भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला क्रिकेट फैंस के लिए बेहद अहम होने वाला है। पहले मैच के बाद दोनों टीमों की नजरें इस मुकाबले पर टिकी हैं। लेकिन मैच से पहले सबसे ज्यादा चर्चा किसी खिलाड़ी या टीम कॉम्बिनेशन की नहीं, बल्कि मैनचेस्टर के मौसम की हो रही है।
इंग्लैंड में क्रिकेट और बारिश का रिश्ता काफी पुराना है। कई बड़े मुकाबले बारिश की वजह से प्रभावित हो चुके हैं। ऐसे में फैंस के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार भी बारिश मैच का मजा खराब कर देगी या फिर पूरा मुकाबला देखने को मिलेगा? आइए जानते हैं मैच से पहले मौसम, पिच और दोनों टीमों की तैयारियों से जुड़ी हर जरूरी जानकारी।
मैनचेस्टर के मौसम पर क्यों टिकी हैं सबकी नजरें?
दूसरा टी20 मुकाबला ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर में खेला जाना है। यह मैदान शानदार क्रिकेट के लिए जितना मशहूर है, उतना ही यहां का बदलता मौसम भी चर्चा में रहता है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक मैच वाले दिन आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। दिन के कुछ समय हल्की बारिश या फुहारें पड़ सकती हैं। हालांकि पूरे दिन लगातार तेज बारिश होने की संभावना कम बताई जा रही है। यानी मैच शुरू होने से पहले और मैच के दौरान मौसम पर लगातार नजर बनी रहेगी।
क्या पूरा मैच रद्द हो सकता है?
फिलहाल जो मौसम का अनुमान सामने आया है, उसके मुताबिक पूरे मैच के रद्द होने की संभावना काफी कम मानी जा रही है। अगर हल्की बारिश होती भी है, तो मैच कुछ देर के लिए रुक सकता है। जरूरत पड़ने पर ओवर भी कम किए जा सकते हैं। लेकिन अगर मौसम ज्यादा खराब नहीं हुआ तो फैंस को पूरा मुकाबला देखने को मिल सकता है। इंग्लैंड के मैदानों की सबसे बड़ी खासियत यह भी है कि वहां की ड्रेनेज व्यवस्था काफी आधुनिक है। बारिश रुकने के बाद मैदान जल्दी खेलने लायक बना दिया जाता है।
बारिश होने पर किस टीम को मिलेगा फायदा?
अगर मैच के दौरान बारिश होती है और ओवर कम होते हैं, तो मुकाबले का पूरा समीकरण बदल सकता है। छोटे मैचों में बल्लेबाज शुरुआत से ही बड़े शॉट खेलने की कोशिश करते हैं। वहीं गेंदबाजों के लिए गलती की गुंजाइश काफी कम रह जाती है। अगर बादल छाए रहते हैं, तो नई गेंद स्विंग भी ज्यादा कर सकती है। ऐसे में तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में अतिरिक्त मदद मिलने की उम्मीद रहेगी।
ओल्ड ट्रैफर्ड की पिच कैसी रहती है?
मैनचेस्टर की पिच शुरुआत में तेज गेंदबाजों की मदद करती है। अगर मौसम ठंडा और बादलों वाला हो, तो गेंद हवा में भी मूव करती है। हालांकि जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान हो जाता है। अच्छी शुरुआत मिलने के बाद यहां बड़े स्कोर भी बनते रहे हैं। यानी शुरुआती कुछ ओवर दोनों टीमों के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं।
टीम इंडिया की क्या होगी स्ट्रेटजी?
अगर मौसम बादलों वाला रहता है, तो भारतीय बल्लेबाजों को शुरुआत में काफी संभलकर खेलना होगा। नई गेंद को सम्मान देना और विकेट बचाकर रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। इसके बाद मिडिल ओवरों में तेजी से रन बनाने की कोशिश की जा सकती है। वहीं भारतीय तेज गेंदबाज भी मौसम का पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। अगर गेंद स्विंग करती है, तो इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर शुरुआती दबाव बनाया जा सकता है।
इंग्लैंड की टीम भी रहेगी तैयार
इंग्लैंड की टीम अपने घरेलू हालात से अच्छी तरह परिचित है। उन्हें पता है कि मैनचेस्टर में मौसम कब बदल सकता है और किस तरह की गेंदबाजी करनी चाहिए। यही वजह है कि उनकी तेज गेंदबाजी हमेशा घरेलू मैदानों पर ज्यादा खतरनाक मानी जाती है। अगर बारिश के कारण मैच छोटा होता है, तो इंग्लैंड की आक्रामक बल्लेबाजी भी बड़ा अंतर पैदा कर सकती है।
बारिश के समय DLS नियम कैसे काम करता है?
अगर मैच के दौरान बारिश आती है और पूरा मुकाबला तय समय में पूरा नहीं हो पाता, तो डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (DLS) नियम लागू किया जा सकता है। इस नियम के तहत मौसम के कारण कम हुए ओवरों के हिसाब से लक्ष्य तय किया जाता है। कई बार इसी वजह से मैच का परिणाम पूरी तरह बदल जाता है। इसलिए टॉस जीतने वाली टीम मौसम की स्थिति देखकर पहले बल्लेबाजी या गेंदबाजी का फैसला ले सकती है।
फील्डिंग भी निभाएगी अहम भूमिका
अगर मैदान थोड़ा गीला रहता है, तो गेंद फिसल सकती है। ऐसी स्थिति में कैच पकड़ना, गेंद रोकना और सही थ्रो करना खिलाड़ियों के लिए चुनौती बन सकता है। विकेटकीपर और फील्डरों को भी अतिरिक्त सतर्क रहना होगा। छोटी-सी फील्डिंग गलती भी मैच का रुख बदल सकती है।
फैंस को क्या उम्मीद रखनी चाहिए?
फिलहाल जो मौसम का पूर्वानुमान सामने आया है, उसके मुताबिक फैंस को पूरी तरह निराश होने की जरूरत नहीं है। बारिश की आशंका जरूर है, लेकिन पूरे मुकाबले के धुलने की संभावना कम मानी जा रही है। अगर मौसम ने ज्यादा परेशान नहीं किया, तो क्रिकेट प्रेमियों को एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है। हालांकि इंग्लैंड का मौसम कब बदल जाए, इसका अनुमान लगाना हमेशा आसान नहीं होता। इसलिए मैच शुरू होने तक मौसम पर नजर बनी रहेगी।
खिलाड़ियों के लिए भी होगी कड़ी परीक्षा
इस मुकाबले में सिर्फ क्रिकेट कौशल ही नहीं, बल्कि परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता भी अहम होगी। जो टीम मौसम, पिच और मैच की बदलती परिस्थितियों को जल्दी समझेगी, उसके जीतने की संभावना ज्यादा रहेगी। खासकर शुरुआती ओवरों में लिया गया सही फैसला पूरे मैच का परिणाम बदल सकता है।
हमारी राय
भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाला दूसरा टी20 मुकाबला बेहद रोमांचक होने की पूरी उम्मीद है। हालांकि बारिश का खतरा जरूर बना हुआ है, लेकिन मौजूदा मौसम के अनुमान के अनुसार पूरा मैच रद्द होने की संभावना कम है। ऐसे में अगर मौसम साथ देता है, तो फैंस को तेज रफ्तार और रोमांच से भरपूर क्रिकेट देखने को मिल सकता है।
टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती इंग्लैंड के मौसम और शुरुआती स्विंग का सामना करना होगी। वहीं अगर भारतीय गेंदबाज भी परिस्थितियों का सही फायदा उठाते हैं, तो मैच भारत के पक्ष में भी जा सकता है। अब सबकी नजरें मैनचेस्टर के आसमान पर हैं कि आखिर बारिश जीतती है या क्रिकेट।









