हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा स्वस्थ रहे और उसकी लंबाई उम्र के हिसाब से अच्छी तरह बढ़े। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि बच्चा बाकी बच्चों की तुलना में छोटा नजर आने लगता है। ऐसे में माता-पिता परेशान हो जाते हैं और तरह-तरह के टॉनिक, सप्लीमेंट या घरेलू नुस्खे अपनाने लगते हैं।

हालांकि बच्चों के हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई बार बच्चे की हाइट न बढ़ने की वजह कोई गंभीर बीमारी नहीं, बल्कि रोजमर्रा की कुछ गलत आदतें होती हैं। अगर समय रहते इन आदतों को सुधार लिया जाए, तो बच्चे की ग्रोथ बेहतर हो सकती है। हालांकि अगर लंबे समय तक लंबाई बिल्कुल नहीं बढ़ रही हो, तो डॉक्टर से जांच कराना भी जरूरी है। 

 

देर रात तक जागना सबसे बड़ी गलती

आजकल बच्चों की दिनचर्या काफी बदल गई है। कई बच्चे देर रात तक मोबाइल देखते हैं, टीवी देखते हैं या गेम खेलते रहते हैं। इसकी वजह से उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, गहरी और समय पर नींद के दौरान शरीर में ग्रोथ हार्मोन सबसे ज्यादा बनता है। यही हार्मोन बच्चे की लंबाई बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। अगर बच्चा रोज देर से सोएगा या उसकी नींद पूरी नहीं होगी, तो उसकी ग्रोथ प्रभावित हो सकती है। इसलिए बच्चों को समय पर सुलाना बेहद जरूरी है। 

 

जरूरत से ज्यादा मीठा खाना भी नुकसान पहुंचा सकता है

आजकल बच्चों की डाइट में चॉकलेट, कोल्ड ड्रिंक, पैकेट वाले जूस, केक, बिस्कुट और दूसरी मीठी चीजें काफी बढ़ गई हैं। माता-पिता भी कई बार बच्चों की जिद के आगे हार मान जाते हैं। डॉक्टर का कहना है कि ज्यादा शुगर वाली डाइट शरीर में बार-बार शुगर स्पाइक पैदा करती है। इसका असर ग्रोथ हार्मोन पर भी पड़ सकता है। यही वजह है कि बच्चों को रोजाना बहुत ज्यादा मीठा खिलाने से बचना चाहिए। उनकी डाइट में फल, हरी सब्जियां, दाल, अंडा, दूध और प्रोटीन वाली चीजें ज्यादा शामिल करनी चाहिए। 

 

सिर्फ दूध पिलाने से नहीं बढ़ती हाइट

कई माता-पिता को लगता है कि अगर बच्चा ज्यादा दूध पीएगा तो उसकी लंबाई अपने आप बढ़ जाएगी। लेकिन डॉक्टर का कहना है कि यह पूरी तरह सही नहीं है। दूध में कैल्शियम जरूर होता है, लेकिन अगर शरीर में विटामिन D की कमी है, तो कैल्शियम सही तरीके से शरीर में इस्तेमाल नहीं हो पाता। ऐसे में सिर्फ ज्यादा दूध पिलाने से फायदा नहीं मिलेगा। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से विटामिन D की जांच और इलाज भी करवाना चाहिए। 

 

खेलकूद की कमी भी बन रही है वजह

पहले बच्चे घंटों बाहर खेलते थे, लेकिन अब ज्यादातर समय मोबाइल, टैबलेट, टीवी और वीडियो गेम में निकल जाता है। इसका असर सिर्फ आंखों पर ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर के विकास पर भी पड़ता है। डॉक्टरों का कहना है कि दौड़ना, कूदना, साइकिल चलाना, तैराकी, बैडमिंटन या दूसरे आउटडोर गेम खेलने से शरीर एक्टिव रहता है। इससे हड्डियां मजबूत होती हैं और ग्रोथ हार्मोन भी बेहतर तरीके से काम करता है। इसलिए बच्चों को रोज कम से कम एक घंटा शारीरिक गतिविधि जरूर करनी चाहिए। 

 

सिर्फ लंबाई पर नहीं, पूरी डाइट पर दें ध्यान

कई बार माता-पिता सिर्फ एक-दो चीजों पर ज्यादा ध्यान देते हैं, जबकि बच्चे को संतुलित भोजन की जरूरत होती है। अगर बच्चे की डाइट में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, विटामिन D, जिंक और दूसरे जरूरी पोषक तत्व नहीं होंगे, तो उसकी ग्रोथ प्रभावित हो सकती है। इसलिए रोजाना ऐसा भोजन दें जिसमें दाल, दूध, दही, पनीर, अंडा, हरी सब्जियां, फल, सूखे मेवे और साबुत अनाज शामिल हों। केवल सप्लीमेंट के भरोसे रहना सही तरीका नहीं है।

 

क्या सिर्फ माता-पिता की हाइट ही जिम्मेदार होती है?

अक्सर लोग कहते हैं कि अगर माता-पिता की लंबाई कम है, तो बच्चे की भी कम ही होगी। इसमें कुछ हद तक सच्चाई है क्योंकि हाइट पर जेनेटिक्स का असर जरूर पड़ता है। लेकिन सिर्फ जेनेटिक्स ही सब कुछ तय नहीं करता। अच्छी डाइट, पर्याप्त नींद, नियमित एक्सरसाइज और सही जीवनशैली भी बच्चे की लंबाई पर बड़ा असर डालती है। इसलिए शुरुआत से ही अच्छी आदतें विकसित करना जरूरी है।

 

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

अगर बच्चे की लंबाई कई महीनों तक बिल्कुल नहीं बढ़ रही है, उसकी ग्रोथ चार्ट के हिसाब से काफी पीछे चल रही है या उसके वजन और विकास में भी समस्या दिख रही है, तो बिना देरी किए बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर कुछ जांच करवाकर यह पता लगा सकते हैं कि कहीं हार्मोन, पोषण या किसी दूसरी स्वास्थ्य समस्या की वजह से तो ग्रोथ प्रभावित नहीं हो रही है। समय पर इलाज मिलने से कई समस्याओं का समाधान हो सकता है।

 

माता-पिता क्या करें?

बच्चों पर सिर्फ पढ़ाई का दबाव डालने के बजाय उनकी पूरी दिनचर्या पर ध्यान दें। उन्हें समय पर सुलाएं, सुबह जल्दी उठने की आदत डालें, बाहर खेलने के लिए प्रोत्साहित करें और मोबाइल का समय सीमित रखें।साथ ही बच्चों को जंक फूड की जगह घर का पौष्टिक खाना खिलाएं। अगर बच्चा किसी चीज को खाने से मना करता है, तो उसे प्यार से समझाकर धीरे-धीरे अच्छी खाने की आदत डालें। बच्चों की नियमित हेल्थ चेकअप भी करवाते रहें ताकि किसी भी समस्या का समय रहते पता चल सके।

 

हमारी राय

बच्चे की लंबाई सिर्फ किस्मत या जेनेटिक्स पर निर्भर नहीं करती। उसकी रोजमर्रा की आदतें, खान-पान, नींद और शारीरिक गतिविधियां भी उतनी ही अहम भूमिका निभाती हैं। इसलिए अगर आपको लगता है कि आपके बच्चे की हाइट उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ रही है, तो सबसे पहले उसकी लाइफस्टाइल पर ध्यान दें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।

सबसे जरूरी बात यह है कि बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी तरह के ग्रोथ सप्लीमेंट, हार्मोन इंजेक्शन या दवाएं न दें। सही समय पर सही देखभाल, संतुलित भोजन और स्वस्थ दिनचर्या ही बच्चे के बेहतर शारीरिक विकास की सबसे मजबूत नींव होती है।