मध्य प्रदेश के रायसेन में छह साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने का आरोपी सलमान पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया है। यह घटना गुरुवार रात की है, जब पुलिस उसे गौहरगंज थाने ले जा रही थी। रास्ते में सलमान ने पुलिस की पकड़ से निकलकर भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उसके पैर में गोली चलाई। उसे तुरंत भोपाल के हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहां अब उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, सलमान की हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को दुष्कर्म की घटना के छह दिन बाद भोपाल से पकड़ा गया था। गुरुवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे की टीम ने उसे भोपाल के गांधी नगर इलाके में एक चाय की दुकान से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे रात में ही गौहरगंज पुलिस को सौंप दिया गया था, ताकि उससे आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया शुरू हो सके।
जांच में पता चला है कि 21 नवंबर को सलमान बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर जंगल की ओर ले गया था और अपराध को अंजाम देने के बाद वहां से भाग निकला था। घटना सामने आने के बाद से इलाके में भारी नाराज़गी थी और लोग जगह-जगह धरने, प्रदर्शन और रैलियां कर रहे थे। स्थानीय लोग आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे और कुछ संगठन उसके एनकाउंटर तक की मांग उठा रहे थे।
अस्पताल में गोली लगने वाले मामले पर भी पुलिस ने बयान जारी किया है। एएसपी खरपुसे ने बताया कि जिस समय आरोपी को एक गाड़ी से दूसरी गाड़ी में बैठाया जा रहा था, तभी उसने उप निरीक्षक श्यामराज सिंह की बंदूक छीनने की कोशिश की। छीना-झपटी में गोली भी चली और आरोपी जंगल की तरफ दौड़ पड़ा। इस दौरान उप निरीक्षक को भी चोट आई और उनकी वर्दी पर लगा प्रतीक चिन्ह टूटकर नीचे गिर गया। बाद में फॉरेंसिक जांच दल भी मौके पर पहुंचा और गोली के खाली खोल और अन्य सबूत अपने कब्जे में लिए।
दूसरी तरफ आरोपी के पकड़े जाने के बाद भी माहौल गर्म बना हुआ है। कई हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ता अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं और आरोपी को और कड़ी सज़ा देने की मांग कर रहे हैं। संस्कृति बचाओ मंच और हिन्दू उत्सव समिति के सदस्यों ने शुक्रवार सुबह अस्पताल परिसर में नारे लगाए। इनका कहना है कि आरोपी की मौजूदगी का पता लगाने वाली व्यवस्था कमजोर क्यों साबित हुई। संगठन के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ और सख्त कदम उठाने चाहिए, ताकि दोबारा कोई ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे।
मामले में स्थानीय विधायक रामेश्वर शर्मा ने बयान देते हुए कहा कि आरोपी को किसी भी हाल में सख्त सज़ा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्ची के साथ हुई यह घटना शर्मनाक और गुस्सा दिलाने वाली है। ऐसे लोगों को अदालत के जरिए जल्द से जल्द फांसी की सज़ा सुनाई जानी चाहिए, ताकि समाज में गलत इरादा रखने वालों के मन में डर पैदा हो सके।
इसी बीच रायसेन पुलिस ने एक सार्वजनिक सूचना भी जारी की है। पुलिस ने नागरिकों को आगाह किया है कि वे इंटरनेट माध्यमों पर किसी भी मज़हब, जाति या समुदाय को निशाना बनाकर नफरत भरे, भड़काने वाले या हिंसा को बढ़ावा देने वाले संदेश बिल्कुल न फैलाएं। ऐसा करने वालों पर कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है।









