आईपीएल का रोमांच अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है। फाइनल में जगह बनाने के लिए हर टीम अपनी पूरी ताकत झोंक रही है। इसी बीच गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच होने वाला क्वालिफायर-2 मुकाबला काफी चर्चा में है। क्रिकेट फैंस के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर इस हाईवोल्टेज मैच में बारिश हो गई और मुकाबला पूरा नहीं हो पाया तो आखिर फाइनल में कौन पहुंचेगा?

हर साल आईपीएल में बारिश कई बड़े मैचों का मजा खराब कर देती है। ऐसे में प्लेऑफ जैसे बड़े मुकाबलों में फैंस की टेंशन और भी बढ़ जाती है। क्योंकि यहां एक हार सीधे टूर्नामेंट से बाहर कर देती है। अब GT और RR के मैच को लेकर भी मौसम को लेकर चर्चा तेज है और लोग लगातार नियम जानना चाहते हैं।

 

क्वालिफायर-2 आखिर होता क्या है?

आईपीएल प्लेऑफ में कुल चार मुकाबले खेले जाते हैं। पहला क्वालिफायर टॉप-2 टीमों के बीच होता है। उसका विजेता सीधे फाइनल में पहुंच जाता है। इसके बाद एलिमिनेटर मैच तीसरे और चौथे नंबर की टीमों के बीच खेला जाता है। एलिमिनेटर जीतने वाली टीम फिर क्वालिफायर-2 खेलती है, जहां उसका मुकाबला क्वालिफायर-1 हारने वाली टीम से होता है। जो टीम क्वालिफायर-2 जीतती है, वही फाइनल में एंट्री मारती है। यानी यह मुकाबला करो या मरो वाला होता है। यहां हारने वाली टीम का सफर खत्म हो जाता है जबकि जीतने वाली टीम ट्रॉफी से सिर्फ एक कदम दूर रह जाती है।

 

अगर बारिश हुई तो क्या होगा?

अब सबसे अहम सवाल यही है। अगर GT vs RR मैच के दौरान बारिश होती है तो सबसे पहले मैच को पूरा कराने की कोशिश की जाएगी। आईपीएल नियमों के मुताबिक प्लेऑफ मैचों में अतिरिक्त समय रखा जाता है ताकि बारिश के बाद भी मुकाबला पूरा कराया जा सके। कुछ मामलों में दो घंटे तक अतिरिक्त समय भी दिया जाता है। अगर बारिश थोड़ी देर के लिए आती है तो मैच देर से शुरू हो सकता है। ओवर कम किए जा सकते हैं। लेकिन कोशिश यही रहती है कि किसी भी तरह रिजल्ट निकल सके।

 

कितने ओवर का मैच जरूरी होता है?

आईपीएल के नियमों के मुताबिक मैच का नतीजा निकालने के लिए दोनों टीमों को कम से कम 5-5 ओवर खेलने जरूरी होते हैं। अगर इतनी भी गेंदबाजी नहीं हो पाती तो मैच को रद्द मान लिया जाता है। यानी अगर बारिश इतनी ज्यादा हो जाए कि 5 ओवर का खेल भी संभव न हो पाए, तब असली खेल नियमों का शुरू होता है।

 

मैच रद्द हुआ तो फाइनल में कौन जाएगा?

अगर GT vs RR क्वालिफायर-2 पूरी तरह धुल जाता है और कोई रिजल्ट नहीं निकलता, तो फिर लीग स्टेज में बेहतर पोजिशन पर रहने वाली टीम को फायदा मिलेगा। आईपीएल के नियम साफ कहते हैं कि ऐसी स्थिति में वही टीम फाइनल में जाएगी जिसने पॉइंट्स टेबल में ऊंची जगह हासिल की हो। यानी पूरे सीजन में बेहतर प्रदर्शन करने का इनाम टीम को यहां मिलता है। इसलिए लीग स्टेज की रैंकिंग प्लेऑफ में काफी अहम मानी जाती है। अगर गुजरात टाइटंस ने लीग स्टेज में राजस्थान रॉयल्स से ऊपर फिनिश किया है तो बारिश की स्थिति में GT को फायदा मिलेगा। वहीं अगर RR ऊपर रही होगी तो राजस्थान फाइनल में पहुंच जाएगी।

 

क्या क्वालिफायर-2 के लिए रिजर्व डे होता है?

फाइनल मुकाबले के लिए आमतौर पर रिजर्व डे रखा जाता है, लेकिन क्वालिफायर-2 में हर बार रिजर्व डे नहीं होता। कई सीजन में बिना रिजर्व डे के ही मुकाबले कराए गए हैं। ऐसे में बारिश होने पर उसी दिन मैच पूरा कराने की पूरी कोशिश होती है। अगर मौसम लगातार खराब बना रहता है तो फिर लीग स्टेज की रैंकिंग ही फैसला करती है।

 

GT और RR के बीच हेड टू हेड रिकॉर्ड कैसा है?

गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स के मुकाबले हमेशा काफी रोमांचक रहे हैं। दोनों टीमों के पास मजबूत बल्लेबाजी और शानदार गेंदबाजी अटैक मौजूद है। गुजरात के पास बड़े मैच जीतने का अनुभव है जबकि राजस्थान की टीम युवा खिलाड़ियों के दम पर धमाल मचाती रही है। पिछले कुछ मुकाबलों में दोनों टीमों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी है। शुभमन गिल, संजू सैमसन, यशस्वी जायसवाल और राशिद खान जैसे खिलाड़ी इस मैच को और भी बड़ा बना देते हैं। यही वजह है कि फैंस इस मुकाबले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

 

बारिश का असर किस टीम पर ज्यादा पड़ेगा?

बारिश हमेशा उस टीम को ज्यादा नुकसान पहुंचाती है जिसकी प्लेइंग स्टाइल आक्रामक होती है। छोटे मैच में कभी भी उलटफेर हो सकता है। अगर ओवर कम होते हैं तो बल्लेबाज शुरुआत से ही बड़े शॉट खेलने लगते हैं। ऐसे में गेंदबाजों पर दबाव बढ़ जाता है। GT जैसी टीम जो संतुलित क्रिकेट खेलती है, उसे छोटे मुकाबलों में थोड़ी परेशानी हो सकती है। वहीं राजस्थान की टीम तेज शुरुआत के लिए जानी जाती है, इसलिए कम ओवर के मैच में RR को फायदा मिल सकता है। लेकिन अगर मैच पूरी तरह रद्द हो जाए तो फिर सब कुछ पॉइंट्स टेबल पर निर्भर करेगा।

 

फैंस क्यों हैं इतने परेशान?

क्रिकेट फैंस चाहते हैं कि इतने बड़े मुकाबले का फैसला मैदान पर हो, ना कि मौसम या नियमों से। जब कोई टीम पूरा सीजन मेहनत करके यहां तक पहुंचती है तो लोग चाहते हैं कि उसे मैदान पर खुद को साबित करने का मौका मिले। पिछले कुछ सालों में कई बड़े मुकाबले बारिश की वजह से प्रभावित हुए हैं। इसलिए जैसे ही मौसम खराब होने की खबर आती है, सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो जाती है।

 

क्या मौसम बन सकता है विलेन?

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार मैच वाले दिन हल्की बारिश की संभावना जरूर हो सकती है। हालांकि ग्राउंड स्टाफ और आईपीएल मैनेजमेंट पूरी तैयारी के साथ रहते हैं ताकि जल्दी से जल्दी खेल शुरू कराया जा सके। आधुनिक स्टेडियमों में पानी निकालने की सुविधा काफी बेहतर हो चुकी है। इसलिए हल्की बारिश होने पर भी जल्दी खेल शुरू कराया जा सकता है। लेकिन अगर लगातार तेज बारिश होती रही तो फिर मैच कराना मुश्किल हो जाता है।

 

हमारी राय

GT vs RR क्वालिफायर-2 सिर्फ एक मैच नहीं बल्कि फाइनल का टिकट है। ऐसे में हर क्रिकेट फैन यही चाहता है कि मुकाबला पूरे 20-20 ओवर का हो और रिजल्ट मैदान पर निकले। बारिश अगर इस मैच में दखल देती है तो फैंस का मजा जरूर खराब होगा। हालांकि आईपीएल के नियम पहले से तय होते हैं और लीग स्टेज में अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीम को फायदा मिलना भी गलत नहीं कहा जा सकता। लेकिन सच यही है कि इतने बड़े मुकाबले का फैसला बल्ले और गेंद से होना ज्यादा रोमांचक लगता है। अब सबकी नजरें मौसम पर हैं। अगर बारिश नहीं हुई तो फैंस को एक धमाकेदार मुकाबला देखने को मिल सकता है। और अगर मौसम बिगड़ा, तो फिर नियम तय करेंगे कि कौन टीम फाइनल में पहुंचेगी।