महिला एकदिवसीय विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम की 16 में से 15 खिलाड़ी महिला प्रीमियर लीग के अगले सत्र में खेलती दिखाई देंगी। इनमें 6 खिलाड़ियों को पहले ही उनकी टीमों ने अपने साथ बनाए रखा था, जबकि 9 खिलाड़ियों को गुरुवार को हुए मेगा नीलामी कार्यक्रम में खरीदा गया। इन सभी की संयुक्त कीमत 22.65 करोड़ रुपए रही।

 

यह बड़ी नीलामी नई दिल्ली में आयोजित हुई। इसमें दीप्ति शर्मा को 3.20 करोड़ और श्री चरणी को 1.30 करोड़ रुपए की कीमत पर टीमों ने अपने साथ जोड़ा। लीग के इतिहास में अब भी स्मृति मंधाना सबसे महंगी खिलाड़ी बनी हुई हैं। उन्हें शुरुआत वाले सत्र में 3.40 करोड़ रुपए में खरीदा गया था और इस बार की प्रतियोगिता के लिए 3.50 करोड़ रुपए में टीम ने अपने पास बनाए रखा।

 

महिला क्रिकेट को यह लीग लगातार मजबूती दे रही है, लेकिन पुरुषों की बड़ी प्रतियोगिता के मुकाबले यहाँ खिलाड़ियों को मिलने वाली रकम अब भी बहुत कम है। उदाहरण के तौर पर, पुरुष लीग में देश के सबसे महंगे खिलाड़ी ऋषभ पंत को पिछले वर्ष 27 करोड़ रुपए मिले थे। यानी महिला विश्व विजेता टीम की 15 खिलाड़ी मिलकर जितना नहीं कमा पा रहीं, उससे 4.35 करोड़ रुपए अधिक एक अकेला पंत कमा रहा है।

 

पुरुष लीग और महिला लीग में वेतन का यह अंतर मुख्य रूप से टीमों के पास मौजूद खर्च सीमा की वजह से भी है। पुरुष प्रतियोगिता में हर टीम के पास 120 करोड़ रुपए तक खर्च करने की छूट रहती है, जबकि महिला लीग में एक टीम का अधिकतम बजट 15 करोड़ ही है। लीग में कुल 5 टीमें खेलती हैं, जिनके पास मिलाकर 75 करोड़ रुपए खर्च करने का अधिकार बनता है। इस सीमित बजट के कारण टीमें चाहकर भी खिलाड़ियों को पुरुषों के बराबर भुगतान नहीं कर सकतीं।

 

जहां तक भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन का सवाल है, नीलामी में सबसे बड़ी बोली दीप्ति शर्मा पर ही लगी, जिन्हें 'यूपी वॉरियर्स' ने 3.20 करोड़ रुपए देकर अपने साथ जोड़ा। वहीं 'मुंबई इंडियंस' ने विदेशी खिलाड़ी अमीलिया केर को 3 करोड़ रुपए में अपने साथ लिया। 'यूपी वॉरियर्स' ने तेज गेंदबाज शिखा पांडे को भी 2.40 करोड़ की कीमत पर खरीदा।

 

महिला लीग का यह चौथा सत्र 9 जनवरी से 5 फरवरी तक खेला जाएगा। प्रतियोगिता के सभी मुकाबले नवी मुंबई और वडोदरा के दो मैदानों पर होंगे। यह लीग 2023 में शुरू हुई थी, जिसमें मुंबई इंडियंस दो बार खिताब जीत चुकी है, जबकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 2024 में पहली बार विजेता बनी। दिल्ली कैपिटल्स अब तक हर सत्र में फाइनल तक पहुंची, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सकी और तीनों बार दूसरे स्थान पर रही।

 

भारतीय महिला टीम ने 2 नवंबर को पहली बार एकदिवसीय विश्व कप का ताज अपने नाम किया था। फाइनल में उन्होंने नवी मुंबई में दक्षिण अफ्रीका को हराकर इतिहास रचा। यह भारतीय महिला क्रिकेट का पहला वैश्विक खिताब था, जो टी-20 और एकदिवसीय दोनों प्रारूपों में उनकी पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय जीत बनी। इससे पहले भारत 2005 और 2017 में फाइनल तक पहुंचा जरूर था, लेकिन खिताब नहीं जीत सका था।