दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज मार्को यानसेन ने गुवाहाटी टेस्ट में ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जो क्रिकेट में बहुत कम खिलाड़ी कर पाए हैं। पहले उन्होंने भारत के खिलाफ 93 रन की धुआंधार पारी खेली और अगले ही दिन गेंदबाज़ी में 6 विकेट लेकर मैच का रुख बदल दिया। उनकी धमाकेदार परफॉर्मेंस से दक्षिण अफ्रीका ने भारत पर मजबूत पकड़ बना ली है और टीम इंडिया पर मैच के साथ सीरीज हारने का खतरा भी बढ़ गया है।

 

भारत की ओर से यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल ने शुरुआत तो अच्छी की थी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 65 रन जोड़े, लेकिन जायसवाल के आउट होते ही भारतीय बल्लेबाज़ों की लाइन टूट गई। केशव महाराज और साइमन हार्मर ने बीच के ओवरों में दो अहम विकेट लेकर दबाव बढ़ाया और फिर यानसेन ने अकेले दम पर भारत के मिडिल ऑर्डर को धराशायी कर दिया।

 

यानसेन ने ध्रुव जुरेल (0), ऋषभ पंत (7), नितीश कुमार रेड्डी (10), रवींद्र जडेजा (6) और कुलदीप यादव को आउट कर अपना 'फिफर' पूरा किया। आखिरी विकेट जसप्रीत बुमराह का रहा, जिसके बाद भारत की पारी 201 पर सिमट गई। कुलदीप ने 134 गेंदों पर 19 रन बनाए, लेकिन टीम को संकट से निकालने में नाकाम रहे।

 

मार्को यानसेन अब साल 2000 के बाद दुनिया के सिर्फ तीसरे गेंदबाज़ बन गए हैं जिन्होंने भारत में एक ही टेस्ट में फिफर लिया और साथ ही 50 से ज्यादा रन भी बनाए। उन्होंने 91 गेंदों पर 93 रन ठोकते हुए 7 छक्के और 9 चौके जड़े। इतना ही नहीं, वह भारत के खिलाफ एक पारी में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज़ भी बन गए हैं। उन्होंने शाहिद अफरीदी के 2006 के रिकॉर्ड की बराबरी की।

 

टीम इंडिया की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। सीरीज में पहले ही 0-1 से पीछे चल रही टीम की पहली पारी 201 पर ढह गई और तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक दक्षिण अफ्रीका बिना विकेट खोए 26 रन बना चुका है। वह भारत पर अब 314 रन की बढ़त हासिल कर चुका है।