UIDAI ने आधार यूजर्स के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। अब जल्द ही आप बिना किसी सेंटर पर जाए, अपने घर से ही आधार में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बदल सकेंगे। इसके लिए न तो किसी दस्तावेज़ की जरूरत होगी और न ही लंबी कतारों में इंतज़ार करना पड़ेगा। पूरी प्रक्रिया AADHAAR ऐप के जरिए सिर्फ OTP और फेस ऑथेंटिकेशन से पूरी हो जाएगी। खासतौर पर सीनियर सिटिजन और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह बदलाव काफी मददगार साबित होगा।

 

नई सर्विस कैसे काम करेगी?

 

UIDAI ने मोबाइल नंबर अपडेट करने की प्रक्रिया को बेहद आसान बनाया है।


यूजर को सिर्फ AADHAAR ऐप डाउनलोड करना होगा और फिर-

 

आधार नंबर और नया मोबाइल नंबर दर्ज करें

 

पुराने या नए नंबर पर आने वाले OTP को वेरिफाई करें

 

फोन के कैमरे से फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें

 

इन तीन स्टेप्स के बाद आपका मोबाइल नंबर अपडेट हो जाएगा। कोई फॉर्म, कोई दस्तावेज़ और किसी केंद्र पर जाने की जरूरत नहीं।

 

मोबाइल नंबर अपडेट करना क्यों जरूरी है?

 

आधार आज देश में सबसे बड़े पहचान पत्र के रूप में इस्तेमाल होता है। बैंकिंग, सरकारी योजनाएं, सब्सिडी, टैक्स वेरिफिकेशन, डिजिलॉकर और लगभग हर डिजिटल सेवा OTP के जरिए चलती है।
अगर रजिस्टर्ड नंबर बंद हो जाए या खो जाए, तो कई काम रुक जाते हैं। अभी तक नंबर बदलने का एकमात्र तरीका एनरोलमेंट सेंटर जाकर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराना था। नया डिजिटल तरीका इस झंझट से पूरी तरह मुक्ति देगा।

 

UIDAI का नया AADHAAR ऐप - क्या है खास?

 

UIDAI ने कुछ समय पहले नया AADHAAR ऐप लॉन्च किया है, जिसमें कई एडवांस फीचर्स जोड़े गए हैं-

 

एक ही फोन में 5 आधार प्रोफाइल रखने की सुविधा

सिर्फ जरूरत की जानकारी शेयर करने का ऑप्शन (Selective Sharing)

फेस ऑथेंटिकेशन आधारित सिक्योर लॉगिन

मल्टी-लैंग्वेज सपोर्ट

 

ऑफलाइन मोड, जिससे बिना इंटरनेट भी आधार देखा जा सकता है

 

यह ऐप UPI की तरह QR स्कैन करके आधार की जानकारी शेयर करने का विकल्प भी देता है।

 

पुराने mAadhaar ऐप से कैसे अलग है नया ऐप?

 

mAadhaar अभी भी PDF डाउनलोड, PVC कार्ड और कुछ अपडेट्स के लिए उपयोगी है।
नया AADHAAR ऐप प्राइवेसी-फर्स्ट अप्रोच के साथ आया है, जिसमें कम से कम डेटा शेयर करने पर जोर दिया गया है। यानी ID दिखानी हो तो सिर्फ वही जानकारी सामने वाले को दिखेगी जो जरूरी है।

 

नए ऐप से क्या फायदे मिलेंगे?

 

होटल चेक-इन, बैंक KYC और SIM एक्टिवेशन की प्रक्रिया तेज होगी

एक ही मोबाइल में पूरे परिवार के आधार मैनेज कर सकेंगे

डेटा लीक का खतरा कम, क्योंकि सिर्फ आवश्यक जानकारी ही शेयर होगी

 

भारत में आधार की यात्रा

 

आधार की शुरुआत 2009 में हुई थी और आज 130 करोड़ से ज्यादा लोगों के पास आधार है। पहले पेपर कार्ड आता था, फिर mAadhaar ऐप आया और अब पूरी तरह डिजिटल और सुरक्षित आधार ऐप लॉन्च किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि सभी सेवाएं धीरे-धीरे पूरी तरह ऑनलाइन और सरल हो जाएं।