बड़ा सवाल है। रणवीर सिंह बॉलीवुड के बड़े सितारों में गिने जाते हैं और उनके पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं। हालांकि FWICE के नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव को हल्के में नहीं लिया जाता। अगर मामला लंबा खिंचता है, तो इसका असर आने वाले प्रोजेक्ट्स पर पड़ सकता है। हालांकि इंडस्ट्री में कई बार ऐसे विवाद बातचीत और समझौते से सुलझ भी जाते हैं।

 

डॉन फ्रेंचाइजी पर भी बढ़ा दबाव

Don फ्रेंचाइजी पहले से ही काफी लोकप्रिय रही है। पहले अमिताभ बच्चन और बाद में शाहरुख खान इस किरदार को निभा चुके हैं। ऐसे में रणवीर सिंह को नए डॉन के रूप में पेश करना बड़ा कदम माना गया था। अब विवाद के बाद फिल्म के भविष्य को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या रणवीर की जगह किसी दूसरे अभिनेता को लिया जाएगा या फिर फिल्म की योजना बदल जाएगी।

 

हमारी राय

रणवीर सिंह और फरहान अख्तर का यह विवाद सिर्फ दो लोगों के बीच का मामला नहीं रह गया है, बल्कि इसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री में प्रोफेशनल कमिटमेंट और जिम्मेदारी पर बहस छेड़ दी है। किसी भी बड़े प्रोजेक्ट में अभिनेता, निर्माता और टेक्नीशियन सभी की मेहनत और पैसा लगा होता है। ऐसे में आखिरी समय पर लिए गए फैसले कई लोगों को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ कलाकारों को भी अपने रचनात्मक फैसले लेने का अधिकार होता है। इसलिए जरूरी है कि ऐसे विवाद कानूनी लड़ाई या सार्वजनिक टकराव की बजाय बातचीत और समझदारी से सुलझाए जाएं।