भारतीय टीम को गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में खेले गए दूसरे टेस्ट में 408 रन से भारी हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ साउथ अफ्रीका ने 2 मैचों की सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली और 25 साल बाद भारत की सरजमीं पर टेस्ट क्लीन स्वीप करने का कारनामा दोहराया। इससे पहले कोलकाता में खेले गए पहले टेस्ट में भी भारत 30 रन से पराजित हुआ था। पिछली बार साल 2000 में अफ्रीकी टीम ने भारत में टेस्ट सीरीज 2-0 से जीती थी।

 

549 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया दूसरी पारी में सिर्फ 140 रन पर ढेर हो गई। भारतीय बल्लेबाजी की कमर साउथ अफ्रीकी ऑफ-स्पिनर साइमन हार्मर ने तोड़ी, जिन्होंने इस पारी में 6 विकेट चटकाए। भारत की ओर से रविंद्र जडेजा ही अकेले क्रीज पर कुछ देर डटे नजर आए और 54 रन की अर्धशतकीय पारी खेली, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई साथ नहीं मिला। मुकाबले में इससे पहले साउथ अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहली पारी में 489 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था, जबकि भारत की पहली पारी 201 रन पर सिमट गई थी।

 

मैच में ऑलराउंड प्रदर्शन से साउथ अफ्रीकी तेज गेंदबाज मार्को यानसन ने भी खासा असर छोड़ा। उन्होंने पहली पारी में 93 रन बनाए और गेंद से 48 रन देकर 6 विकेट झटके। दूसरी पारी में भी यानसन ने 1 महत्वपूर्ण विकेट लिया, जिससे भारत की वापसी की उम्मीदें पूरी तरह खत्म हो गईं। सीरीज में सबसे ज्यादा प्रभावी साइमन हार्मर रहे, जिन्होंने दोनों टेस्ट मिलाकर कुल 17 विकेट लिए और ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ बने। वहीं, मार्को यानसन को दमदार खेल के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।

 

भारत की प्लेइंग-XI में यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत (कप्तान/विकेटकीपर), रविंद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल, वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश रेड्डी, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज शामिल थे। दूसरी ओर साउथ अफ्रीका की टीम में ऐडन मार्करम, रायन रिकेल्टन, वियान मुल्डर, टेम्बा बावुमा (कप्तान), टोनी डी जॉर्जी, ट्रिस्टन स्टब्स, काइल वेरिने (विकेटकीपर), साइमन हार्मर, केशव महाराज, मार्को यानसन और सेनुरन मुथुसामी ने मैदान संभाला।

 

ऋषभ पंत की कप्तानी में भारतीय टीम ने मुकाबले में संघर्ष की झलक जरूर दिखाई, लेकिन दबाव के हालात में बल्लेबाजी संयम खो बैठी। विपक्षी स्पिनर्स की सटीक लाइन-लेंथ और तेज गेंदबाजों के धारदार प्रहार ने मेजबान टीम को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। टेस्ट क्रिकेट में घर के हालात का फायदा न उठा पाना और बड़ी साझेदारियों की कमी भारत की हार की सबसे बड़ी वजहों में शुमार रहीं।

 

मैच का यह नतीजा भारतीय क्रिकेट के लिए गंभीर आत्ममंथन का संदेश लेकर आया है, जबकि साउथ अफ्रीका की टीम ने अनुशासन, संतुलन और योजना के दम पर यह यादगार जीत दर्ज की।