बरसात का मौसम शुरू होते ही कई इलाकों में मेंढक दिखाई देने लगते हैं। खेतों, बगीचों और तालाबों के आसपास तो इनका होना सामान्य बात है, लेकिन कई बार ये घर के आंगन, गार्डन, बरामदे या यहां तक कि मुख्य दरवाजे तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में लोग इन्हें भगाने के लिए तरह-तरह के घरेलू उपाय अपनाते हैं।
हालांकि यह समझना जरूरी है कि मेंढक पर्यावरण के लिए फायदेमंद जीव हैं। ये मच्छरों और दूसरे कीड़ों की संख्या कम करने में मदद करते हैं। इसलिए इन्हें नुकसान पहुंचाने के बजाय सिर्फ घर से दूर रखने के सुरक्षित और मानवीय तरीके अपनाने चाहिए। आइए जानते हैं कि किन आसान उपायों से मेंढकों को घर के आसपास आने से रोका जा सकता है।
सबसे पहले समझिए कि मेंढक घर के पास क्यों आते हैं?
मेंढकों को नमी वाली जगह सबसे ज्यादा पसंद होती है। अगर आपके घर के आसपास पानी जमा रहता है, घास बहुत बड़ी हो गई है या झाड़ियों का ढेर है, तो वहां मेंढकों के छिपने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा रात में जलने वाली तेज लाइटें भी एक वजह बन सकती हैं। दरअसल, रोशनी की वजह से कीड़े-मकोड़े इकट्ठा होते हैं और मेंढक उन्हीं कीड़ों को खाने के लिए वहां पहुंच जाते हैं। इसलिए सिर्फ मेंढकों को भगाना काफी नहीं है, बल्कि उनके आने की वजह भी खत्म करनी होगी।
नमक का इस्तेमाल कैसे किया जाता है?
कई लोग घर के दरवाजे, गेट या उन जगहों पर थोड़ा-सा नमक छिड़कने की सलाह देते हैं, जहां से मेंढक अंदर आते हैं। माना जाता है कि नमक की वजह से मेंढक उस रास्ते से आने से बचते हैं। लेकिन यहां एक बात का खास ध्यान रखना जरूरी है। मेंढकों की त्वचा बेहद संवेदनशील होती है। इसलिए उन पर सीधे नमक डालना या उन्हें नुकसान पहुंचाने के लिए नमक का इस्तेमाल करना सही नहीं है। अगर नमक का प्रयोग करना हो तो बहुत सीमित मात्रा में केवल रास्ते के किनारों पर करें और ऐसा कोई तरीका न अपनाएं जिससे जीव को नुकसान पहुंचे।
घर के आसपास पानी जमा न होने दें
अगर आपके घर के बाहर गमलों की ट्रे, पुराने टायर, बाल्टी या किसी दूसरी जगह पर पानी जमा रहता है, तो उसे तुरंत खाली कर दें। मेंढकों को नमी पसंद होती है और कई प्रजातियां वहीं अंडे भी देती हैं। अगर आसपास सूखा वातावरण रहेगा तो उनके वहां रुकने की संभावना भी कम हो जाएगी। यही वजह है कि विशेषज्ञ भी सबसे पहले पानी जमा होने से रोकने की सलाह देते हैं।
झाड़ियां और घास की नियमित सफाई करें
घनी झाड़ियां, सूखे पत्तों का ढेर और लंबी घास मेंढकों के लिए छिपने की अच्छी जगह बन जाती है। अगर आप समय-समय पर गार्डन की सफाई करते रहेंगे, घास काटेंगे और बेकार का कचरा हटाएंगे, तो मेंढकों को वहां रहने की जगह नहीं मिलेगी। इससे वे अपने आप दूसरी जगह चले जाएंगे।
रात में जरूरत न हो तो बाहर की लाइट बंद रखें
यह सुनकर आपको हैरानी हो सकती है, लेकिन मेंढक सीधे रोशनी से नहीं बल्कि रोशनी की वजह से आने वाले कीड़ों से आकर्षित होते हैं। अगर रातभर बाहर की लाइट जलती रहती है, तो उसके आसपास बड़ी संख्या में कीड़े जमा हो जाते हैं। यही कीड़े मेंढकों का भोजन होते हैं। इसलिए जरूरत न होने पर बाहर की लाइट बंद रखने से भी मेंढकों की आवाजाही कम हो सकती है।
दरवाजे और खिड़कियों की छोटी दरारें बंद करें
कई बार मेंढक छोटी-छोटी जगहों से भी घर के अंदर घुस जाते हैं। अगर दरवाजे के नीचे ज्यादा गैप है या खिड़कियों के आसपास खुली जगह है, तो उसे सील कर देना चाहिए। इसके अलावा जाली वाले दरवाजे और खिड़कियां भी काफी मददगार साबित हो सकते हैं। इससे न सिर्फ मेंढक, बल्कि दूसरे कीड़े-मकोड़े भी घर के अंदर नहीं आएंगे।
सिरका या दूसरे घरेलू उपाय अपनाने से पहले रखें सावधानी
इंटरनेट पर सिरका, कॉफी पाउडर या दूसरे घरेलू उपायों की भी काफी चर्चा होती है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे उपायों का इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए, क्योंकि कुछ चीजें मेंढकों की त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। अगर किसी घरेलू उपाय को अपनाना ही है, तो उसे सीधे जीव पर इस्तेमाल करने की बजाय केवल आसपास के क्षेत्र तक सीमित रखें और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले तरीकों से बचें।
मेंढक भी पर्यावरण के लिए जरूरी
कई लोग मेंढकों को देखकर डर जाते हैं, लेकिन वास्तव में ये खेती और पर्यावरण दोनों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। ये बड़ी संख्या में मच्छर, मक्खियां और दूसरे छोटे कीड़े खाते हैं, जिससे प्राकृतिक संतुलन बना रहता है। इसी वजह से विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अगर मेंढक घर के अंदर नहीं आ रहे हैं और सिर्फ गार्डन या खुले इलाके में हैं, तो उन्हें नुकसान पहुंचाने की बजाय उनके प्राकृतिक आवास में रहने देना बेहतर है।
कब लेनी चाहिए विशेषज्ञ की मदद?
अगर आपके घर के आसपास असामान्य रूप से बहुत ज्यादा मेंढक दिखाई दे रहे हैं या वे लगातार घर के अंदर आने लगे हैं, तो पहले यह पता लगाने की कोशिश करें कि इसकी वजह क्या है। कई बार आसपास पानी जमा होना, ड्रेनेज की समस्या या किसी जल स्रोत का होना इसका कारण हो सकता है। जरूरत पड़ने पर स्थानीय नगर निकाय या पेस्ट मैनेजमेंट विशेषज्ञ से सलाह ली जा सकती है। हालांकि सामान्य स्थिति में पर्यावरण-अनुकूल तरीके अपनाना ही सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है।
हमारी राय
बरसात में मेंढकों का दिखाई देना पूरी तरह सामान्य है, क्योंकि यही उनका सक्रिय मौसम होता है। ऐसे में घबराने या उन्हें नुकसान पहुंचाने की जरूरत नहीं है। अगर वे घर के आसपास ज्यादा आने लगे हैं, तो सबसे पहले नमी कम करें, पानी जमा न होने दें, घास और झाड़ियों की सफाई रखें और बाहर की अनावश्यक लाइट बंद करें।
जहां तक नमक जैसे घरेलू उपायों की बात है, उनका इस्तेमाल बहुत सावधानी से और सीमित रूप में ही करना चाहिए ताकि किसी जीव को नुकसान न पहुंचे। याद रखें, मेंढक प्रकृति के संतुलन का अहम हिस्सा हैं। इसलिए उन्हें मारने के बजाय सुरक्षित तरीके से घर से दूर रखना ही सबसे समझदारी भरा उपाय है।









