भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया जीत के बेहद करीब पहुंचकर भी मैच हार गई। एक समय ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड के लिए 191 रन का लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं होगा, लेकिन फिर एक ओवर ने पूरी बाजी पलट दी। यह ओवर था लेग स्पिनर रवि बिश्नोई का 17वां ओवर, जिसमें इंग्लैंड के बल्लेबाज जैकब बेथेल ने जमकर रन बटोरे।

मैच खत्म होने के बाद विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन ने भी माना कि इसी ओवर ने मुकाबले का रुख बदल दिया। हालांकि उन्होंने रवि बिश्नोई को पूरी तरह जिम्मेदार नहीं ठहराया, लेकिन यह जरूर कहा कि दो फ्री हिट ने इंग्लैंड पर बना दबाव पूरी तरह खत्म कर दिया। 

 

मैच में क्या हुआ था?

भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 190 रन बनाए। टीम की ओर से ईशान किशन ने 49 रन की अहम पारी खेली, जबकि अभिषेक शर्मा और श्रेयस अय्यर ने भी उपयोगी योगदान दिया। जवाब में इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। पहले ही ओवर में अर्शदीप सिंह ने फिल सॉल्ट और जोस बटलर को आउट कर दिया। इसके बाद लगा कि भारत मैच पर पूरी तरह पकड़ बना चुका है। लेकिन जैकब बेथेल ने एक छोर संभाले रखा और आखिर तक नाबाद 76 रन बनाकर इंग्लैंड को चार विकेट से जीत दिला दी। 

 

रवि बिश्नोई का 17वां ओवर क्यों बना टर्निंग पॉइंट?

इंग्लैंड को आखिरी चार ओवर में 49 रन चाहिए थे। उस समय मुकाबला पूरी तरह संतुलन में था और भारत की जीत की संभावना ज्यादा दिख रही थी। लेकिन 17वें ओवर में रवि बिश्नोई ने लगातार दो नो-बॉल फेंक दीं। दोनों के बाद मिली फ्री हिट पर जैकब बेथेल ने शानदार छक्के जड़ दिए। इस पूरे ओवर में कुल 29 रन बने और यहीं से मैच का पूरा मोमेंटम इंग्लैंड की तरफ चला गया। 

 

ईशान किशन ने क्या कहा?

मैच के बाद मीडिया से बात करते हुए ईशान किशन ने कहा कि टीम को पूरा भरोसा था कि मुकाबला उनके नियंत्रण में है। लेकिन फ्री हिट मिलने से बल्लेबाज पर से दबाव हट गया। ईशान ने कहा कि ‘हमें लग रहा था कि मैच हमारे हाथ में है, लेकिन उन फ्री हिट्स ने उनके लिए बल्लेबाजी आसान कर दी। इससे उन पर बना दबाव खत्म हो गया।’

 

बेथेल की भी तारीफ की

ईशान ने सिर्फ अपनी टीम की गलती की बात नहीं की, बल्कि जैकब बेथेल की बल्लेबाजी की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि बेथेल काफी देर से क्रीज पर मौजूद थे और उन्होंने पिच को अच्छी तरह समझ लिया था। उन्हें पता चल गया था कि किस गेंदबाज पर कब हमला करना है। ऐसे में उन्होंने सही समय पर जोखिम लिया और उसका फायदा भी मिला। 

 

‘12 रन बिना कोई जोखिम उठाए मिल गए’

ईशान किशन का मानना है कि टी20 जैसे छोटे फॉर्मेट में छोटी-छोटी गलतियां भी बहुत महंगी पड़ती हैं। उन्होंने कहा कि अगर वे दो नो-बॉल नहीं होतीं, तो शायद कहानी अलग होती। उनके मुताबिक बल्लेबाज को बिना किसी जोखिम के दो फ्री हिट पर 12 रन मिल जाना किसी भी गेंदबाजी टीम के लिए बड़ा नुकसान है। ऐसे मुकाबलों में यही छोटे अंतर जीत और हार तय कर देते हैं।

 

क्या सिर्फ बिश्नोई की वजह से हारी टीम?

ईशान किशन ने साफ किया कि किसी एक खिलाड़ी को हार का जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा। उनके मुताबिक पूरी टीम ने अच्छा क्रिकेट खेला, लेकिन कुछ छोटे-छोटे मौके ऐसे आए जहां टीम बेहतर कर सकती थी। उन्होंने कहा कि हर मैच के बाद टीम बैठकर अपनी गलतियों का विश्लेषण करती है ताकि अगली बार वही गलती दोबारा न हो

 

रवि बिश्नोई के नाम दर्ज हुआ अनचाहा रिकॉर्ड

मैनचेस्टर का यह मुकाबला रवि बिश्नोई के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। उन्होंने अपने चार ओवर में 60 रन खर्च किए और तीन नो-बॉल फेंकी। इसके साथ ही वे पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में फुल मेंबर देशों के पहले ऐसे स्पिनर बन गए, जिन्होंने एक मैच में तीन नो-बॉल डालीं। यह रिकॉर्ड उनके लिए बिल्कुल भी सुखद नहीं रहा। 

 

भारतीय टीम का प्रदर्शन कैसा रहा?

हालांकि भारत को हार मिली, लेकिन बल्लेबाजी में कई सकारात्मक बातें भी देखने को मिलीं। ईशान किशन ने 49 रन बनाकर शानदार शुरुआत दी। अभिषेक शर्मा ने तेजी से रन जोड़े और कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी अहम योगदान दिया। गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह ने शुरुआत में दो बड़े विकेट लेकर इंग्लैंड को दबाव में डाल दिया था। लेकिन डेथ ओवरों में टीम उस दबाव को बरकरार नहीं रख सकी।

 

आगे की रणनीति पर क्या बोले ईशान?

ईशान किशन ने कहा कि टीम हार से निराश जरूर है, लेकिन ड्रेसिंग रूम का माहौल सकारात्मक है। उन्होंने कहा कि सभी खिलाड़ी समझते हैं कि कहां सुधार की जरूरत है। टीम एकजुट होकर अपनी गलतियों से सीखना चाहती है ताकि अगले मुकाबलों में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। उनके मुताबिक हार से आत्मविश्वास पर असर जरूर पड़ता है, लेकिन अनुभवी खिलाड़ी जानते हैं कि वापसी कैसे करनी है। 

 

हमारी राय

मैनचेस्टर टी20 ने एक बार फिर दिखा दिया कि टी20 क्रिकेट में एक ओवर पूरे मैच का नतीजा बदल सकता है। रवि बिश्नोई का 17वां ओवर भारत के लिए बेहद महंगा साबित हुआ, लेकिन हार का ठीकरा सिर्फ एक खिलाड़ी पर फोड़ना सही नहीं होगा। बल्लेबाजी के दौरान भारत शायद 10-15 रन और जोड़ सकता था, वहीं गेंदबाजी में नो-बॉल जैसी बुनियादी गलतियों से भी बचा जा सकता था।

ईशान किशन की बात बिल्कुल सही है कि फ्री हिट ने इंग्लैंड को सिर्फ रन ही नहीं दिए, बल्कि दबाव से भी बाहर निकाल दिया। अब टीम इंडिया की कोशिश यही होगी कि अगले मुकाबले में इन गलतियों से सबक लेकर मजबूत वापसी की जाए।