क्रिकेट में किसी भी बल्लेबाज की सफलता का सबसे बड़ा पैमाना उसके शतक माने जाते हैं। जो खिलाड़ी जितने ज्यादा शतक लगाता है, उसे उतना ही बड़ा बल्लेबाज माना जाता है। लेकिन क्रिकेट इतिहास में कुछ ऐसे खिलाड़ी भी रहे हैं जिन्होंने हजारों इंटरनेशनल रन बनाए, कई मैच जिताए, टीम के भरोसेमंद बल्लेबाज बने, लेकिन अपने पूरे करियर में एक भी इंटरनेशनल शतक नहीं लगा सके।

हैरानी की बात यह है कि इनमें कुछ ऐसे नाम भी शामिल हैं जिन्होंने टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों फॉर्मेट खेले और लंबे समय तक अपनी टीम का अहम हिस्सा रहे। आइए जानते हैं उन पांच खिलाड़ियों के बारे में जिन्होंने बिना एक भी इंटरनेशनल सेंचुरी लगाए सबसे ज्यादा रन बनाए।

1. Misbah Ul-Haq

इस सूची में सबसे ऊपर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मिस्बाह-उल-हक का नाम आता है। मिस्बाह ने अपने इंटरनेशनल करियर में करीब 9,500 से ज्यादा रन बनाए, लेकिन वह कभी भी तीनों फॉर्मेट मिलाकर इंटरनेशनल शतक नहीं लगा सके। मिस्बाह अपनी शांत बल्लेबाजी, दबाव में खेलने की क्षमता और टीम को मुश्किल परिस्थितियों से निकालने के लिए जाने जाते थे। उन्होंने कई बार अर्धशतक लगाए और पाकिस्तान को यादगार जीत दिलाई, लेकिन हर बार शतक से पहले उनका सफर रुक गया। यही वजह है कि इतने शानदार करियर के बावजूद उनके नाम एक भी इंटरनेशनल सेंचुरी दर्ज नहीं है।

2. Calum MacLeod

इस सूची में स्कॉटलैंड के अनुभवी बल्लेबाज कैलम मैकलियोड का नाम भी शामिल है। एसोसिएट क्रिकेट खेलने के बावजूद उन्होंने अपनी टीम के लिए लगातार रन बनाए और इंटरनेशनल क्रिकेट में मजबूत पहचान बनाई। मैकलियोड ने कई बार बड़ी पारियां खेलीं और टीम को जीत दिलाई, लेकिन वह भी अपने करियर में कभी 100 रन के आंकड़े तक नहीं पहुंच सके। लगातार रन बनाने के बावजूद शतक का इंतजार उनके पूरे करियर में खत्म नहीं हुआ।

3. माइकल लम्ब 

इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज माइकल लम्ब भी इस अनोखी सूची का हिस्सा हैं। उन्होंने वनडे और टी20 क्रिकेट में इंग्लैंड के लिए कई उपयोगी पारियां खेलीं और टीम के भरोसेमंद बल्लेबाज रहे। उनके बल्ले से कई अर्धशतक निकले, लेकिन वह कभी भी तीन अंकों का आंकड़ा नहीं छू पाए। इसके बावजूद उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में हजारों रन बनाए और लंबे समय तक इंग्लैंड की बल्लेबाजी का अहम हिस्सा बने रहे।

4. Chamara Kapugedera

श्रीलंका के पूर्व बल्लेबाज चामरा कपुगेदरा भी उन खिलाड़ियों में शामिल हैं जिनके नाम एक भी इंटरनेशनल शतक नहीं है। उन्होंने श्रीलंका के लिए कई अहम मुकाबले खेले और मिडिल ऑर्डर में उपयोगी योगदान दिया। कपुगेदरा कई बार अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने के करीब पहुंचे, लेकिन हर बार किसी न किसी वजह से शतक पूरा नहीं कर सके। इसके बावजूद उन्होंने अपने देश के लिए महत्वपूर्ण रन बनाए।

5. Rohan Mustafa

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के ऑलराउंडर रोहन मुस्तफा भी इस लिस्ट में शामिल हैं। उन्होंने बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी में भी अपनी टीम के लिए अहम योगदान दिया। रोहन ने इंटरनेशनल क्रिकेट में लगातार रन बनाए, कई बार मैच जिताने वाली पारियां खेलीं और कई अर्धशतक लगाए, लेकिन उनके नाम भी एक भी इंटरनेशनल शतक दर्ज नहीं है। यही वजह है कि वह इस अनोखे रिकॉर्ड का हिस्सा बन गए।

 

बिना शतक के भी कैसे बने सफल बल्लेबाज?

अक्सर माना जाता है कि कोई बल्लेबाज तभी सफल होता है जब वह शतक लगाए। लेकिन इन खिलाड़ियों ने साबित किया कि टीम के लिए लगातार रन बनाना ज्यादा महत्वपूर्ण है। कई बार 40, 50 या 70 रन की पारी भी टीम को जीत दिला देती है। ऐसे खिलाड़ी मैच की जरूरत के हिसाब से खेलते हैं और टीम के लिए योगदान देते हैं। यही कारण है कि बिना शतक लगाए भी इन खिलाड़ियों ने अपने देशों के लिए लंबा और सफल करियर बनाया।

 

शतक न बनने के पीछे क्या हो सकते हैं वजह?

हर बल्लेबाज शतक बनाना चाहता है, लेकिन कई बार परिस्थितियां साथ नहीं देतीं। कुछ खिलाड़ी निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हैं, जिससे उन्हें ज्यादा गेंदें खेलने का मौका नहीं मिलता। कुछ खिलाड़ी टीम की जरूरत के हिसाब से तेज रन बनाने की कोशिश में आउट हो जाते हैं। इसके अलावा कई बल्लेबाज 70, 80 या 90 रन तक पहुंचने के बाद दबाव में अपना विकेट गंवा बैठते हैं। यही वजह है कि अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद उनके नाम शतक दर्ज नहीं हो पाता।

 

क्या यह रिकॉर्ड टूट सकता है?

क्रिकेट लगातार बदल रहा है। आज पहले से कहीं ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेले जा रहे हैं। ऐसे में संभव है कि भविष्य में कोई खिलाड़ी बिना शतक लगाए इससे भी ज्यादा रन बना दे। हालांकि ऐसा करना आसान नहीं होगा, क्योंकि लंबे समय तक इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाला बल्लेबाज आमतौर पर कभी न कभी शतक जरूर बना लेता है। यही वजह है कि यह रिकॉर्ड काफी अनोखा माना जाता है।

 

रन ज्यादा या शतक ज्यादा, क्या है ज्यादा अहम?

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि शतक जरूर बड़ी उपलब्धि है, लेकिन किसी खिलाड़ी का मूल्यांकन सिर्फ शतकों से नहीं किया जा सकता। अगर कोई बल्लेबाज लगातार टीम के लिए रन बना रहा है और मैच जिता रहा है, तो उसका योगदान भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। इन खिलाड़ियों ने यही साबित किया कि क्रिकेट सिर्फ रिकॉर्ड बनाने का खेल नहीं है, बल्कि टीम के लिए सही समय पर योगदान देना भी उतना ही जरूरी है।

 

हमारी राय

शतक किसी भी बल्लेबाज के करियर का खास पड़ाव होता है, लेकिन यह सफलता का इकलौता पैमाना नहीं है। मिस्बाह-उल-हक जैसे खिलाड़ियों ने बिना एक भी इंटरनेशनल शतक लगाए हजारों रन बनाए और अपनी टीम को कई यादगार जीत दिलाईं। यह सूची बताती है कि क्रिकेट में सिर्फ तीन अंकों तक पहुंचना ही बड़ी बात नहीं है, बल्कि लगातार अच्छा प्रदर्शन करना और टीम के लिए भरोसेमंद खिलाड़ी बने रहना भी उतना ही अहम है।