एक समय था जब घर में टीवी लगते ही लोग सबसे पहले DTH या केबल कनेक्शन लगवाते थे। Dish TV, Tata Play, Airtel Digital TV और d2h जैसे प्लेटफॉर्म्स का बाजार तेजी से बढ़ रहा था। लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदलती दिख रही है। OTT प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते असर के बीच DTH और केबल टीवी इंडस्ट्री मुश्किल दौर से गुजर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले कुछ सालों में लाखों नहीं, बल्कि करोड़ों यूजर्स ने DTH और केबल का साथ छोड़ दिया है। 

अब लोग पारंपरिक टीवी देखने की बजाय मोबाइल, स्मार्ट टीवी और लैपटॉप पर Netflix, Amazon Prime Video, JioHotstar और YouTube जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट देखना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। यही वजह है कि DTH कंपनियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

 

आखिर क्यों घट रहे हैं DTH यूजर्स?

विशेषज्ञों के मुताबिक इसका सबसे बड़ा कारण OTT प्लेटफॉर्म्स का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल है। पहले जहां लोग टीवी चैनलों पर आने वाले शो और फिल्मों का इंतजार करते थे, अब वही कंटेंट ऑन-डिमांड उपलब्ध है। 

अब दर्शक अपनी सुविधा के हिसाब से कभी भी फिल्म या सीरीज देख सकते हैं। उन्हें किसी तय समय पर टीवी के सामने बैठने की जरूरत नहीं पड़ती। यही बदलाव DTH और केबल टीवी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।

 

Dish TV को हुआ भारी नुकसान

रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत की बड़ी DTH कंपनियों में शामिल Dish TV को हाल के समय में भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। 

कंपनी के सब्सक्राइबर्स लगातार घट रहे हैं। इसके साथ ही विज्ञापन और रिचार्ज से होने वाली कमाई पर भी असर पड़ा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर यही स्थिति जारी रही, तो आने वाले समय में DTH इंडस्ट्री को और बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है।

 

सस्ते इंटरनेट ने बदल दी पूरी तस्वीर

भारत में इंटरनेट डेटा बेहद सस्ता होने के बाद डिजिटल एंटरटेनमेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा। खासकर 4G और अब 5G आने के बाद लोग हाई क्वालिटी वीडियो आसानी से देखने लगे हैं। 

पहले जहां टीवी देखने के लिए डिश कनेक्शन जरूरी माना जाता था, अब मोबाइल पर ही लाइव टीवी, फिल्में और वेब सीरीज उपलब्ध हैं। यानी इंटरनेट ने पूरे एंटरटेनमेंट बाजार को बदल दिया है।

 

स्मार्ट टीवी ने भी बढ़ाई OTT की ताकत

आजकल बाजार में बिकने वाले ज्यादातर टीवी Smart TV होते हैं। इनमें सीधे Netflix, YouTube और दूसरे ऐप चल जाते हैं। ऐसे में कई लोग अलग से DTH कनेक्शन लेने की जरूरत महसूस नहीं करते। लोग Wi-Fi से टीवी कनेक्ट करके सीधे OTT कंटेंट देखना पसंद कर रहे हैं। इसी वजह से पारंपरिक टीवी सेवाओं का उपयोग धीरे-धीरे कम हो रहा है।

 

युवाओं की पसंद पूरी तरह बदल चुकी है

नई पीढ़ी अब पारंपरिक टीवी चैनलों से ज्यादा OTT कंटेंट देखती है। खासकर वेब सीरीज, इंटरनेशनल शोज और शॉर्ट वीडियो का क्रेज काफी बढ़ गया है। युवा दर्शक अब अपने पसंदीदा कंटेंट को अपनी सुविधा के हिसाब से देखना चाहते हैं। यही वजह है कि DTH कंपनियों के लिए युवा ऑडियंस को रोक पाना मुश्किल होता जा रहा है।

 

केबल टीवी ऑपरेटर्स पर भी संकट

सिर्फ DTH ही नहीं, बल्कि लोकल केबल ऑपरेटर्स भी मुश्किल में हैं। कई छोटे शहरों और कस्बों में केबल नेटवर्क चलाने वाले लोग लगातार घटते ग्राहकों से परेशान हैं। पहले जहां हर घर में केबल कनेक्शन होता था, अब कई परिवार सिर्फ इंटरनेट और OTT पर निर्भर हो गए हैं।इससे छोटे ऑपरेटर्स की कमाई पर सीधा असर पड़ा है।

 

क्या पूरी तरह खत्म हो जाएगा DTH?

विशेषज्ञ मानते हैं कि फिलहाल DTH पूरी तरह खत्म नहीं होने वाला। भारत में अभी भी बड़ी आबादी ऐसी है जहां इंटरनेट की स्पीड या स्मार्ट डिवाइस की पहुंच सीमित है। 

ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों में आज भी बड़ी संख्या में लोग पारंपरिक टीवी सेवाओं पर निर्भर हैं। इसके अलावा लाइव न्यूज, धार्मिक चैनल और कुछ स्पोर्ट्स कंटेंट के लिए टीवी का इस्तेमाल अभी भी काफी होता है।

 

स्पोर्ट्स कंटेंट अब भी बड़ी ताकत

क्रिकेट और बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स अभी भी DTH और टीवी चैनलों के लिए मजबूत हथियार माने जाते हैं।हालांकि अब IPL और कई बड़े टूर्नामेंट OTT पर भी लाइव दिखाए जा रहे हैं। यही वजह है कि स्पोर्ट्स ऑडियंस भी धीरे-धीरे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की तरफ शिफ्ट हो रही है।

 

OTT क्यों बन गया पहली पसंद?

OTT प्लेटफॉर्म्स की सबसे बड़ी ताकत है ‘कंट्रोल’। दर्शक जब चाहें, जो चाहें और जितनी देर चाहें, उतना कंटेंट देख सकते हैं। इसके अलावा विज्ञापनों की संख्या कम होना भी लोगों को पसंद आता है। कई प्लेटफॉर्म्स अलग-अलग भाषाओं में कंटेंट दे रहे हैं, जिससे उनकी पहुंच और बढ़ गई है। 

 

क्या महंगा हो रहा OTT भी चुनौती बनेगा?

हाल के समय में कई OTT प्लेटफॉर्म्स ने अपने सब्सक्रिप्शन प्लान महंगे किए हैं। कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर OTT लगातार महंगा होता गया, तो लोग फिर से फ्री टीवी कंटेंट की तरफ लौट सकते हैं। हालांकि फिलहाल OTT की लोकप्रियता तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है।

 

एडवरटाइजमेंट मार्केट भी बदल रहा

पहले कंपनियां टीवी चैनलों पर ज्यादा विज्ञापन देती थीं। लेकिन अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर विज्ञापन तेजी से बढ़ रहे हैं। YouTube, Instagram और OTT ऐप्स पर विज्ञापन का बाजार काफी बड़ा हो चुका है। इसका असर टीवी इंडस्ट्री की कमाई पर भी पड़ रहा है।

 

परिवार में भी बदल गया देखने का तरीका

पहले पूरा परिवार एक साथ टीवी पर एक ही शो देखता था। अब हर व्यक्ति अपने मोबाइल या टैबलेट पर अलग कंटेंट देखता है। यानी एंटरटेनमेंट का तरीका पूरी तरह बदल चुका है।इसी बदलाव ने पारंपरिक टीवी इंडस्ट्री को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है।

 

कंपनियां अब क्या कर रही हैं?

कई DTH कंपनियां अब खुद OTT सर्विसेज के साथ साझेदारी कर रही हैं। कुछ कंपनियां अपने सेट-टॉप बॉक्स में OTT ऐप्स भी दे रही हैं ताकि यूजर्स दोनों सेवाओं का इस्तेमाल कर सकें। यानी कंपनियां खुद को बदलते समय के हिसाब से ढालने की कोशिश कर रही हैं।

 

हमारी राय

OTT प्लेटफॉर्म्स ने भारत में एंटरटेनमेंट देखने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। दर्शकों को अब ज्यादा विकल्प, ज्यादा सुविधा और अपनी पसंद का कंटेंट मिल रहा है। यही वजह है कि DTH और केबल टीवी इंडस्ट्री दबाव में दिखाई दे रही है। हालांकि भारत जैसे बड़े देश में पारंपरिक टीवी सेवाएं पूरी तरह खत्म होंगी, ऐसा कहना अभी जल्दबाजी हो सकता है। लेकिन इतना जरूर है कि आने वाले समय में वही कंपनियां टिक पाएंगी जो बदलती तकनीक और दर्शकों की नई पसंद के हिसाब से खुद को ढाल सकेंगी।