IndiGo Flight Cancellation: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन, इंडिगो (IndiGo) इस वक्त गहरे संकट में है। एयरलाइन पायलट और क्रू मेंबर्स की कमी से जूझ रही है। इंडिगो की फ्लाइट्स लगातार कैंसल हो रही हैं और सैंकड़ों यात्री परेशान हो रहे हैं और एयरपोर्ट पर फंसे हैं।
दिल्ली एयरपोर्ट से आज इंडिगो की सभी उड़ानें आज रात 23:59 बजे तक के लिए रद्द की जा चुकी है जिससे कुल 235 फ्लाइट प्रभावित हुई हैं। वहीं देश के अन्य एयरपोर्ट पर भी उड़ानें रद्द होने के कारण सिर्फ 5 दिसंबर को ही इंडिगो की 400 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं है।
लेकिन आखिर ये समस्या आई क्यों? अचानक से इंडिगो में पायलटों और क्रू मेंबर्स की कमी कैसे आ गई? चलिए इन सभी सवालों का जवाब आज हम आपको देते हैं।
इंडिगो पर क्यों गहराया संकंट?
इंडिगो एयरलाइन में पायलटों और क्रू मेंबर्स की कमी के पीछे Directorate General of Civil Aviation (DGCA) का वो नियम है जिसे पिछले महीने 1 नवंबर 2025 को लागू किया गया है। इस नियम का नाम फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) है। इस नियम को दो फेज में लागू किया था। पहला फेज- जुलाई 2025 और दूसरा 1 नवंबर 2025.
DGCA का फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियम या रूल के मुताबिक:
- 7 दिन तक काम करने के बाद लगातार 48 घंटे का आराम देना अनिवार्य है।
- नाइट ड्यूटी पहले सुबह 5 बजे तक थी जिसे अब रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक कर दिया गया है। यानी 1 घंटा बढ़ाया गया है।
- नए नियम में DGCA ने नाइट लैंडिंग पर लिमिट लगाई है। पहले पायलट 6 नाइट लैंडिंग कर सकते थे लेकिन सिर्फ 2 ही लैंडिग कर सकते हैं।
- नए नियम में लगाातर नाइट शिफ्ट पर भी रोक लगाई गई है। DGCA के नए नियमों के मुताबिक किसी भी पायलट की लगातार 2 रातों से ज्यादा नाइट ड्यूटी नहीं लग सकती है।
- फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) में फ्लाइट ड्यूटी पीरियड लिमिट भी तय की गई है। अब प्री-फ्लाइट और पोस्ट-फ्लाइट में अतिरिक्त 1 घंटे से अधिक काम नहीं हो सकेगा।
- नए नियमों में लंबी उड़ानों के बाद रेस्ट देना अनिवार्य कर दिया गया है। कनाडा-यूएस जैसी लंबी उड़ानों के बाद पायलट को 24 घंटे का रेस्ट देना ही होगा।
इंडिगो को मिली राहत
हालांकि अब केंद्र सरकार ने इंडिगो को फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के नए नियमों से राहत दे दी है। सरकार ने अपना वह आदेश तत्काल रूप से वापस ले लिया है, जिसके तहत पायलटों समेत अन्य क्रू मेंबर्स को हर 7 दिनों में लगातार 48 घंटे का वीकली रेस्ट देना अनिवार्य किया गया था।
नए नियमों से कैसे असर पड़ा?
नए नियमों के मुताबिक पहले पायलट 6 नाइट लैंडिंग कर सकते थे जिसे घटाकर अब 2 कर दिया गया है। ऐसा करने से इंडिगो और अन्य एयरलाइन को ज्यादा पायलट की जरूरत पड़ेगी। लगातार 2 रातों से ज्यादा नाइट ड्यूटी नहीं लगने से अधिक क्रू मेंबर्स और अधिक पायलट की जरूरत पड़ेगी।
प्री-फ्लाइट और पोस्ट-फ्लाइट में अतिरिक्त 1 घंटे से अधिक काम नहीं होने के नियम से सभी एयरपोर्ट्स पर फ्लाइट शेड्यूल बिगड़ेगा। इसके अलावा अब एयरलाइन्स को अतिरिक्त भर्ती और ट्रेनिंग देनी पड़ेगी।
DGCA ने क्यों बनाया ये नियम?
DGCA ने यह नियम यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पायलटों और क्रू को पर्याप्त आराम देने के लिए बनाया है।
इंडिगो पर क्यों ज्यादा असर क्यों, अन्य एयरलाइन पर क्यों नहीं?
DGCA का यह नियम सभी एयरलाइन्स के लिए है, लेकिन इसका ज्यादा असर इंडिगो पर इसलिए देखने को मिल रहा है क्योंकि इडिंगो देश में सबसे अधिक उड़ानें संचालित करती है। इसके पास अन्य सभी एयरलाइन की तुलना में अधिक फ्लाइट्स, पायलट और क्रू मेंबर हैं।









